Dwarka Express Way: देश को जल्दी ही एक और एक्सप्रेसवे की सौगात मिलने जा रही है। द्वारका एक्सप्रेसवे हरियाणा और दिल्ली को जोड़ने वाली एक अहम सड़क परियोजना है। इसका 18.9 किलोमीटर लंबा खंड हरियाणा (गुड़गांव) के अंतर्गत और बाकी 10.1 किलोमीटर दिल्ली में आता है। यह एक्सप्रेसवे नेशनल हाईवे-8 पर शिव-मूर्ति से शुरू होता है और खेड़की दौला टोल प्लाजा के पास खत्म होता है। इसके हरियाणा वाला हिस्सा तैयार है और मार्च तक इसका उद्घाटन हो सकता है। निर्माण पूरा होने के बाद दिल्ली-गुरुग्राम के बीच की दूरी सिर्फ 25-30 मिनट में पूरी हो जाएगी जिसमें अभी एक घंटे से ज्यादा का समय लगता है।
द्वारका एक्सप्रेस-वे के बारे में जानिए 5 बड़ी बातें
- एक्सप्रेस-वे द्वारका से मानेसर के बीच यात्रा के समय को 15 मिनट तक कम कर देगा। इसके शुरू होने के बाद मानेसर और इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के बीच की दूरी 20 मिनट में तय की जा सकती है, जबकि मानेसर और सिंघू सीमा के बीच यात्रा का समय घटकर केवल 45 मिनट रह जाएगा।
- द्वारका एक्सप्रेसवे को दो लाख टन स्टील का उपयोग करके बनाया गया है जो पेरिस में एफिल टॉवर को बनाने में लगे स्टील से 30 गुना अधिक है। स्टील के अलावा लगभग 20 लाख क्यूबिक मीटर सीमेंट कंक्रीट इस परियोजना के निर्माण में इस्तेमाल किया गया है। यह दुबई के बुर्ज खलीफा के निर्माण में इस्तेमाल किए गए से छह गुना अधिक है।
- द्वारका एक्सप्रेस-वे दिल्ली के महिपालपुर में शिव मूर्ति पर NH 48 (पुराना NH 8) के 20 किलोमीटर के निशान पर शुरू होता है, और गुरुग्राम में खेड़की दौला टोल प्लाजा के पास 40 किलोमीटर के निशान पर खत्म होता है। दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर यातायात को कम करने के लिए इसे दिल्ली और गुरुग्राम के बीच लिंक रोड के तौर पर तैयार किया गया है।
- एक बार शुरू होने के बाद यह भारत का पहला आठ-लेन एलिवेटेड एक्सप्रेसवे होगा। यहां फोर-पैक मोटरवे की कुल लंबाई 563 किलोमीटर है।
- द्वारका एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान कम से कम 1,200 पेड़ों को फिर से प्रत्यारोपित किया गया है, जो भारत में पहली बार हुआ है। इसके अलावा देश की पहली 8-लेन 3.6 किमी लंबी शहरी सुरंग भी द्वारका एक्सप्रेसवे का हिस्सा है।
