एक्सप्लेनर्स

Agnimitra Paul: श्रीदेवी और काजोल की ड्रेस डिजाइनर आज बंगाल की सीएम पद की दौड़ में, जानें कौन हैं ग्लैमर वर्ल्ड को छोड़ राजनेता बनीं अग्निमित्रा पॉल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है, जहां भाजपा ने भारी बहुमत हासिल कर सत्ता में मजबूत वापसी की है। इस जीत के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और कई नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। इन्हीं में भाजपा की वरिष्ठ नेता अग्निमित्रा पॉल का नाम भी प्रमुख दावेदारों के रूप में उभरकर सामने आया है। ऐसे में आइए जानें इनके बारे में।

Image

कौन हैं अग्निमित्रा पॉल?

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Agnimitra Paul: बंगाल में खेला हो गया! जी हां जिस पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Election 2026) पर सबकी निगाह थी वो संपन्न हो चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भारी जनादेश हासिल करते हुए शानदार जीत दर्ज की है। पार्टी ने 207 सीटों पर जीत हासिल कर दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े को भी पार कर लिया है। इस जीत के साथ ही ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) के करीब 15 सालों के शासन का अंत हो गया है। इस ऐतिहासिक और निर्णायक जीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि पश्चिम बंगाल का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। मुख्यमंत्री पद की रेस में कई नामों पर चर्चा चल रही है। इन्हीं प्रमुख दावेदारों में भाजपा की वरिष्ठ नेता अग्निमित्रा पॉल (Agnimitra Paul) का नाम भी शामिल है, जिन्होंने आसनसोल दक्षिण सीट से टीएमसी उम्मीदवार तापस बनर्जी को 40,839 वोटों के अंतर से हराकर अपनी सीट पर जीत दर्ज की है। ऐसे में आइए जानें फैशन डिजाइनर से राजनेता बनीं अग्निमित्रा पॉल का अब तक का सफर कैसा रहा.....

कब और कहां हुआ अग्निमित्रा पॉल का जन्म?

अग्निमित्रा पॉल का जन्म 25 नवंबर 1974 को पश्चिम बंगाल के आसनसोल में हुआ था। वह एक ऐसे परिवार से संबंध रखती हैं, जिसमें शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े कई लोग शामिल रहे हैं। उनके पिता, डॉक्टर अशोक रॉय, एक प्रतिष्ठित चिकित्सक थे। अग्निमित्रा ने अपनी शुरुआती शिक्षा लोरेटो कॉन्वेंट से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने 1994 में बनवारीलाल भालोटिया कॉलेज से विज्ञान में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। आगे चलकर उन्होंने 1997 में फैशन डिजाइनिंग में डिप्लोमा भी पूरा किया। फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने इस क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई और पेशेवर रूप से काम किया। बाद में वह राजनीति में एक्टिव हुईं। उनका विवाह पार्थो पॉल से हुआ है और उनके दो बेटे हैं।

फैशन डिजाइनिंग की दुनिया में बड़ा नाम

राजनीतिक जीवन में आने से पहले अग्निमित्रा पॉल का फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में एक सफल और स्थापित करियर रहा है। उन्होंने अपना खुद का फैशन ब्रांड ‘INGA’ भी शुरू किया था। इस दौरान उन्होंने फिल्मी दुनिया के कई बड़े सितारों के लिए ड्रेस डिजाइन किए, जिनमें श्रीदेवी, मिथुन चक्रवर्ती, काजोल और ईशा देओल जैसे नाम शामिल हैं। 1990 के दशक के अंत में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की और कुछ ही समय में कोलकाता के साथ-साथ देश की प्रमुख और सफल फैशन डिजाइनरों में उनकी गिनती होने लगी। उन्होंने कई नेशनल और इंटरनेशनल फैशन शो में भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

एक इंटरव्यू में साझा की मन की बात

‘द टेलीग्राफ’ को दिए एक इंटरव्यू में अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि एक सफल फैशन डिजाइनर के रूप में स्थापित होने के बावजूद उनके मन में समाज के लिए कुछ सार्थक करने की इच्छा हमेशा बनी रही। उन्होंने कहा कि ग्लैमर और फैशन की दुनिया में उन्हें पेशेवर सफलताएं तो मिलीं, लेकिन इसके बावजूद वे अंदर से एक तरह का खालीपन और अपनी जड़ों से दूरी महसूस करती थीं। इसी दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों को और गहराई से समझना शुरू किया और उन्हें नजदीक से देखने का प्रयास किया।

साल 2019 में ली भाजपा की सदस्यता

फैशन डिजाइनिंग की दुनिया से राजनीति में कदम रखने वाली अग्निमित्रा पॉल अब पश्चिम बंगाल में भाजपा का एक अहम चेहरा बन चुकी हैं। भारी जनादेश के साथ वह पार्टी की प्रमुख महिला नेताओं में उभरकर सामने आई हैं। उनका राजनीति में प्रवेश काफी अप्रत्याशित माना गया था। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2019 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली। इसके बाद उन्हें पार्टी की पश्चिम बंगाल महिला मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया। वर्तमान में वह आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। जनवरी 2026 में उन्हें भाजपा की राज्य इकाई का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।

सायोनी घोष को हराकर जीता चुनाव

2021 के विधानसभा चुनाव में अग्निमित्रा पॉल ने पहली बार चुनावी मैदान में उतरकर तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार सायोनी घोष को बेहद करीबी मुकाबले में हराया। टीएमसी शासनकाल के दौरान विधायक रहते हुए उन्होंने अतिक्रमण और अवैध बालू खनन जैसे मुद्दों के खिलाफ लगातार आवाज उठाई और विरोध दर्ज कराया। यह चुनाव दो चर्चित और प्रभावशाली चेहरों के बीच होने के कारण काफी चर्चा में रहा। प्रचार अभियान के दौरान उन्होंने खुद को "भूमिपुत्री" यानी मिट्टी की बेटी के रूप में प्रस्तुत किया। इसके बाद वे एक सशक्त और मुखर भाजपा नेता के रूप में उभरीं और लगातार विरोध प्रदर्शनों के साथ-साथ जमीनी स्तर के अभियानों में सक्रिय रहीं। उन्होंने पार्टी संगठन में भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। पिछले कुछ सालों में उन्होंने अन्य चुनावों में भी हिस्सा लिया, जिनमें आसनसोल उपचुनाव और मिदनापुर लोकसभा चुनाव शामिल हैं। हालांकि इन दोनों मुकाबलों में उन्हें शत्रुघ्न सिन्हा और जून मालिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा।

महिला शक्ति का चेहरा बन कर उभरीं पॉल

2026 के विधानसभा चुनावों में उनके अभियान का फोकस खासतौर से पश्चिम बर्द्धमान क्षेत्र में औद्योगिक विकास की धीमी रफ्तार और महिलाओं की सुरक्षा जैसे स्थानीय मुद्दों पर रहा। प्रचार के दौरान अग्निमित्रा पॉल ने यह आरोप भी लगाया कि आसनसोल में उनके काफिले पर हमला हुआ, जिसे उन्होंने सत्ताधारी दल की चुनावी हताशा का परिणाम बताया। भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें बंगाल में "महिला शक्ति" के चेहरे के रूप में प्रस्तुत किया है। पार्टी का मानना है कि ममता बनर्जी के मुकाबले एक ऐसी मजबूत, साहसी और स्पष्ट विचारों वाली महिला नेता की आवश्यकता है, जो सीधे महिलाओं से जुड़ सके और टीएमसी के परंपरागत वोट आधार में प्रभाव डाल सके। पश्चिम बंगाल की राजनीति में महिला मतदाताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण और निर्णायक मानी जाती है। इसी कारण अग्निमित्रा पॉल लगातार महिला सुरक्षा, अपराध, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को मजबूती से उठाती रही हैं। संदेशखाली जैसे मामलों में भी उन्होंने सक्रिय रूप से आवाज उठाई और राज्य सरकार पर तीखे सवाल किए। उनके बेबाक और स्पष्ट राजनीतिक रुख के कारण पार्टी में उनकी भूमिका और प्रभाव लगातार बढ़ता गया है।

क्या अग्निमित्रा पॉल बनेंगी पश्चिम बंगाल की अगली मुख्यमंत्री?

पश्चिम बंगाल के राजनीतिक हलकों में ऐसी चर्चाएं तेज हैं कि अग्निमित्रा पॉल मुख्यमंत्री पद की संभावित दावेदारों में शामिल हो सकती हैं। हालांकि भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक आधिकारिक रूप से किसी चेहरे की घोषणा नहीं की है, लेकिन दावेदारों की सूची में सुवेंदु अधिकारी, दिलीप घोष, समिक भट्टाचार्य के साथ-साथ अग्निमित्रा पॉल का नाम भी लिया जा रहा है। अग्निमित्रा पॉल के नाम पर चर्चा के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। सबसे प्रमुख वजह उनका महिला होना। इसके साथ ही उनका स्पष्ट, साहसी और बेबाक राजनीतिक अंदाज उन्हें एक मजबूत विकल्प बनाता है। उन पर अब तक किसी भी तरह के भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे हैं, जो उनकी छवि को और मजबूत करता है। उनका प्रोफेशनल बैकग्राउंड और शहरी व मध्यमवर्गीय समाज से जुड़ाव भी उन्हें अलग पहचान देता है। राजनीति में वे लगातार रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाती रही हैं, जिससे उनकी स्वीकार्यता बढ़ती नजर आ रही है।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article