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संदीप माहेश्वरी और विवेक बिंद्रा के बीच क्यों छिड़ा संग्राम? जानें कौन हैं दोनों, क्या है पूरा विवाद

Scam Exposed: संदीप माहेश्वरी ने विवेक बिंद्रा पर स्कैम करने का आरोप लगाया तो दोनों यूट्यूबर के बीच विवाद गहरा गया। दोनों ने एक दूसरे पर तीखा प्रहार करते हुए गंभीर आरोप मढ़ दिए। इंटरनेट पर दोनों के बीच चल रहे झगड़े ने खूब सुर्खियां बंटोरी। आपको पूरा माजरा समझाते हैं।

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क्या है संदीप माहेश्वरी Vs विवेक बिंद्रा की पूरी कहानी?

Photo : Times Now Digital

Sandeep Maheshwari Vs Vivek Bindra: देश के दो दिग्गज यूट्यूबर और जाने माने मोटिवेशनल स्पीकर संदीप माहेश्वरी और विवेक बिंद्रा के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। एक कथित स्कैम को लेकर ये विवाद शुरू हुआ और दोनों खुलकर एक-दूसरे के खिलाफ प्रहार करने लगे। इंटरनेट पर दोनों के तू-तू-मैं-मैं ने इस कदर जोर पकड़ ली कि खुलेआम वीडियो डालकर दोनों एक-दूजे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे। आपको पूरा माजरा समझाते हैं कि आखिर दो बड़े यूट्यूबर कैसे आमने सामने आ गए और इसके पीछे की असल वजह क्या है।

क्या है असल माजरा, कैसे शुरू हुआ विवाद?

सोशल मीडिया पर संदीप माहेश्वरी बनाम विवेक बिंद्रा की जंग ने अब तूल पकड़ ली है। एक कथित स्कैम को लेकर दोनों के बीच इस विवाद की शुरुआत हुई। दरअसल, संदीप माहेश्वरी ने 11 दिसंबर को अपलोड किए अपने एक वीडियो में बिग स्कैम एक्सपोज करने का दावा किया था। उन्होंने इस वीडियो में बिजनेस सिखाने के एवज में हजारों रुपये के कोर्स का जिक्र किया और इसे एक बड़ा स्कैम करार दिया। वो इस वीडियो में एक लड़के ने बताया 50 हजार रुपये का कोर्स एक बड़े यूट्यूबर से खरीदा, दूसरे ने भी ऐसी ही घटना का जिक्र किया और कहा कि ऐसे कोर्स के लिए उसने 35 हजार रुपये दिए। लड़कों ने ये दावा किया कि इस कोर्स को उन्हें आगे बेचने के लिए बोला जाता है और ये एक प्रकार का मल्टी लेवल मार्केटिंग है। हालांकि माहेश्वरी ने सीधे शब्दों में इसे एक तरह का घोटाला करार दे दिया। उन्होंने आगे बोला कि इस तरह के स्कैम को रोका जाना चाहिए। संदीप माहेश्वरी ने वीडियो में किसी का नाम लिए बिना ही ये सारी बातें कही।

संदीप माहेश्वरी पर वीडियो हटाने का बनाया गया दबाव

देखते ही देखते संदीप माहेश्वरी का ये वीडियो सोशल मीडिया पर छा गया और #StopScamBusiness ट्रेंड करने लगा। अगले ही दिन माहेश्वरी ने खुद ये दावा किया कि उनकी टीम पर कुछ लोग इस वीडियो को हटाने का प्रेशर बना रहे हैं। उन्होंने ये साफ कर दिया कि वो किसी भी कीमत पर ये वीडियो नहीं हटाएंगे। संदीप माहेश्वरी ने ये भी बताया कि इस स्कैम का खुलासा करने वाले के पास बहुत कॉल्स आ रहे हैं। उन्होंने आगे बोला कि मैं हमारे समाज के लिए ये स्टैंड ले रहा हूं। अब तक माहेश्वरी ने विवेक बिंद्रा का नाम नहीं लिया था, मगर इस पोस्ट के बाद बिंद्रा ने माहेश्वरी को खुली चुनौती दे डाली।

और छिड़ गई विवेक बिंद्रा बनाम संदीप माहेश्वरी की जंग

संदीप माहेश्वरी और विवेक बिंद्रा अब खुलकर एक दूसरे के खिलाफ खड़े हो गए। माहेश्वरी ने दावा किया कि उनकी टीम को बिंद्रा लीगल एक्शन की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने एक पोस्ट किया और लिखा कि 'मेरे प्यारे विवेक, एक तरफ से आप ने मेरी टीम को कानूनी कार्रवाई की धमकी दी (अभी मैंने आपकी कॉल रिकॉर्डिंग सुनी) और दूसरी तरफ से आप ने मेरे घर पर अपने कर्मचारियों को भेजा। वो भी एक बार नहीं... बार-बार... क्या आपको सच में लगता है कि मैं आप की धमकियों से डरता हूं? डरता वो है जो कुछ गलत करता है। मैं अपने फायदे के लिए नहीं बल्कि सबके फायदे के लिए काम करता हूं... और मरते दम तक करता रहूंगा... आप जैसे लाखों लोग मिल कर भी मुझे नहीं रोक सकते। और मुझे अकेला समझने की गलती मत करना... पूरी यूट्यूब कम्युनिटी मेरे साथ है। सारे यूट्यूबर्स (छोटे से छोटे और बड़े से बड़े) अब आप खुल कर एक्सपोज़ करेंगे। आप का नाम लेकर "बड़ा बिजनेस" के बारे में खुल कर बात करेंगे (इसको बोलने की आजादी कहते हैं)। किस किस को धमाका कर उनका वीडियो डिलीट करवाओगे? एक डिलीट होगा, हज़ार वीडियो और बनेंगे। पब्लिक से कोई नहीं जीत सकता... फिर चाहे वो कोई सीएम हो या पीएम ही क्यों ना हो... तुम तो चीज ही क्या हो...। अब यह जनता बनाम विवेक बिंद्रा है।'

विवेक बिंद्रा ने भी संदीप माहेश्वरी पर लगाए कई आरोप

देखते ही देखते इस जुबानी जंग में विवेक बिंद्रा भी कूद गए। एक वीडियो यूट्यूब पर अपलोड कर उन्होंने संदीप माहेश्वरी पर कई आरोप मढ़ दिए। उन्होंने कहा, 'आपने लोगों के प्यार का गलत फायदा उठाया। आपने दूसरी साइड से नहीं पूछा। अगर आप इसे स्कैम कह रहे हैं तो दूसरी साइड का भी पक्ष जान लेते। कभी भी ऐसा काम मत करो, जिससे इतने सारे लोगों की रोजी-रोटी पर संकट आ जाए।' बिंद्रा ने ये भी दावा किया कि वो संदीप माहेश्वरी को आने वाले दिनों में एक्सपोज करेंगे।

संदीप माहेश्वरी ने गिनाईं विवेक बिंद्रा की 3 बड़ी गलतियां...

  1. हमारी टीम ने मेरे वीडियो से उसका नाम एडिट किया क्योंकि इसका उद्देश्य किसी विशेष व्यक्ति या कंपनी को टारगेट करना नहीं था। वह वीडियो जन कल्याण में जागरूकता फैलाने के लिए बनाया गया था (किसी तरह के विवाद के लिए नहीं)। लेकिन उन्होंने सोचा कि हमने उनका नाम इसलिए नहीं लिया क्योंकि हम उनसे डरते हैं. यह उनकी पहली बड़ी गलती थी।
  2. उसने अपने लोगों को मेरे घर और ऑफिस भेजना शुरू कर दिया, क्यों? मैंने अपने पूरे जीवन में उनसे केवल एक बार बात की... वह भी उस दिन जब मेरी टीम ने उन्हें अपने स्टूडियो में आमंत्रित किया था। वह न तो मेरा मित्र है और न ही शत्रु। वह मुझे क्यों डरा रहा था? इसकी आवश्यकता नहीं थी। यह उनकी दूसरी बड़ी गलती थी।
  3. वह वास्तव में कुछ अपरिपक्व करने की योजना बना रहा है... यह उसकी तीसरी बड़ी गलती होगी।

कौन हैं संदीप माहेश्वरी और विवेक बिंद्रा?

क्या आप जानते हैं कि आखिर संदीप माहेश्वरी और विवेक बिंद्रा कौन हैं? देश के जाने-माने मोटिवेशनल स्पीकर में संदीप माहेश्वरी का अच्छा खासा नाम है। माहेश्वरी के यूट्यूब पर 22.3 मिलियन सब्सक्राइबर्स हैं। दिग्गज यूट्यूबर संदीप माहेश्वरी कई जानी मानी हस्तियों का इंटरव्यू भी करते हैं। अगर डॉ. विवेक बिंद्रा के बारे में बताए तो वो खुद को बिजनेस गुरू कहते हैं। यूट्यूब पर उनके कई सारे चैनल हैं, बिंद्रा लोगों को बिजनेस और मार्केटिंग के तौर तरीके सिखाते हैं।

एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी का सिलसिला जारी

विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है, संदीप माहेश्वरी ने एक वीडियो में ये कह दिया कि अपने यूट्यूब चैनल से वो एड रेवेन्यू जनरेट करके विवेक बिंद्रा के स्कैम के खिलाफ लीगल टीम हायर करने के लिए उसका इस्तेमाल करेंगे। माहेश्वरी ने लोगों से इस स्कैम के खिलाफ सोशल मीडिया पर ट्रेंड चलाने और FIR करने का भी अनुरोध किया है। दोनों यूट्यूबर के फॉलोवर्स में युवाओं का एक बड़ा हिस्सा है, ऐसे में दोनों के चाहने वाले सोशल मीडिया पर अपने-अपने विचार पेश कर रहे हैं।
Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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