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अब दिल्ली की केजरीवाल सरकार का क्या होगा? किसने और क्यों उठाई बर्खास्तगी की मांग; जानें सारा माजरा

AAP vs BJP: दिल्ली के मुख्यमंत्री जेल में हैं, ये तो सभी जानता है। लेकिन क्या किसी ने ये सोचा है कि जेल से वो दिल्ली की सरकार कैसे चलाते हैं? राजधानी के कोचिंग सेंटर में तीन छात्रों की मौत के बाद ये सवाल उठ रहा है कि क्या अरविंद केजरीवाल की सरकार बर्खास्त हो जाएगी? आपको समझाते हैं, सारा माजरा।

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अब अरविंद केजरीवाल की सरकार का क्या होगा?

Delhi Politics: दिल्ली को आखिर कौन चला रहा है? अरविंद केजरीवाल तो जेल की सलाखों के पीछे हैं, लंबे वक्त से जेल में बंद रहने के बावजूद किसी को ये समझ नहीं आ रहा है कि देश की राजधानी की सरकार किसके भरोसे है? सरकार का काम जनता के हितों के लिए नीतियां बनाना होता है, लोगों की समस्या का निदान सुनिश्चित करना होता है, लेकिन दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री खुद ही जेल में बंद हैं। इस बीच ओल्ड राजेंद्र नजर के कोचिंग सेंटर की घटना में तीन छात्रों की मौत के बाद ये मांग तेज हो गई है कि दिल्ली सरकार को बर्खास्त किया जाए।

केजरीवाल सरकार का अब क्या होगा?

आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्य्मंत्री अरविंद केजरीवाल जेल की हवा खा रहे हैं। अक्सर आपने फिल्मों में देखा होगा कि बड़े-बड़े नेता और माफिया जेल में रहकर बाहर की दुनिया पर अपना हुकूमत जमाए रखते हैं। केजरीवाल की स्थिति को देखकर फिल्म की याद आ जाती है। दिल्ली का सीएम खुद जेल में बंद है और वो जेल से सरकार चला रहा है। भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि इतने कोई मुख्यमंत्री जेल से ही सरकार चला रहा हो। बीते लंबे वक्त से भाजपा ये मांग उठाती रही है कि केजरीवाल को इस्तीफा दे देना चाहिए। हालांकि अब पत्ता पलट गया है, दिल्ली कोचिंग हादसे के बाद से केजरीवाल के इस्तीफे की नहीं, बल्कि दिल्ली सरकार और एमसीडी की बर्खास्तगी की मांग तेज हो गई है।

उठी मांग- बर्खास्त हो केजरीवाल सरकार

दिल्ली के राजेंद्र नगर में तीन यूपीएससी छात्रों की मौत के मामले को लेकर भाजपा ने सोमवार को विरोध-प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आम आदमी पार्टी के कार्यालय का घेराव किया और राजेंद्र नगर में हुई घटना को लेकर अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नारेबाजी की। उत्तर-पश्चिमी दिल्ली से सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने केजरीवाल सरकार पर हमला बोला। उन्होंने बर्खास्तगी की मांग उठाई। चंदोलिया ने कहा, 'भाजपा की मांग है कि दिल्ली सरकार को तुरंत बर्खास्त किया जाए। आम आदमी पार्टी का कहना है कि राजेंद्र नगर की घटना एक त्रासदी है। लेकिन, ये त्रासदी नहीं, एक हत्या है। दुर्गेश पाठक जो पूरे कॉरपोरेशन के भीष्म पितामह बने हुए हैं। उनकी पार्षद ने राजेंद्र नगर में भ्रष्टाचार किया है।'

Delhi Coaching Institute Flooding

दिल्ली कोचिंग हादसे की तस्वीर।

उन्होंने दिल्ली सरकार और एमसीडी पर आरोप लगाते हुए कहा, 'बारिश से पहले नालों की सफाई नहीं की गई और इसका खामियाजा बच्चों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा है। राजेंद्र नगर में बच्चों के साथ हादसा नहीं बल्कि उनकी हत्या हुई है। दिल्ली में सड़कों की सफाई की जिम्मेदारी एमसीडी की है, एलजी की नहीं।'

कोचिंग सेंटर में विद्यार्थियों की मौत को बताया 'हत्या'

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को यहां आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यालय के समीप प्रदर्शन करते हुए अरविंद केजरीवाल सरकार का इस्तीफा मांगा। भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने एक कोचिंग सेंटर में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे तीन अभ्यर्थियों की मौत को 'हत्या' बताया। सचदेवा ने कहा, 'जो तीन छात्र देश का भविष्य थे, उनकी आम आदमी पार्टी के भ्रष्टाचार के कारण मौत हो गयी जो दिल्ली तथा एमसीडी पर शासन करती है।' सचदेवा ने प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया, 'यह कोई दुर्घटना नहीं है, यह हत्या है।' उन्होंने कहा, 'इन छात्रों की मौत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। चाहे वे एमसीडी के हों या किसी अन्य एजेंसियों से, उन्हें फांसी दी जानी चाहिए।'

New Delhi's Rajendra Nagar Coaching Centre Incident

ओल्ज राजेंद्र नगर कोचिंग हादसा।

भाजपा नेता ने कहा कि दिल्ली की जल मंत्री आतिशी और राजेंद्र नगर से ‘आप’ विधायक को भी इस्तीफा देना चाहिए। महिला प्रदर्शनकारियों ने विरोध स्वरूप चूडियां ले रखी थीं और उन्होंने ‘थालियां’ बजायीं। प्रदर्शनकारियों ने ‘आप’ मुख्यालय तक पहुंचने का प्रयास किया जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।

केजरीवाल सरकार के लिए शर्मनाक है ये घटना

भाजपा महिला मोर्चा की नेता प्रियाल भारद्वाज ने कहा, 'देश के कोने-कोने से छात्र दिल्ली में पढ़ाई के लिए आते हैं। लेकिन, राजेंद्र नगर में जो हुआ वह एक दु:खद घटना है। उन परिवारों पर क्या बीत रही होगी, जिनके बच्चों की डूबने से मौत हो गई।' उन्होंने आगे कहा, 'दिल्ली में 10 साल पहले भी बरसात होती थी। लेकिन, वर्तमान समय में जो स्थिति है वो सरकार के लिए शर्मनाक है। जब बच्चों की जान चली गई, तब जाकर दिल्ली सरकार और एमसीडी नालों की सफाई करा रही है।'

AAP ने LG सचिवालय के बाहर किया प्रदर्शन

आम आदमी पार्टी (आप) ने सोमवार को उपराज्यपाल सचिवालय के समीप प्रदर्शन किया और दिल्ली में नालों से गाद निकालने के लिए निर्देश जारी करने में कथित तौर पर नाकाम रहने वाले अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग की। ‘आप’ विधायक दिलीप पांडे ने कहा कि वे उपराज्यपाल वी के सक्सेना से उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध लेकर आए हैं जिन्होंने मंत्रियों के आदेश के बावजूद नालों से गाद निकालने के लिए निर्देश जारी नहीं किए। उन्होंने कहा, 'हम यहां एलजी साहब से अनुरोध करने आए हैं कि वे अक्षम अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें, जो मंत्रियों की बात नहीं सुनते हैं।'

दिल्ली के कोचिंग सेंटर हादसे पर AAP vs BJP

‘आप’ विधायक और एमसीडी प्रभारी दुर्गेश पाठक ने भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'भाजपा पिछले 15 साल तक एमसीडी में सत्ता में रही। उसने जल निकासी प्रणाली पर काम नहीं किया लेकिन अब राजनीति कर रही है। उसका पर्दाफाश हो गया है।' कोचिंग सेंटर हादसे के बाद दिल्ली में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे ‘हत्या’ बताया वहीं ‘आप’ सरकार ने दावा किया कि मौजूदा उपराज्यपाल उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते हैं जो अपने मंत्रियों की नहीं सुनते हैं।

Delhi Coaching center incident

दिल्ली कोचिंग हादसे पर कोहराम।

बता दें कि दिल्ली पुलिस ने राव आईएएस कोचिंग के मालिक और कोऑर्डिनेटर को गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली पुलिस कोचिंग सेंटर हादसे के दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद राजेंद्र नगर थाने से कोर्ट ले गई, जहां से दोनों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बीते 27 जुलाई को राजेंद्र नगर स्थित कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भर गया था। जिससे वहां मौजूद तीन छात्रों की डूबने से मौत हो गई।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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