UP Ke Do Ladke: उत्तर प्रदेश के समाजवादी पार्टी की साइकिल पर कांग्रेस आगे भी सवारी करती रहेगी, जिसका इशारा खुद राहुल गांधी ने कर दिया है। राहुल गांधी ने खुद ये इशारा कर दिया है कि यूपी में दोनों लड़कों की जोड़ी बनी रहेगी। लोकसभा चुनाव 2024 में दमदार जीत का बिगुल फूंकने के बाद अखिलेश और राहुल ने शायद आगे का प्लान बना लिया है। तभी उन्होंने ये कह दिया है कि 'यूपी के दो लड़के' राजनीति को 'खटाखट खटाखट' मोहब्बत की दुकान बनाएंगे। आपको राहुल के इस बयान के मायने समझने चाहिए।
राहुल गांधी ने कर दिया बड़ा सियासी इशारा
इन दिनों लगातार ये सवाल खड़े हो रहे थे कि क्या अखिलेश यादव और राहुल गांधी का साथ टूटने वाला है? इस सवाल के उठने की वजह बेहद रोचक है, क्योंकि लोकसभा चुनाव 2024 के बाद समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश, अभी से ही विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में जुट गए हैं। सवाल ये है कि क्या तब तक दोनों नेताओं की दोस्ती बनी रहेगी या फिर साथ टूट जाएगा। अपने जन्मदिन के मौके पर राहुल ने ये साफ इशारा कर दिया कि यूपी में दो लड़कों की जोड़ी बनी रहेगी। आपको पहले बताते हैं कि आखिर राहुल गांधी ने ऐसा क्या कह दिया और उनके बयाने के क्या सियासी मायने निकल रहे हैं।
मोहब्बत की दुकान बनाएंगे 'खटाखट खटाखट'
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को जन्मदिन की बधाई देने के लिए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को धन्यवाद दिया और कहा कि ‘यूपी के दो लड़के’ हिंदुस्तान की राजनीति को मोहब्बत की दुकान ‘खटाखट खटाखट’ बनाएंगे। राहुल गांधी बुधवार को 54 साल के हो गए और इस मौके पर कांग्रेस तथा ‘इंडिया’ गठबंधन के कई घटक दलों के नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘राहुल गांधी जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।’ यादव के पोस्ट को फिर से साझा करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद अखिलेश यादव जी। ‘यूपी के दो लड़के' हिंदुस्तान की राजनीति को मोहब्बत की दुकान बनाएंगे - खटाखट खटाखट!’
क्या हैं राहुल गांधी के बयान के असल मायने?
अखिलेश यादव और राहुल गांधी की जोड़ी बरकरार रहेगी या इसमें दरार पड़ जाएगी? अब तक ये माना जा रहा था कि इस सवाल का जवाब कुछ ही दिनों में मिल जाएगा, क्योंकि यूपी के जिन 10 विधायकों ने लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बने रहने का फैसला किया है, उनकी खाली सीटों पर होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस को कितना हिस्सा मिलता है, ये देखना दिलचस्प होगा। कयास लगाए जा रहे थे कि यही वो ट्रेलर होगा, जो 2027 विधानसभा चुनाव की पिक्चर और डिसाइड करेगा। यदि उपचुनाव में दोनों पार्टियों के बीच All is Well रहा तो इस बात के आसार बने रहेंगे कि दोनों पार्टियों का साथ बना रहेगा। हालांकि इस सबके बीच राहुल गांधी के ये बयान इस ओर इशारा कर रहा है कि फिलहाल कांग्रेस और सपा में सबकुछ 'चंगा सी', राहुल के हाव भाव से समझा जा सकता है कि शायद कांग्रेस और सपा के बीच रिश्ते चुनावी नतीजों के बाद और मजबूत हो रहे हैं।
दो लड़कों की जोड़ी ने पूरे देश को चौंकाया
वो कहते हैं न दिल्ली की कुर्सी का रास्ता यूपी के सियासी गलियारों से ही होकर जाता है। लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों में उत्तर प्रदेश ने पूरे देश को चौंका दिया। अखिलेश यादव और राहुल गांधी 2017 के विधानसभा चुनावों में साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन उस वक्त इन दोनों लड़कों की जोड़ी को जनता ने सिरे से नकार दिया था। यूपी में उस बड़ी हार के चलते उस वक्त दोनों की जोड़ी में दरार पड़ गई थी। हालांकि 7 साल बाद दोनों लड़कों ने एक बार फिर जोड़ी बनाई, जो इस बार के चुनावी नतीजों में कमाल करती नजर आई। अखिलेश की सपा ने यूपी की 37 सीटों पर कब्जा किया, तो कांग्रेस ने 6 लोकसभा सीटों पर जीत का बिगुल फूंका। सबसे अधिक 80 लोकसभा सीटों वाले सूबे में भाजपा को इस बार महज 33 सीटों से ही संतोष करना पड़ा।
मोदी ने ‘दो लड़कों की जोड़ी’ पर कसा था तंज
उत्तर प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनाव के समय भी सपा और कांग्रेस का गठबंधन था और उसी समय राहुल गांधी और अखिलेश यादव की जोड़ी को ‘यूपी के दो लड़के’ कहकर प्रचार अभियान चलाया गया था, हालांकि उस समय यह गठबंधन विफल रहा था। यही वजह है कि इस बार के लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान मोदी अक्सर अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ‘दो लड़कों की जोड़ी’ बताकर तंज कसते थे।
अखिलेश के ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) फार्मूले ने पार्टी के लिए काम किया। इन दोनों लड़कों ने लोकसभा चुनाव में तो कमाल कर दिया अब उनका साथ 2027 तक बना रहता है या नहीं ये जानने के लिए अभी लंबा इंतजार करना होगा, क्योंकि सियासी दुनिया में कब कौन सगा हो जाए और कब कौन बेवफा, इसकी भविष्यवाणी बड़े से बड़े पंडित में नहीं कर सकते हैं।
