IB Board Facts in Hindi: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई की नई मार्किंग स्कीम और थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर बड़ा विवाद हुआ। इस बीच इंटरनेशनल बैकलॉरिएट बोर्ड यानी आईबी बोर्ड की खूब चर्चा हुई। देश में स्कूल शिक्षा के लिए सबसे अधिक चर्चा CBSE और ICSE बोर्ड की होती है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में आईबी बोर्ड भी तेजी से लोकप्रिय हुआ है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आईबी बोर्ड क्या है, यह बाकी बोर्ड से कैसे अलग है और क्या आईबी के छात्र दे सकते हैं NEET, JEE और CUET?
क्या है IB बोर्ड?
IB यानी इंटरनेशनल बैकलॉरिएट एक इंटरनेशनल एजुकेशन सिस्टम है, जिसकी स्थापना 1968 में हुई थी। इसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड के जिनेवा में है। यह बोर्ड रिसर्च, क्रिटिकल थिंकिंग, प्रोजेक्ट आधारित लर्निंग और प्रैक्टिकल स्किल्स को लेकर काफी फेमस है। खासबात ये है कि IB में छात्रों का मूल्यांकन केवल अंतिम परीक्षा से नहीं, बल्कि पूरे शैक्षणिक वर्ष के दौरान असाइनमेंट, प्रोजेक्ट, प्रेजेंटेशन और इंटरनल असेसमेंट के आधार पर भी किया जाता है।
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CBSE और ICSE से कितना अलग?
CBSE का फोकस राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम और प्रतियोगी परीक्षाओं पर रहता है। वहीं ICSE में भाषा और विस्तृत विषय अध्ययन पर अधिक जोर दिया जाता है। दूसरी ओर IB बोर्ड अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम अपनाता है, जिसमें छात्रों की विश्लेषण क्षमता, समस्या समाधान और वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है। आईबी बोर्ड 3 से 19 साल तक के छात्रों के लिए चार तरह के प्रोग्राम चलाता है।
- पीवाईपी (PYP - Primary Years Programme): 3 से 12 वर्ष के बच्चों के लिए।
- एमवाईपी (MYP - Middle Years Programme): 11 से 16 वर्ष के छात्रों के लिए।
- डीपी (DP - Diploma Programme): 16 से 19 वर्ष (11वीं और 12वीं) के छात्रों के लिए।
- सीपी (CP - Career-related Programme): 16 से 19 वर्ष के छात्रों के लिए व्यावसायिक शिक्षा पर आधारित।
क्या IB बोर्ड के छात्र NEET, JEE और CUET दे सकते हैं?
IB बोर्ड के छात्र नीट, जेईई और सीयूईटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, उन्हें संबंधित परीक्षा की पात्रता शर्तों को पूरा करना होता है। NEET के लिए 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और अंग्रेजी विषय होने चाहिए। वहीं JEE के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री और गणित अनिवार्य हैं। भारत में IB की 12वीं की योग्यता को Association of Indian Universities (AIU) समकक्ष मान्यता प्रदान करता है। इसलिए पात्रता पूरी होने पर IB के छात्र भारतीय विश्वविद्यालयों और इंजीनियरिंग तथा मेडिकल संस्थानों में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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