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यूपी नतीजों ने बढ़ाया अखिलेश का हौसला, अब महाराष्ट्र में दिखाएंगे दम, क्या INDI अलायंस का बिगड़ेगा समीकरण?

इंडिया गुट में शामिल सपा ने महाराष्ट्र में किसी भी लोकसभा सीट पर चुनाव नहीं लड़ा था, लेकिन उसने उत्तर प्रदेश में 37 सीट जीती थीं, जिससे भाजपा को झटका लगा था। इसी आधार पर अब महाराष्ट्र में लड़ाई की तैयारी है।

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महाराष्ट्र में जोर दिखाएंगे अखिलेश

Photo : PTI

Maharashtra Assembly Elections: लोकसभा चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन से अखिलेश यादव का हौसला बढ़ा दिया है। चुनावी जीत के बाद सांसदों की संख्या के लिहाज से सपा तीसरी सबसे पार्टी बन गई है। इस जीत से उत्साहित पार्टी नेताओं को उम्मीद है कि महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे के दौरान इंडिया गठबंधन के सहयोगी सपा को अधिक हिस्सेदारी देकर वह सम्मान देंगे, जिसकी वह हकदार है। पार्टी की महाराष्ट्र इकाई ने नवनिर्वाचित सपा सांसदों को सम्मानित करने के लिए शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम में अक्टूबर में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए बिगुल फूंक दिया।

पूर्व सपा विधायक ने लगाया अन्याय का आरोप

भिवंडी पूर्व से सपा विधायक रईस शेख ने भारतीय जनता पार्टी, शिवसेना (गुट का नाम लिए बिना), कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) पर उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) के घटक दलों में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), राकांपा (शरदचंद्र पवार) और कांग्रेस शामिल हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया का हिस्सा हैं।

शेख ने कहा, हम अब साझेदार बन रहे हैं। आज, इंडिया गठबंधन की नींव समाजवादी पार्टी पर टिकी हुई है। अगर अखिलेश यादव जी कुछ कहते हैं, तो इंडिया का कोई भी नेता मना नहीं कर सकता। हमें उतनी सीट मिलेंगी, जितनी के हम हकदार हैं। हम वह सम्मान चाहते हैं, जिसके हम हकदार हैं। उन्होंने बताया कि सीट बंटवारे पर बातचीत शुरू हो गई है। शेख ने कहा, हम सिर्फ दो विधायक (वह और अबू आजमी) हैं, लेकिन हम 100 विधायकों को मात दे सकते हैं। हमारे 10 विधायक 288 (महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्यों की संख्या) पर भारी पड़ेंगे।

उत्तर प्रदेश में 37 सीट जीतीं

इंडिया गुट में शामिल सपा ने महाराष्ट्र में किसी भी लोकसभा सीट पर चुनाव नहीं लड़ा था, लेकिन उसने उत्तर प्रदेश में 37 सीट जीती थीं, जिससे भाजपा को झटका लगा था। महाराष्ट्र में उसके केवल दो विधायक हैं और वे दोनों ही मुस्लिम समुदाय से हैं। उत्तर प्रदेश के फैजाबाद से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि पार्टी के पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक (पीडीए) सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूले को पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सपा के समर्थन के बिना यहां कोई सरकार नहीं बन सकती।

अबू आजमी ने दिखाए तेवर

मुंबई के मानखुर्द-शिवाजीनगर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले सपा विधायक अबू आजमी ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद से महाराष्ट्र में पार्टी का मनोबल काफी ऊंचा है। आजमी ने कहा कि उत्तर भारतीयों को चुनौती नहीं दी जानी चाहिए, वरना वे मुंहतोड़ जवाब देंगे। उन्होंने कहा, मैं उनका नाम लेकर अपना मुंह खराब नहीं करना चाहता। उन्होंने कितनी दुकानों और वाहनों में तोड़फोड़ की है?....मुझे एक बार गृह मंत्री बना दीजिए, मैं उनसे इस तरह निपटूंगा कि वे कभी नहीं भूलेंगे। हालांकि, आजमी ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने 2008 में उत्तर भारतीयों के खिलाफ अभियान चलाया था, जो हिंसक हो गया था।

सपा के दावे से क्या होंगे समीकरण

बहरहाल, यूपी में जबरदस्त जीत के पास सपा के हौसले बुलंद हैं और वह महाराष्ट्र चुनाव में जोर-आजमाइश करने जा रही है। इंडिया गठबंधन का हिस्सा सपा अब मजबूती से अपनी बात करने की स्थित में आ गई है। सपा नेताओं ने भी अपने तेवरों से साफ कर दिया है कि वह महाराष्ट्र में कम सीटों पर समझौता नहीं करेगी। इस बार वह अच्छी संख्या में सीटों पर लड़ना चाहती है। अखिलेश के पास यूपी रिपोर्ट कार्ड के रूप मे अपनी मांग रखने का मजबूत आधार भी है। राज्य में पहले ही एमवीए गठबंधन में कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना-उद्धव शामिल है। ऐसे में एक और पार्टी के लिए कितनी गुंजाइश बन पाएगी और क्या सियासी समीकरण होंगे, ये देखना दिलचस्प होगा।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडल author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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