Sonia Gandhi in Rajya Sabha: UPA चेयरपेर्सन सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने राजस्थान से राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर नामांकन भर दिया, इस मौक़े पर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अशोक गहलोत और प्रदेश से कांग्रेस समर्थकों की भारी भीड़ दिखी, लेकिन इसके साथ ही सबके ज़हन में ये सवाल उठ रहा है कि आख़िर सोनिया गांधी ने राज्यसभा का रास्ता क्यों चुना संसद जाने के लिए?
पहला कारण-(स्वास्थ्य ठीक न रहना)—
77 साल की सोनिया गांधी वो नेता रही हैं, जो वर्तमान दौर में अपने दम पर कांग्रेस को दुबारा खड़ा करने वाले लोगों में हैं, उनकी लीडरशिप और सियासी काबिलियत के उनके विरोधी भी कायल रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर सोनिया गांधी राज्यसभा के रास्ते क्यों संसद पहुंच रही है, इसके लिए सबसे बड़ा कारण उम्र बताया जा रहा है। 2019 लोकसभा चुनाव में जीत के बाद सोनिया गांधी एक-दो मौक़े को छोड़ वो रायबरेली नही गई, जिसके कारण वोटरो में एक नाराज़गी दिख रही है कि सांसद का क्षेत्र में आना तो दूर लोगों की परेशानी भी नही सुन सकती।
दूसरा कारण- (राजस्थान के 25 सीटो पर नज़र)—
सोनिया गांधी को राजस्थान से राज्यसभा भेजने के पीछे कांग्रेस की सबसे अहम रणनीति यह है कि कांग्रेस पार्टी नहीं चाहती है कि लगातार तीसरे चुनाव में बीजेपी राज्य की सभी सीटों पर जीत जाए, कांग्रेस पार्टी को विश्वास है कि अगर सोनिया गांधी जैसा नेता उस राज्य से राज्यसभा जाएगा तो इसका असर कार्यकर्ताओं पर पड़ेगा, नेताओं और मतदाताओं को एकजुट करने में भी इसका फायदा होगा।

Sonia Gandhi in Rajya Sabha
तीसरा कारण- (प्रियंका गांधी के लिये छोड़ी सीट)—
राजनीति के जानकारों का मानना है कि सोनिया गांधी अपनी रायबरेली की सीट अपनी बेटी प्रियंका गांधी के लिए छोड़ सकती हैं, सोनिया गांधी लंबे समय से रायबरेली सीट से चुनाव लड़ती रही हैं, प्रियंका गांधी उनके लिए चुनाव प्रबंधन सहित अन्य कार्य रायबरेली में करती रही हैं। पिछले 5 साल में प्रियंका गांधी की सक्रियता राजनीति में बढ़ी है ऐसे में चर्चा है कि प्रियंका गांधी यूपी के किसी सीट से चुनाव लड़ेगी, रायबरेली का सीट गांधी परिवार के लिए सुरक्षित सीट के तौर पर देखा जाता रहा है।
चौथा कारण-(उत्तर भारत-दक्षिण भारत में बंटी कांग्रेस के आरोप पर पूर्णविराम)—
सोनिया गांधी के राज्यसभा से आने का फ़ैसला पहले ही ले लिया गया था लेकिन राज्य कौन सा रहेगा उसपर वरिष्ठ नेताओ के साथ गांधी परिवार लगातार मंथन कर रहे थे, ऐसे में नेताओ द्वारा ये सुझाव दिया गया कि रायबरेली सीट छोड़कर सोनिया को हिन्दी पट्टी से ही राज्यसभा आना चाहिए क्योंकि लंबे समय से पार्टी में दक्षिण और उत्तर भारत बँटा दिख रहा है। सोनिया गांधी के राजस्थान से आने से एक तीर से दो निशाना साधा है पार्टी ने एक तरफ़ कार्यकर्ताओं में ये संदेश जाएगा कि कांग्रेस हिन्दी पट्टी की राजनीति से दूर नही है वहीं बीजेपी के आरोप को भी ख़त्म किया जाएगा।
