हेल्थ

सर्दियों में रोज करें सूर्यनमस्कार का ये खास आसन, सेहत को मिलेंगे एक-दो नहीं अनेकों लाभ

Yoga For Winters : सर्दियों के दिनों में रोजाना योगासन करने की सलाह आपको दी जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कौन सा योगासन आपके लिए असरदार होगा। आज हम आपको सूर्य नमस्कार के आसनों में शामिल अश्वसंचालन के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में...

Image

Yoga for Winters

Yoga For Winters : शारीरिक और मानसिक समस्याओं का समाधान योगासन में छिपा है। फिर बात सर्दियों में होने वाली तकलीफों की हो तो आसनों को इग्नोर नहीं किया जा सकता है। ऐसे ही एक आसन का नाम है अश्वसंचालनासन, जिसके अभ्यास से कई समस्याओं की छुट्टी की जा सकती है। सर्दियों का मौसम आते ही जोड़ों में दर्द, पीठ में जकड़न और शरीर में ठंड लगने की शिकायत आम हो जाती है। ऐसे में रोजाना अश्वसंचालनासन के अभ्यास से इन समस्याओं से काफी राहत मिलती है। मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा भी इस आसन को सर्दियों में विशेष रूप से उपयोगी बताता है।

अश्वसंचालनासन को हाई लंग पोज भी कहते हैं। यह एक ऐसा आसन है जिसमें शरीर घोड़े की तरह आगे-पीछे खिंचता है, इसलिए इसे अश्व (घोड़ा) संचालनासन कहते हैं।

कैसे करें अश्वसंचालनासन?

अश्वसंचालनासन करने का तरीका भी सरल है। इसके लिए सबसे पहले वज्रासन मुद्रा में बैठ जाएं। दाहिना पैर आगे की ओर बढ़ाएं और घुटने को 90 डिग्री पर मोड़ें। इस दौरान दोनों हाथ कमर पर रखें या नमस्ते की मुद्रा में सीने के पास लाएं। पीठ एकदम सीधी रखें, नजर सामने की ओर और गहरी सांस लें, छोड़ें। इस मुद्रा में 1 से 2 मिनट तक रहना चाहिए।

अश्वसंचालनासन के फायदे

अश्वसंचालानासन का यूं तो रोजाना अभ्यास फायदेमंद होता है, लेकिन ठंड के मौसम में यह खास फायदा देता है। यह पीठ के निचले हिस्से और जांघों की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। घुटनों, टखनों और अकिलिस टेंडन (एड़ी की नस) में लचीलापन बढ़ाने में मदद करता है। ठंड से जकड़े हुए जोड़ खुलते हैं और दर्द में राहत मिलती है। शरीर का संतुलन बेहतर होता है।

रीढ़ की हड्डी लचीली बनती है, कमर दर्द दूर होता है। शरीर का स्वाधिष्ठान चक्र सक्रिय होता है, जिससे शरीर में गर्मी और ऊर्जा बढ़ती है। तनाव भी कम होता है।

सावधानी

योग एक्सपर्ट बताते हैं कि इस आसन का अभ्यास सुबह खाली पेट करना चाहिए। यह आसन करने से सर्दी के मौसम में शरीर गर्म रहता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। हालांकि, प्रेग्नेंट महिलाओं और घुटनों में गंभीर समस्या वाले लोगों को डॉक्टर या योग ट्रेनर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

इनपुट - आईएएनएस

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

और पढ़ें
End of Article