Parliament Monsoon Session: 18वीं लोकसभा का मानसून सत्र सोमवार (22 जुलाई) से शुरू होगा, जिसमें 23 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेगी। सरकार इस सत्र में आपदा प्रबंधन कानून में संशोधन विधेयक सहित कुल छह विधेयक लेकर आने की तैयारी में है। वहीं, पिछले लोकसभा से मजबूत हुई विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति बना रही है, पढ़ें ये रिपोर्ट।
2024 लोकसभा चुनाव के बाद पहले सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री के भाषण और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण ने एक ट्रेलर दिखा दिया था। मजबूत हुई विपक्ष की अब रणनीति है कि वो जन सरोकार के मुद्दे पर सरकार पर आक्रामक रहेगी और सवाल पूछती दिखेगी। जिस तरह इंडिया गठबंधन की एकजुटता चुनाव में थी वही संसद में भी दिखे इसकी कोशिश लगातार जारी है। यही वजह है कि सत्र के शुरू होते कांग्रेस पहले पार्लियामेंट्री पार्टी की बैठक करेगी और संसद में हमलावर होने के लिए इंडिया गठबंधन पार्टियों के संसदीय नेता के साथ साझा बैठक होगी। 21 जुलाई को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू संसद के बजट सत्र से पहले संसद के दोनों सदनों में राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक बुलाई है, जिसके बाद इंडिया गठबंधन भी बैठक करेगी और साझा रणनीति तैयार करेगी।
संसद सत्र के दौरान विपक्ष के कौन से मुद्दे, जो सरकार को कर सकती है परेशान
लोकसभा चुनाव के नतीजे के तुरंत बाद NEET (NATIONAL ELIGIBILITY CUM ENTRANCE TEST) पेपर लीक मामले से सरकार की साख पर सवाल खड़ा किया, जिसके बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर मामले की न्यायिक जांच और संसद में मामले पर सार्थक बहस हो। हालांकि, कांग्रेस की छात्र विंग (NSUI) और यूथ कांग्रेस छात्रों की इस लड़ाई को सड़क पर भी लड़ रही है।
मणिपुर हिंसा पर कांग्रेस आक्रामक
मणिपुर हिंसा पर कांग्रेस राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों को कटघरे में खड़ा कर रही है। पिछले सत्र में भी राहुल गांधी ने मणिपुर हिंसा पर चर्चा की बात कहते हुए प्रधानमंत्री और गृहमंत्री पर सीधा हमला किया था। कांग्रेस का कहना है कि मणिपुर मुद्दे पर मानसून सत्र में भी इसपर चर्चा की मांग करेगी।
अग्निवीर योजना पर सवाल
अग्निवीर योजना की घोषणा के बाद से ही विपक्ष इसका विरोध करती रही है। चुनाव के दौरान भी इंडिया गठबंधन की पार्टियों ने कहा था कि अगर उनकी सरकार आती है तो इस योजना को खत्म कर दिया जाएगा। इस मुद्दे पर भी विपक्ष संसद सत्र में सवाल उठाएगी।
कांवर यात्रा के नाम पर यूपी में दुकानों में नाम लिखने का मामला
ताजा मुद्दा उत्तर प्रदेश से जुड़ा हुआ है, जहां कांवड़ यात्रा मार्गों पर पड़ने वाली दुकानों में दुकानदार को अपना नाम लिखना होगा। इसमें दुकान मालिक का नाम और डिटेल लिखी जाएगी, जिस पर विपक्ष राज्य सरकार पर धर्म के नाम पर लोगों को बांटने का आरोप लगाया है। कांग्रेस सोशल मीडिया हेड सुप्रिया श्रीनेत ने आज प्रेस वार्ता करते हुए कहा की, क्या कांवर यात्रा में जा रहे लोगों के साथ हादसा हो तो मुसलमान डॉक्टर से इलाज नहीं करवायेंगे? या जरूरत पड़ी तो मुसलमान का खून नहीं लेंगे? ये सिर्फ बांटने की राजनीति है इसी राजनीति को जनता ने अयोध्या में हराया है। विपक्ष की रणनीति है कि इस मुद्दे को भी संसद में ज़ोर-शोर से उठाएगी।
