UPI पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू किए जाने के बीच PhonePe के CEO समीर निगम ने इसे पेमेंट इंडस्ट्री के लिए अहम कदम बताया है। उनका कहना है कि भारत में करीब 60 लाख मर्चेंट पहले से ही RuPay Credit Card, Visa और Mastercard transactions पर MDR का भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में कई व्यापारी MDR की व्यवस्था से पहले से परिचित हैं। निगम के मुताबिक, क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर MDR आम तौर पर 1.5% से 2.5% के बीच होता है, जबकि नए UPI ट्रांजैक्शन के लिए MDR सिर्फ 0.4% रखा गया है। उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार 0.4% दुनिया की सबसे कम MDR दरों में से एक है। उनके मुताबिक सरकार ने दर को काफी कम रखा है, ताकि मर्चेंट के लिए इसे अपनाना आसान हो।
₹2,000 से ऊपर के UPI पेमेंट पर ही MDR
समीर निगम ने कहा कि भारत में अब भी ज्यादातर UPI ट्रांजैक्शन ₹2,000 से कम के होते हैं। उनके मुताबिक करीब 96% लेनदेन फ्री रहेंगे, क्योंकि नए MDR का असर मुख्य रूप से बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर पड़ेगा। इसके अलावा पर्सन टू पर्सन भुगतान पहले की ही तरह मुफ्त रखा गया है।
मर्चेंट को क्या फायदा होगा?
PhonePe CEO का कहना है कि MDR देने के बदले मर्चेंट को डिजिटल पेमेंट से कई फायदे मिलते हैं। ग्राहक बिना कैश के आसानी से भुगतान कर सकते हैं, जबकि मर्चेंट को अपने ट्रांजैक्शन का डिजिटल रिकॉर्ड और फाइनेंशियल फुटप्रिंट मिलता है। उनके मुताबिक इससे आगे चलकर मर्चेट को फॉर्मल क्रेडिट और बिजनेस लोन हासिल करने में मदद मिल सकती है।
UPI इंडस्ट्री के लिए क्यों जरूरी यह शुल्क?
निगम ने कहा कि पिछले 6 साल से UPI पर MDR नहीं होने के कारण पूरी पेमेंट इंडस्ट्री को ऑपरेशनल कॉस्ट का दबाव झेलना पड़ा है। उनका कहना है कि सरकार और RBI के सामने इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के 200 से अधिक देशों में डिजिटल पेमेंट सिस्टम हैं और उनके अनुसार भारत लंबे समय तक ऐसा प्रमुख बाजार रहा जहां UPI पर MDR नहीं था। अब सीमित MDR लागू होने से इंडस्ट्री को UPI इन्फ्रा और टेक्नोलॉजी को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
अतिरिक्त कमाई से UPI में निवेश बढ़ने की उम्मीद
समीर निगम के मुताबिक नए MDR से मिलने वाला रेवेन्यू पेमेंट इकोसिस्टम की ऑपरेशनल कॉस्ट को सपोर्ट करने के साथ-साथ UPI के विस्तार में निवेश बढ़ाने में मदद कर सकता है। उनका कहना है कि यह कदम UPI इकोसिस्टम की लॉन्ग टर्म ग्रोथ और वित्तीय वहनीयता के लिए अहम है।
