Cancer Facts for Women: कैंसर एक खतरनाक और जानलेवा बीमारी है। वैसे तो ये समस्या पुरुषों और महिलाओं दोनों में ही होती है। एक सर्वे के मुताबिक कैंसर के मरीजों में 50 प्रतिशत संख्या महिलाओं की होती है। हालांकि, कैंसर को लक्षणों को सही समय पर पहचानकर इस बीमारी का इलाज संभव है। इलाज के साथ-साथ ही यदि खान-पान पर भी खास ध्यान दिया जाए, तो कैंसर से ठीक होने के अवसर उतने ही बढ़ जाते हैं। आज इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं कैंसर के लक्षणों, प्रकारों और कैंसर से बचाव के कुछ तरीकों के बारे में, चलिए जानते हैं-
महिलाओं में कैंसर के कारण
- कुछ मामलों में कैंसर आनुवांशिक होते हैं
- खराब खानपान और गलत लाइफस्टाइल
- अल्कोहल और धूम्रपान का सेवन
- पीरयड्स का जल्दी शुरू हो जाना
- वायु और खराब पानी का सेवन
- मेनॉपॉज का देरी से होना
महिलाएं ऐसे पहचान कैंसर के लक्षण
ब्रेस्ट कैंसर
महिलाओं में सबसे ज्यादा होने वाला कैंसर होता है ब्रेस्ट कैंसर। इस कैंसर के होने पर ब्रेस्ट साइज में बदलाव, ब्रेस्ट में गांठ जैसे दिखाई देते हैं।
यूट्रस कैंसर
एक सप्ताह से ज्यादा पीरियड्स, शारीरिक संबंधों के बाद ब्लीडिंग और पीरियड्स के बीच में स्पॉटिंग यूट्रस या सर्वाइकल कैंसर के लक्षण हो सके हैं।
कोलोरेक्टल कैंसर
ये महिलाओं में होने वाला सबसे ज्यादा खतरनाक कैंसर है। ये बड़ी आंत में होता है, इससे कब्ज, डायरिया जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
गर्भाशय ग्रीवा कैंसर
महिलाओं में होने वाला ये कैंसर भी बहुत आम है। इस कैंसर में पैल्विक दर्द, योनि से बदबूदार डिस्चार्च, पीरियड से पहले और बाद में ब्लीडिंग और शारीरिक संबंधों के दौरान परेशानी होना।
डिम्बग्रंथि कैंसर
इस कैंसर में पेट का फूलना, अनियमित मल त्याग, अचानक वजन घटना जैसे लक्षण हो सकते हैं।
कैसे करें बचाव?
कैंसर जैसी खतरनाक समस्या से बचने के लिए अल्कोहल, धू्म्रपान और खराब खान-पान से दूर रहें। इसके साथ ही नियमित रूप से व्यायम करें, पौष्टिक आहार ग्रहण करें।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

