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हूतियों ने दबाई दुखती रग! $110 के करीब क्रूड, क्यों Hormuz से भी अहम ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन?

होर्मुज स्ट्रेट से क्रूड का फ्लो पिछले 8 महीने से बाधित है। लेकिन, अब ईरान समर्थक हूतियों ने ऐसी दुखती रग दबा दी है, जिससे ग्लोबल एनर्जी मार्केट में चीख पुकार मच गई है।

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क्रूड ऑयल के दाम में बड़ी तेजी की आशंका
Authored by: यतींद्र लवानिया
Updated Sep 15, 2026, 15:22 IST
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Crude Oil के लिए दुनिया में Hormuz Strait को लंबे समय से सबसे बड़ा चोकपॉइंट माना जाता रहा है। दुनिया के कुल तेल कारोबार का करीब 20% हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। लेकिन, US-Iran युद्ध के चलते फरवरी 2026 से यह रास्ता बंद है। यहां से क्रूड का फ्लो बहुत सीमित हो गया है। अब सितंबर 2026 में तस्वीर और बदल गई है। युद्ध के चलते Hormuz से तेल आपूर्ति पहले ही बाधित है। अब सऊदी अरब की East-West Pipeline के बंद होने से ग्लोबल एनर्जी मार्केट में बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। यही वजह है कि Brent crude फिर $110 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है।

क्यों इतनी अहम यह पाइपलाइन?

सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन (East-West Pipeline) को पेट्रोलाइन भी कहा जाता है। यह करीब 1,200 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन है, जो सऊदी अरब के पश्चिमी प्रांत अबकैक (Abqaiq) क्षेत्र को लाल सागर (Red Sea) के यानबू पोर्ट (Yanbu Port) से जोड़ती है। इसका मकसद ही यह था कि सऊदी अरब को तेल निर्यात के लिए होर्मुज स्ट्रेट पर पूरी तरह निर्भर न रहना पड़े।

सऊदी अरब की हमेशा से यही योजना रही कि अगर होर्मुज में कोई संकट हो, तो सऊदी अरब लाल सागर के रास्ते क्रूड को बेच पाए। लेकिन, पिछले कुछ दिनों में हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की इस पाइपलाइन को निशाना बनाया है, जिससे सप्लाई ठप हो गई है। करीब 40-50 लाख बैरल प्रतिदिन तेल सप्लाई की क्षमता वाली यह लाइन बंद होने से ग्लोबल ऑयल सप्लाई को 4-5% का झटका लगा है।

इस पाइपलाइन को आखिर क्या हुआ?

10-11 सितंबर के आसपास इस अहम पाइपलाइन के पंपहाउस पर ईरान और हूतियों ने बड़ा हमला किया, जिसके बाद से यह पाइपलाइन बंद पड़ी है। फिलहाल, ढांचे को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अगर यह पाइपलाइन लंबे समय तक बंद रहती है, तो क्रूड के दाम तेजी से बढ़ सकते हैं। हालांकि, ईरान और हूतियों ने इस हमले की सीधे तौर पर जिम्मेदारी नहीं ली है और सऊदी अरब का दावा है कि ड्रोन इराक की तरफ से आए थे।

हूतियों ने बढ़ाई टेंशन

सऊदी अरब और ग्लोबल क्रूड मार्केट के लिए हूतियों ने कई मोर्चेां पर टेंशन बढ़ा दी है। इस पाइपलाइन के साथ ही लाल सागर और बाब अल मंदेब में भी क्रूड शिपिंग मुश्किल हो गई है। East-West Pipeline से तेल Yanbu पहुंचने के बाद उसे Red Sea के रास्ते बाहर भेजना होता है। ऐसे में अगर Bab al-Mandeb पर भी खतरा बढ़ता है, तो भले ही पाइपलाइन चालू हो जाए, लेकिन तेल का लाल सागर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा।

Hormuz से भी ज्यादा अहम क्यों बन गई पाइपलाइन?

सामान्य स्थिति में Hormuz कहीं ज्यादा बड़ा चोकपॉइंट है। लेकिन, Hormuz में पहले ही बंद है। ऐसे में सऊदी अरब की यह पाइपलाइन ग्लोलब सप्लाई के लिए बेदह अहम है। अगर यह लंबे समय तक बंद होती है और लाल सागर में शिपिंग बंद होती है, तो ग्लोबल ऑयल मार्केट में भारी खिंचाव होगा, जिसकी वजह से कीमतें बेकाबू हो सकती हैं।

$100 से ऊपर क्रूड क्या संकेत दे रहा?

Crude Market फिलहाल लाल सागर और East-West Pipeline पर लगातार नजर बनाए हुए है। यही वजह है कि पिछले सप्ताह से अब तक लगातार क्रूड ऑयल का दाम 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि अगर लाल सागर और सऊदी से आने वाले क्रूड सप्लाई में बाधा आती है, ग्लोबल ऑयल सप्लाई शॉक से कीमतों में बड़ा उछाल आ सकता है।

इंडियन बास्केट में क्रूड 125 से ऊपर निकला

इंडियन बास्केट में क्रूड 125 से ऊपर निकला

क्या है इंडियन बास्केट की स्थिति?

Indian Basket में भी तेज उछाल देखने को मिला है। Indian Basket की दैनिक कीमत $118 से उछलकर सीधे $128.70 प्रति बैरल पहुंच गई है। अगस्त के औसत मुकाबले 14 सितंबर की कीमत करीब 43% ज्यादा है, जो भारत के लिए कच्चे तेल के बढ़ते आयात बिल और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव का संकेत है। FY2026-27 में अप्रैल के $114.48 प्रति बैरल से यह मई में $106.23, जून में $83.22, जुलाई में $82.04 और अगस्त में $90.19 पर आ गया था, लेकिन सितंबर में औसत कीमत अब तक बढ़कर $109.76 प्रति बैरल हो गई है।

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