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ब्रेन इंजरी के ये संकेत न करें नजरअंदाज, जानें कब मामला बन सकता है गंभीर

Brain Injury Symptoms: सिर पर चोट लगने के बाद हर लक्षण को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। तेज सिरदर्द, उल्टी, चक्कर या बेहोशी जैसे संकेत दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

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ब्रेन इंजरी के संकेत

Brain Injury Symptoms: पूर्व पेशेवर मुक्केबाज प्रिचार्ड कॉलोन की कहानी खेल की दुनिया का एक ऐसा दर्दनाक अध्याय है, जिसे भूल पाना तकरीबन नामुमकिन है। रिंग में एक मुकाबले के दौरान लगी गंभीर ब्रेन इंजरी (Brain Injury) ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल कर रख दिया था। कभी बॉक्सिंग रिंग में अपने दमदार खेल के लिए पहचाने जाने वाले प्रिचार्ड को चोट के बाद लंबे समय तक गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना पड़ा था। अब 33 साल की उम्र में उनका निधन हो गया है। साल 2015 में टेरल विलियम्स के खिलाफ मुकाबले के दौरान उन्हें सिर में गंभीर चोट लगी थी, जिसके बाद उनकी हालत बेहद नाजुक हो गई थी। इस घटना ने मस्तिष्क की गंभीर चोट को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज कर दी है।

मस्तिष्क में रक्तस्राव या खून का थक्का बेहद गंभीर स्थिति हो सकती है। खोपड़ी के अंदर जगह सीमित होती है और वहां रक्तस्राव या सूजन बढ़ने पर मस्तिष्क पर दबाव पड़ सकता है। यही वजह है कि सिर में गंभीर चोट लगने के बाद तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी माना जाता है। थोड़ी सी लापरवाही आपको बड़े खतरे में डाल सकती है।

सिर की चोट के कौन से लक्षण हैं खतरनाक

सिर पर चोट लगने के बाद कुछ लक्षण तुरंत दिखाई दे सकते हैं, जबकि कुछ लक्षण समय बीतने के साथ सामने आते हैं। लगातार या बढ़ता हुआ सिरदर्द, चक्कर आना, उलझन, बोलने या समझने में परेशानी, बार-बार उल्टी, अत्यधिक नींद आना, याददाश्त में बदलाव और बेहोशी जैसे संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए। अगर चोट के बाद व्यक्ति की हालत बिगड़ रही हो या वह सामान्य तरीके से प्रतिक्रिया न दे रहा हो, तो देरी किए बिना चिकित्सकीय मदद लेना जरूरी है।

क्या होती है Traumatic Brain Injury

Traumatic Brain Injury यानी TBI ऐसी स्थिति है, जिसमें सिर पर चोट, तेज झटका या अचानक सिर के हिलने से मस्तिष्क के सामान्य कामकाज पर असर पड़ता है। यह चोट हल्की भी हो सकती है और बेहद गंभीर भी। मुक्केबाजी जैसे खेलों में खिलाड़ी को बार-बार सिर पर चोट लगने का खतरा रहता है। तेज मुक्के के कारण मस्तिष्क खोपड़ी के अंदर तेजी से हिल सकता है। इससे मस्तिष्क के ऊतकों को नुकसान, रक्तस्राव या सूजन जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

221 दिन तक कोमा में रहे थे प्रिचार्ड

बता दें कि इस हादसे के बाद प्रिचार्ड की जिंदगी पहले जैसी नहीं रही। वह करीब 221 दिनों तक कोमा में रहे। जब उन्हें होश आया, तब भी उनकी मुश्किलें खत्म नहीं हुईं। मस्तिष्क में लगी गंभीर चोट के कारण उन्हें लंबे समय तक न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का सामना करना पड़ा। उनकी रोजमर्रा की जिंदगी काफी हद तक दूसरों की मदद पर निर्भर हो गई। परिवार ने भी उनकी देखभाल के लिए लगातार संघर्ष किया।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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