हेल्थ

बढ़ती उम्र के साथ नहीं परेशान करेंगे बुढ़ापे के लक्षण, आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताया जवानी बनाए रखने का आसान तरीका

Ayurvedic Tips To Delay Aging In Hindi: अगर आप भी चाहते हैं कि बुढ़ापे के लक्षण जल्दी न दिखें और उम्र के साथ भी जवानी बनी रहे, तो डॉ. दीक्षा भावसार की ये आयुर्वेदिक टिप्स जरूर अपनाएं। ये टिप्स आसान हैं, घरेलू हैं और लंबे समय तक हेल्दी रहने में मदद करते हैं। चलिए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं...

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Ayurvedic Tips To Delay Aging In Hindi

Ayurvedic Tips To Delay Aging In Hindi: आजकल बहुत से लोग कम उम्र में ही थकान, झुर्रियां, बाल झड़ना और नींद की दिक्कत जैसी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। 30-35 की उम्र में ही लोग खुद को बूढ़ा महसूस करने लगते हैं। लेकिन आयुर्वेद कहता है कि अगर आप अपनी डेली लाइफ में कुछ छोटे-छोटे बदलाव कर लें, तो ना सिर्फ बढ़ती उम्र की रफ्तार को धीमा किया जा सकता है, बल्कि लंबे वक्त तक जवान और एनर्जेटिक भी रहा जा सकता है। इंस्टाग्राम पर लाखों लोगों को हेल्थ टिप्स देने वाली आयुर्वेदिक डॉक्टर दीक्षा भावसार (BAMS) ने कुछ बेहद आसान आदतों के बारे में बताया है, जिन्हें अगर आप फॉलो करें, तो उम्र सिर्फ एक नंबर रह जाएगी।

1. रोज एक चम्मच चाय लें

अगर आपकी पाचन शक्ति अच्छी है तो रोज़ एक चम्मच चाय (देसी मसालों वाली) लेने से शरीर में एंटीऑक्सिडेंट्स बढ़ते हैं, जो सेल्स को डैमेज होने से बचाते हैं। इससे त्वचा हेल्दी दिखती है और एजिंग के लक्षण धीरे-धीरे कम होते हैं।

2. हर दिन थोड़ा चलना जरूरी है

डॉ. दीक्षा कहती हैं कि अगर आप रोजाना 7 से 10 हजार कदम चलें (हफ्ते में कम से कम 5 दिन), तो शरीर एक्टिव रहता है और एजिंग की प्रक्रिया धीमी होती है। ऑफिस में बैठने का काम है तो शाम को टहलने जरूर जाएं।

3. जल्दी और हल्का डिनर करें

हो सके तो सूर्यास्त से पहले डिनर कर लें। अगर ऐसा न हो पाए, तो सूर्यास्त के एक घंटे के अंदर हल्का खाना खा लें। इससे पेट सही रहता है, नींद अच्छी आती है और त्वचा पर भी अच्छा असर पड़ता है।

4. नींद की क्वालिटी पर दें ध्यान

कम नींद या बार-बार नींद टूटने से शरीर थका हुआ लगता है और उम्र जल्दी दिखने लगती है। इसलिए कम से कम 6-7 घंटे की गहरी नींद लें। अच्छी नींद से स्किन भी फ्रेश दिखती है और मूड भी बेहतर रहता है।

5. मौसम के हिसाब से खाएं और एक्सरसाइज करें

डॉ. दीक्षा कहती हैं कि जैसे-जैसे मौसम बदलता है, वैसे ही खाने और एक्सरसाइज का तरीका भी बदलना चाहिए। गर्मियों में हल्का खाना और एक्सरसाइज, सर्दियों में थोड़ा भारी खाना और ज्यादा वर्कआउट, वहीं बरसात में हल्का-फुल्का सब कुछ। इससे शरीर का नेचुरल बैलेंस बना रहता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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