Turmeric for Piles : पाइल्स यानी बवासीर एक ऐसी समस्या है, जिसकी वजह से गुदे या मलाशय द्वार में सूजन और गांठ हो जाती है। इस परेशानी से ग्रसित व्यक्तियों को काफी ज्यादा दर्द का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही मल त्यागने के दौरान काफी ज्यादा परेशानी होती है। ऐसे में बवासीर का समय पर इलाज बहुत ही जरूरी है। अगर आप बवासीर के ग्रसित हैं, तो अपना इलाज कराएं। इसके साथ ही नैचुरल उपायों की मदद से बवासीर की परेशानी का इलाज किया जा सकता है। आज हम आपको इस लेख में हल्दी से बवासीर का इलाज के बारे में बताएंगे। आइए जानते हैं हल्दी से कैसे करें बवासीर की परेशानी का इलाज?
बवासीर के मरीजों के लिए हल्दी क्यों है रामबाण?
हल्दी में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल, एंटी-ऑक्सीडेंट् और एंटी-इफ्लेमेटरी गुण भरपूर रूप से मौजूद होता है, जो बवासीर में होने वाली सूजन और घाव को कम करने में प्रभावी हो सकता है।
पाइल्स में हल्दी का कैसे करें प्रयोग?
पाइल्स के पेशेंट्स को हल्दी का इस्तेमाल इस तरह करना चाहिए-
एलोवेरा और हल्दी
एलोवेरा और हल्दी का मिश्रण बवासीर की परेशानी को दूर कर सकता है। इसके लिए 1 चम्मच हल्दी में 1 चम्मच एलोवेरा जेल मिक्स करें। अब इसे प्रभावित हिस्से पर लगाकर करीब 20 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद गुनगुने पानी से इसे साफ कर लें। इससे सूजन और दर्द कम हो सकता है।
हल्दी और शहद
हल्दी और शहद का मिश्रण बवासीर में होने वाली सूजन को कम करने में प्रभावी हो सकता है। इसके लिए 1 चम्मच हल्दी और 1 चम्मच शहद मिक्स करें। अब इस लेप को प्रभावित हिस्से पर लगाकर 10 मिनट के लिए छोड़ दें। बाद में गुनगुने पानी से इसे धो लें। इससे बवासीर की परेशानियों को कम किया जा सकता है।
हल्दी और चंदन का लेप
बवासीर की समस्याओं को दूर करने के लिए हल्दी और चंदन का लेप लगा सकते हैं। इसके लिए हल्दी और चंदन को मिक्स कर लें। इसमें थोड़ा आप गुलाबजल भी मिक्स कर सकते हैं। इसके बाद इस लेप को अपने प्रभावित हिस्से पर लगाकर कुछ समय के लिए छोड़ दें। इसके बाद गुनगुने पानी से इसे साफ कर लें।
हल्दी बवासीर रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकती है। हालांकि, ध्यान रखें कि इसका प्रयोग करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
