why Not to Give Tea And Coffee To Children : क्या आप भी अपने दिन की शुरुआत चाय या कॉफी से करते हैं? लगभग 99 प्रतिशत लोग सुबह की शुरुआत चाय या कॉफी से करते हैं, लेकिन आपको बता दें कैफीन स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसानदायक होता है। अक्सर माता पिता सुबह होते ही बच्चों को चाय देने के बजाए एक गिलास दूध पकड़ा देते हैं। चाय में कैफीन नामक तत्व पाया जाता है, जो बच्चों के ह्रदय, किडनी और मस्तिष्क के लिए हानिकारक होता है।
चाय की पत्तियों, कोको बीन्स, कॉफी बीन्स, ग्वारना और कोला नट्स में कैफीन की अधिक मात्रा पाई जाती है। इसके अलावा लोग इसे आइसक्रीम प्रोटीन शेक व कई तरह के खाद्य पदार्थों में मिलाकर पीते हैं। एक अध्ययन के अनुसार कैफीन दुनिया में सबसे अधिक सेवन किया जाने वाला साइकोस्टिमुलेंट पदार्थ है यानी यह पाचनक्रिया के कार्य को बढ़ाता है। हाल ही में स्वास्थ्य और नियामक अधिकारियों द्वारा जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक यह गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं, बच्चों, युवाओं और ह्रदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होता है।
आपने एक ऑस्ट्रेलियाई सिंगर के बारे में सुना होगा, जिसकी लगतार प्रोटीन शेक में कैफीन पाउडर मिलाकर पीने से मौत हो गई। वहीं यूके के दैनिक द सन की एक रिपोर्ट के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स में एक 22 वर्षीय युवक की अपने जन्मदिन से एक दिन पहले ब्लैक आउट होने से जान चली गई थी। बता दें उसका एक चम्मच कैफीन पाउडर लगभग 50 कप कॉफी के बराबर था। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने यूके के लछलन फूटे का हवाला देते हुए बताया कि लगातार अधिक मात्रा में कैफीन का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होता है।
यूएस न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक कैफीन का सेवन करने से बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, बच्चों को चाय या कैफीन देने से आपको बचना चाहिए।
बच्चों को कैफीन का सेवन क्यों नहीं करना चाहिए
1. मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कैफीन का अधिक मात्रा में सेवन मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होता है। यह मस्तिष्क सहित शरीर के मुख्य अंगों को प्रभावित करता है। अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से घबराहट होती है और शरीर थरथराने लगता है।
2. ह्रदय स्वास्थ्य और ब्लड प्रेशर
बाल रोग में प्रकाशित 2014 के एक अन्य अध्ययन में 8 से 9 वर्ष की आयु के बच्चों और 15 से 17 वर्ष की आयु के बच्चों में कैफीन के सेवन के प्रभावों का अध्ययन किया गया। अध्ययन में शामिल सभी बच्चों और किशोरों ने कैफीन का सेवन करने से घबराहट महसूस किया। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों की ह्रदय गति धीरे हो गई और ब्लड प्रेशर हाई हो गया।
3. पाचनतंत्र में गड़बड़ी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कैफीन का अधिक मात्रा में सेवन करने से पाचनतंत्र में गड़बड़ी हो सकती है। जो बच्चा अधिक मात्रा में कैफीन का सेवन करता है उसे मतली, उल्टी, दस्त का अनुभव हो सकता है।
4. बेचैनी होना
अधिक मात्रा में कैफीन का सेवन करने से बेचैनी महसूस हो सकती है और नींद ज्यादा आती है। जिन बच्चों के खाद्य पदार्थों में कैफीन की मात्रा अधिक थी, उनमें सोने और ध्यान केंद्रित करने में समस्याएं पाई गई। साथ ही ऐसे बच्चों में चेहरा लाल हो जाना, बेचैनी, बार बार पेशाब आना आदि समस्याएं पाई गई। ऐसे में भूलकर भी अपने आहार में कैफीन की मात्रा शामिल ना करें।
5. बच्चों को ना दें चाय कॉफी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों को चाय या कॉफी नहीं देना चाहिए। अमेरिका में बाल रोग पत्रिका द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 73 प्रतिशत बच्चे एक दिन में कैफीन का सेवन करते हैं, इनमें से अधिकांश कैफीन सोडा से आता है। चाय को आमतौर पर बच्चों के लिए असुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इसमें कैफीन की मात्रा अधिक होती है।

