What is AMOC: समुद्र के नीचे एक बड़ी हलचल मच रही है। इस हलचल का असर पूरी दुनिया पर पड़ने वाला है, खासकर यूरोप पर। जहां पूरी धरती का तापमान बढ़ रहा है, गर्मी बढ़ रही है, वहीं यूरोप का तापमान गिरने के आसार हैं, सर्दी बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। इन सबके पीछे कारण है- टलांटिक मेरिडियोनल ओवरटर्निंग सर्कुलेशन (AMOC)। आइए समझते है क्या है AMOC और कैसे इसके कारण बदल रहा है पर्यावरण?
क्या है AMOC?
अटलांटिक महासागर की गहराई में पानी का एक बहुत बड़ा प्रवाह लगातार चलता रहता है। यह गर्म इलाकों से गर्म पानी को उत्तर की ओर ग्रीनलैंड तक ले जाता है। वैज्ञानिक इसे अटलांटिक मेरिडियोनल ओवरटर्निंग सर्कुलेशन (AMOC) कहते हैं। यह पूरी प्रक्रिया समुद्र के बहुत नीचे होती है, इसलिए आम लोगों को इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती। लेकिन वैज्ञानिक मानते हैं कि यह धरती के मौसम को संतुलित रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। हाल के कुछ अध्ययनों में संकेत मिले हैं कि यह प्रणाली धीरे-धीरे कमजोर पड़ रही है। अगर ऐसा होता रहा तो इसका असर दुनिया के मौसम पर पड़ सकता है।
AMOC कमजोर पड़ा तो क्या होगा?
द कन्वरसेशन की रिपोर्ट के अनुसार हाल के कई अध्ययनों में संकेत मिले हैं कि AMOC धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर इसकी रफ्तार और कम हुई तो इसके असर दुनिया के कई हिस्सों में दिख सकते हैं। एक तरफ पूरी दुनिया गर्म हो रही है, लेकिन दूसरी तरफ उत्तरी यूरोप में सर्दियां और ज्यादा ठंडी हो सकती हैं। उष्णकटिबंधीय इलाकों में मानसून के पैटर्न बदल सकते हैं और अमेरिका के पूर्वी तट पर समुद्र का स्तर तेजी से बढ़ सकता है।
कम चर्चा क्यों?
इतने बड़े असर की आशंका होने के बावजूद AMOC बहुत कम चर्चा में आता है। इसकी वजह सिर्फ यह नहीं है कि इस पर कम रिपोर्टिंग होती है, बल्कि यह भी है कि इसे समझना और लोगों को समझाना आसान नहीं है। जंगलों में लगी आग, टूटते ग्लेशियर या समुद्री तूफानों की तस्वीरें आसानी से दिखाई जा सकती हैं, लेकिन AMOC समुद्र की गहराई में धीरे-धीरे और बिना दिखाई दिए काम करता है।
बना रहता है नमक और पानी का संतुलन
AMOC एक बहुत बड़ी लेकिन धीमी समुद्री प्रणाली है। इसमें गर्म पानी उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों से उत्तर की ओर बहता है और ग्रीनलैंड पहुंचकर ठंडा हो जाता है। ठंडा होने के बाद पानी भारी होकर समुद्र में कई हजार मीटर नीचे चला जाता है और फिर गहराई में दूसरी दिशा में लौटता है। यह चक्र लगातार चलता रहता है और अटलांटिक महासागर में गर्मी और नमक के संतुलन को बनाए रखता है।
