एक्सप्लेनर्स

Bratislava Castle: 150 साल तक रहा खंडहर... अब इसी भव्य 'ब्रातिस्लावा किले' में होगा PM मोदी का शाही स्वागत! जानें किले का इतिहास

PM Modi Slovakia Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 6 दिवसीय विदेश दौरे के तहत स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा पहुंच रहे हैं, जो किसी भी भारतीय पीएम का पहला ऐतिहासिक दौरा है। इस दौरान वे राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और पीएम के साथ द्विपक्षीय व बिजनेस बैठकें करेंगे। इस दौरे के बीच ऐतिहासिक 'ब्रातिस्लावा किले' की भारी चर्चा है, जो 1811 की आग में खंडहर होने के बाद 2010 में पुनर्जीवित हुआ था, जहां पीएम मोदी का औपचारिक स्वागत किया जाएगा।

Image

PM Modi Slovakia Visit: ब्रातिस्लावा किले में पीएम मोदी का किया जाएगा औपचारिक स्वागत। AI IMAGE

PM Modi Slovakia Visit: प्रधानमंत्री 6 दिवसीय फ्रांस और स्लोवाकिया के दौरे पर हैं। पीएम नरेंद्र मोदी का स्लोविकिया दौरा बेहद ऐतिहासिक होने जा रहा है। दरअसल, यह पहला मौका है जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा पहुंच रहे हैं। यह बात स्लोवाकिया में रहने वाले भारतीय मूल के नागरिकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

विदेश सचिव (पश्चिम) ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया के पीएम के साथ स्लोवाक बिजनेस लीडर्स से भी बातचीत करेंगे ताकि आर्थिक जुड़ाव को गहरा किया जा सके, निवेश को बढ़ाया जा सके और परिवहन, नवीकरणीय ऊर्जा, नई तकनीक और रक्षा उत्पादन जैसे जरूरी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जा सके। प्रधानमंत्री स्लोवाकिया के राष्ट्रपति, पीटर पेलेग्रिनी के साथ भी प्रेसिडेंशियल पैलेस में बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति प्रधानमंत्री के सम्मान में एक सरकारी दावत देंगे।

ब्रातिस्लावा किले में होगी खास बैठक

हालांकि, पीएम मोदी के स्लोवाकिया दौरे से पहले करीब 150 साल तक खंडहर जैसे रहने वाले ब्रातिस्लावा किले की खूब चर्चा हो रही है। एक समय यह किला आग में जलकर राख हो चुका था, लेकिन अब वो फिर बनकर तैयार हो चुका है। 5 जून को ब्रातिस्लावा किले (Bratislava Castle) में उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा।

आइए अब इस किले के इतिहास पर भी एक नजर डाल लें। इस पहाड़ी का इतिहास बेहद प्राचीन है, जहां 3500 ईसा पूर्व से ही एक एक्रोपोलिस (ऊंचाई पर बने किले) के अस्तित्व के प्रमाण मिलते हैं। आगे चलकर 10वीं शताब्दी में यहां पत्थर के एक मजबूत किले का निर्माण कराया गया, जिसमें समय के साथ कई महत्वपूर्ण बदलाव होते रहे। 18वीं शताब्दी में महारानी मारिया थेरेसा ने इस किले को एक बेहद शानदार और शाही 'बारोक निवास' का रूप दे दिया।

slovakia 1

ब्रातिस्लावा किले की फाइल फोटो। istock

हालांकि, साल 1811 में लगी एक भीषण आग के कारण यह ऐतिहासिक धरोहर पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो गई थी। इस किले को इसके पुराने वैभव में लौटाने का काम 1950 के दशक में दोबारा शुरू हुआ, जो साल 2010 तक लगातार चलता रहा। दशकों लंबे इस पुनर्निर्माण कार्य के बाद यह ऐतिहासिक किला एक बार फिर अपने असली रूप में तैयार हो चुका है, जिसकी भव्यता और दिव्यता आज हर किसी को हैरान कर देती है।

कैसी है किले की बनावट?

यह किला एक पहाड़ पर बना है। यहां से स्लोवाकिया, ऑस्ट्रिया और साफ मौसम में हंगरी तक देखा जा सकता है। इसके बगल डेन्यूब नदी है। किले को दूर से देखें तो यह कोई बक्से की तरह दिखता है, जिसके चारों कोनों पर चार टावर हैं।

slovakia

डेन्यूब नदी के करीब है ब्रातिस्लावा किला। istock

सफेद रंग की शानदार इमारत के ऊपर गहरे लाल रंग की आउटलाइन है। ब्रातिस्लावा कैसल के दक्षिण-पश्चिम टावर को 'क्राउन टावर' के नाम से जाना जाता है। इस किले की इतिहास सैकड़ों साल पुराने हैं। इस किले में 200 सालों तक शाही ताज के गहने रखे गए थे। कार्पेथियन और आल्प्स पर्वतमालाओं के बीच मौजूद यह जगह पुराने समय के अहम व्यापारिक रास्तों की एक केंद्र बिंदु है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article