मेनरेजिया
महिलाओं को जब पीरियड्स के दौरान 7 या फिर इससे अधिक दिनों तक ब्लीडिंग होती है, जो अक्सर शरीर से काफी ज्यादा खून निकल जाता है। इस स्थिति को मेनरेजिया कहा जाता है। अक्सर महिलाएं अपनी इस स्थिति को किसी से भी नहीं शेयर करती हैं, जिसकी वजह से उन्हें एनीमिया जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
एंडोमेट्रियासोसिस
महिलाओं को होने वाली यह बीमारी काफी ज्यादा दर्दनाक होती है। इस स्थिति में महिलाओं के गर्भाशय की रेखाएं अंदर बढ़ने के बजाय बाहर की ओर बढ़ने लगती हैं, जो गर्भाशय की नलियों और अंडाशय जैसे अन्य अंगों में विकसित होने लगती हैं। इस तरह की परेशानियों को महिलाएं चुपचाप झेल जाती हैं, लेकिन लोगों से शेयर करने में झिझक महसूस करती हैं।
यूट्राइन फाएब्रॉएड
महिलाओं में होने वाली यूट्राइन फाएब्रॉएड काफी कॉमन बीमारी है। इसकी वजह से गर्भाशय में ट्यूमर पनपने लगता है। हालांकि, यह गैस-कैंसरजन्य वृद्धि होती है। लेकिन इसके कारण महिलाओं को कई तरह की परेशानियों जैसे- हार्मोन का अंतुलन होना, पीरियड्स अनिमियमतता इत्यादि झेलनी पड़ती है।
डिप्रेशन
आधुनिक समय में कई महिलाएं अपने बढ़ते कामकाज की वजह से डिप्रेशन से जूझ रही हैं। इसका कारण कई महिलाएं अपने शारीरिक और मानसिक स्थितियों को लेकर अपने आसपास के लोगों से बात नहीं कर पाती है, जो धीरे-धीरे डिप्रेशन का कारण बन सकती है। बढ़ता डिप्रेशर शरीर में कई अन्य परेशानियों को जन्म दे सकता है।
ब्रेस्ट कैंसर
ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं को होने वाली सबसे कॉमन कैंसर है। इसकी वजह से ब्रेस्ट के सेल्स असामान्य रूप से ग्रो करने लग जाते हैं। कई बार महिलाएं अपने ब्रेस्ट से जुड़ी परेशानियों को शेयर नहीं कर पाती हैं, जिसकी वजह से कैंसर के बारे में आखरी स्टेज पर पता चलता है।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
