हेल्थ

भोजन के बाद अपनाएं आयुर्वेद के ये 3 नियम, डाइजेशन नहीं होगा खराब, एक्सपर्ट ने बताया गट हेल्थ के लिए जरूरी

Ayurvedic Post Meal Rituals: क्या आपको भी खाना खाने के बाद गैस, ब्लोटिंग और एसिडिटी जैसी समस्याएं परेशान करती है? तो आयुर्वेदिक में बताए गए ये 3 आसान पोस्ट-मील नियम पाचन को बेहतर बनाने और गट हेल्थ को सपोर्ट करने में मदद कर सकते हैं।

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डाइजेशन को बेहतर बनाने के लिए आयुर्वेद के 3 नियम

Ayurvedic Post Meal Rituals: आजकल बहुत से लोग खाना खाने के बाद पेट फूलना, गैस बनना, खट्टी डकारें आना, भारीपन महसूस होना या कब्ज जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं। अक्सर हम सोचते हैं कि इसकी वजह सिर्फ हमारा खाना है, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता। हेल्थ इंफ्लुएंसर और आयुर्वेदिक डॉक्टर डॉ. दीक्षा भवसार सावलिया के मुताबिक, खाने के बाद हमारी छोटी-छोटी आदतें भी पाचन को काफी प्रभावित करती हैं। अगर भोजन के बाद कुछ आसान नियमों को रोजाना अपनाया जाए, तो पेट से जुड़ी कई परेशानियों से राहत मिल सकती है। अच्छी बात यह है कि इसके लिए किसी महंगी दवा की जरूरत नहीं पड़ती। आइए जानते हैं ऐसे 3 आसान आयुर्वेदिक नियम, जो पेट और गट हेल्थ (healthy digestion) को बेहतर रखने में मदद कर सकते हैं।

खाने के बाद सौंफ चबाने की आदत डालें

भारतीय घरों में खाना खाने के बाद सौंफ खाने की परंपरा काफी पुरानी है। डॉ. दीक्षा के अनुसार, भोजन के बाद एक चम्मच भुनी हुई सौंफ चबाने से पेट को आराम मिल सकता है। सौंफ गैस और पेट फूलने जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करती है। साथ ही मुंह की बदबू दूर करने में भी सहायक मानी जाती है।

10 मिनट वज्रासन में बैठें

खाने के बाद तुरंत लेटने या सोफे पर बैठने के बजाय 10 मिनट वज्रासन में बैठना फायदेमंद हो सकता है। डॉ. दीक्षा बताती हैं कि यह एक ऐसा योगासन है जिसे भोजन के बाद भी किया जा सकता है। इससे खाना आसानी से पचने में मदद मिलती है और पेट में भारीपन कम महसूस हो सकता है।

इसके बाद थोड़ी देर टहलना भी जरूरी

वज्रासन के बाद करीब 10 मिनट की हल्की वॉक करना भी एक अच्छी आदत है। खाना खाने के बाद धीरे-धीरे टहलने से शरीर में सुस्ती कम होती है और पेट भी हल्का महसूस होता है। ध्यान रखें कि भोजन के तुरंत बाद तेज दौड़ना या भारी एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए।

एक घंटे बाद पिएं CCF टी

डॉ. दीक्षा गट हेल्थ के लिए CCF Tea पीने की सलाह देती हैं। यह जीरा, धनिया और सौंफ से तैयार की जाती है। इसके लिए एक-एक चम्मच जीरा, धनिया और सौंफ को एक गिलास पानी में उबालें। जब पानी आधा रह जाए तो इसे छानकर गुनगुना पिएं। इसे भोजन के लगभग एक घंटे बाद लिया जा सकता है।

छोटी आदतें देती हैं बड़ा फायदा

डॉ. दीक्षा भवसार सावलिया का कहना है कि अच्छा पाचन किसी एक चमत्कारी दवा से नहीं बनता। रोजाना अपनाई गई छोटी और अच्छी आदतें ही लंबे समय तक पेट को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं। इसलिए अगर आप भी बार-बार गैस, कब्ज या पेट फूलने की समस्या से परेशान रहते हैं, तो भोजन के बाद इन आसान नियमों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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