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मक्का में पहली बार एयर-रेड अलर्ट क्यों? हूती विद्रोहियों के हमलों से दुनिया के तेल कारोबार पर कितना बड़ा खतरा?

सऊदी अरब ने मक्का में पहली बार हवाई हमले के खतरे का अलर्ट जारी किया है। सऊदी सिविल डिफेंस ने मक्का के अलावा जेद्दा और ताइफ में भी खतरे के अलर्ट जारी किए। आखिर क्या रही वजह....

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मक्का निशाने पर क्यों?

Photo : AP

सऊदी अरब के इतिहास में पहली बार इस्लाम के सबसे पवित्र शहर मक्का (Mecca) में एयर-रेड यानी हवाई खतरे का अलर्ट जारी किया गया है। सऊदी एयर डिफेंस द्वारा यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों (Houthi rebels) के एक ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र के पास मार गिराए जाने के बाद पूरे शहर में इमरजेंसी अलार्म बज उठे। इस घटना ने न सिर्फ मध्य पूर्व के तनाव को एक नए चरम पर पहुंचा दिया है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए भी बड़ा खतरा पैदा कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

सऊदी अरब ने मक्का में पहली बार हवाई हमले के खतरे का अलर्ट जारी किया है। सऊदी सिविल डिफेंस ने मक्का के अलावा जेद्दा और ताइफ में भी खतरे के अलर्ट जारी किए। हालांकि ये अलर्ट कुछ ही समय बाद हटा दिए गए। ये चेतावनियां यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी क्षेत्र में लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच जारी की गईं। सऊदी अरब के मुताबिक मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को इंटरसेप्ट करके मार गिराया गया।

सऊदी प्रवक्ता ने मक्का की सुरक्षा को रेड लाइन बताया और हूतियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। हालांकि हूती पक्ष ने मक्का या किसी धार्मिक स्थल को निशाना बनाने से इनकार किया है, लेकिन उसने सऊदी क्षेत्र में अन्य हमलों की जिम्मेदारी ली है। पिछले कुछ दिनों में सऊदी अरब पर हूतियों के हमलों में तेजी आई है। सैन्य ठिकानों के साथ-साथ तेल और अन्य रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर भी संघर्ष का हिस्सा बन रहे हैं। हूतियों के नियंत्रण वाले यमन के लाल सागर तटीय क्षेत्र और बाल अल मांदेब स्ट्रेट के आसपास की स्थिति सऊदी तेल निर्यात मार्गों के लिए चिंता बढ़ा रही है। हालिया हमले में सऊदी ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने की खबर है। यह पाइपलाइन सऊदी तेल को लाल सगार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण है। लाल सागर और बाब अल मांदेब जैसे अहम शिपिंग रूट्स में रुकावट से ग्लोबल तेल सप्लाई और एनर्जी मार्केट पर असर पड़ सकता है।

मक्का में पहली बार एयर-रेड अलर्ट क्यों?

यमन की सीमा से हूतियों द्वारा सऊदी अरब के पश्चिमी तट और लाल सागर (Red Sea) से सटे इलाकों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे गए। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के अनुसार, मक्का की ओर बढ़ रहे एक विस्फोटक ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। खतरे को देखते हुए 'सऊदी सिविल डिफेंस' ने मक्का, जेद्दा और ताइफ में इमरजेंसी सायरन बजाकर लोगों को घरों के अंदर रहने की हिदायत दी।

सऊदी अरब की सुरक्षा पर कितना बड़ा संकट?

मक्का और मदीना को सऊदी अरब अपनी सुरक्षा की रेड लाइन मानता है। पवित्र शहर के इतने करीब हमला होना रियाद की राष्ट्रीय सुरक्षा और एयर-डिफेंस सिस्टम के लिए एक गंभीर चुनौती है। हूतियों ने सिर्फ मक्का ही नहीं, बल्कि अबहा, खमीस मुशायत, जाजान और यनबू जैसे प्रमुख सऊदी सैन्य व औद्योगिक शहरों पर भारी गोलाबारी की है, जिससे दर्जनों लोग घायल हुए हैं।

यमन तट पर हूतियों का कब्जा

हूतियों ने हाल ही में यमन के पश्चिमी लाल सागर तट और रणनीतिक बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य (Bab al-Mandeb Strait) पर नियंत्रण मजबूत कर लिया है, जिससे वे सीधे सऊदी अरब की पश्चिमी सीमा को निशाना बना पा रहे हैं।

दुनिया के तेल कारोबार पर कितना बड़ा खतरा?

यनबू (Yanbu) तेल पोर्ट पर खतरा मंडरा रहा है। मक्का के पास एयर-रेड अलर्ट के साथ ही सऊदी अरब के मुख्य लाल सागर तेल टर्मिनल यनबू में भी अलर्ट जारी किया गया। यनबू बंदरगाह से रोजाना लाखों बैरल कच्चा तेल वैश्विक बाजारों में भेजा जाता है। वहीं, जारी युद्ध और तनाव के कारण फारस की खाड़ी (Strait of Hormuz) से तेल की सप्लाई पहले से प्रभावित है। अब हूतियों द्वारा बाब अल-मंदेब और लाल सागर मार्ग को बाधित किए जाने से एशिया और यूरोप के बीच तेल और गैस का सबसे बड़ा समुद्री रास्ता लगभग ठप होने की कगार पर है। अगर हूतियों के हमले सऊदी अरब की प्रमुख तेल रिफाइनरियों या पाइपलाइनों को नुकसान पहुंचाते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिससे भारत सहित दुनिया भर में ईंधन महंगा हो सकता है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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