Maharashtra Politics News: सियासत में सरप्राइज के लिए महाराष्ट्र का कोई जवाब नहीं है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना में दो फाड़ हुआ तो सरकार बदली और एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री की कुर्सी को अपनी जकड़ में ले लिया था, उसके बाद चाचा शरद पवार को उनके भतीजे अजित पवार ने ऐसा गच्चा दिया कि एनसीपी दो हिस्सों में बिखर गई। अब एक बार फिर अटकलों का दौर तेज हो गया है। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री की कुर्सी की खातिर एक बार फिर राज्य में सियासी उठापटक देखी जा सकती है। इस सियासी तपिश के बीच सबसे ज्यादा एकनाथ शिंदे की टेंशन में इजाफा होने के आसार हैं। आपको पूरा सियासी समीकरण समझाते हैं।
महाराष्ट्र में फिर क्यों मचा सियासी बवाल?
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महाराष्ट्र इकाई ने शुक्रवार शाम को अपने आधिकारिक ‘एक्स’ एकाउन्ट पर अपने नेता, पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का चार साल पुराना एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने राज्य की सत्ता में वापसी की बात कही है, जिसको लेकर राज्य के राजनीतिक हलकों में कयासों का दौर शुरू हो गया है। वीडियो में भाजपा नेता कहते सुनाई दे रहे हैं, 'मैं नये महाराष्ट्र के निर्माण के लिए लौटूंगा।' हालांकि, उक्त पोस्ट को दो घंटे बाद ही हटा दिया गया। फडणवीस 2019 महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री थे। तब उन्होंने कहा था, 'मी पुन्हा येईन' (मैं लौटूंगा)। उनकी टिप्पणी पर सोशल मीडिया पर कई मीम बने थे।
क्या महाराष्ट्र में होने वाला है कोई नया खेला?
भले ही भाजपा ने इस पोस्ट को हटा लिया हो, लेकिन सियासत में एक छोटी सी गलती भी भारी नुकसान दे जाती है। राजनीति में कभी भी कुछ भी हो सकता है और ये समझाने के लिए महाराष्ट्र से बड़ा उदाहरण शायद ही कोई दूसरा होगा। धनुष से निकला तीर और मुख से निकली बात वापस नहीं ली जा सकती है। इस प्रकार जब भाजपा के सोशल मीडिया टीम से ये गलती से हुआ पोस्ट मुद्दा बन गया है तो चर्चाओं का बाजार गर्म होना भी लाजमी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या एक बार फिर महाराष्ट्र में कोई नया खेला होने वाला है?
लोकसभा चुनाव से पहले बढ़ रहा मनमुटाव
इस वक्त महाराष्ट्र में भाजपा की सबसे बड़ी टेंशन है आगामी लोकसभा चुनाव में सीटों का हिसाब-किताब...। भाजपा के साथ महाराष्ट्र में रामदास अठावले की पार्टी आरपीआई पहले से गठबंधन में है, मगर शिवसेना (एकनाथ शिंद गुट) और एनसीपी (अजित पवार गुट) कुछ समय पहले ही भाजपा के साथ जुड़ी है, ऐसे में इन दोनों की नजर आगामी लोकसभा चुनाव पर टिकी हुई है। कहा जा रहा है कि दोनों ही पार्टी के नेता लोकसभा चुनाव के लिए सीटों की मांग पर अड़े हुए हैं, जो भाजपा की सबसे बड़ी टेंशन साबित हो सकती है। राज्य में 48 लोकसभा सीटें हैं। साल 2019 के चुनाव में 23 सीटों पर भाजपा को जीत हासिल हुई थी, जबकि 18 पर शिवसेना ने जीत दर्ज की थी। एनसीपी के खाते में 4 सीट और कांग्रेस, एआईएमआईएम, आएनडी की झोली में 1-1 सीट आई थी। इस बार समीकरण काफी बदल चुका है। ऐसे में सीटों को लेकर भाजपा खेमे में मनमुटाव काफी बढ़ सकता है।
मोदी सरकार पर सीएम शिंदे की टिप्पणी के मायने
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र और महाराष्ट्र सरकार आम नागरिक को केंद्र में रखकर फैसले लेती है। 'मेरी माटी, मेरा देश' अभियान के दौरान शिंदे ने यह बात कही। इधर महाराष्ट्र में सियासी बवंडर के आसार नजर आ रहे हैं और लोकसभा चुनाव से पहले कुछ बड़े उलटफेर के दावे किए जा रहे हैं तो इस बीच सीएम शिंदे पीएम मोदी की तारीफ कर रहे हैं, जिसके कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
भाजपा ने किया साफ, शिंदे के चेहरे पर होगा चुनाव
फडणवीस अब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सरकार के दो उप मुख्यमंत्रियों में से एक हैं। दूसरे उप मुख्यमंत्री राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता अजित पवार हैं। भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्याय ने कहा कि शुक्रवार को शुक्रवार को पोस्ट किये गए वीडियो को लेकर ‘कोई निष्कर्ष निकालने’ की जरूरत नहीं है। उन्होंने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा, 'भाजपा का रुख साफ है। यह वीडियो पहले भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया है। फडणवीस ने कहा है कि राज्य का अगला चुनाव चुनाव शिंदे के नेतृत्व में लड़ा जाएगा।' उपाध्याय ने कहा, 'शिंदे गुट को (वीडियो को लेकर) आशंकित होने की कोई जरूरत नहीं है। शिंदे और फडणवीस के बीच अच्छा तालमेल और समन्वय है। शिंदे, फडणवीस और अजित पवार महाराष्ट्र के विकास के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।'
वीडियो पर क्या बोले महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक टीवी चैनल से कहा कि उन्होंने अभी तक भाजपा की राज्य इकाई द्वारा पोस्ट किया गया वीडियो नहीं देखा है। भाजपा नेता प्रवीण दरेकर ने कहा कि फडणवीस ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि राज्य सरकार शिंदे के नेतृत्व में ठीक से काम कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने आश्चर्य जताया कि क्या शिंदे को मुख्यमंत्री पद से हटाने के लिए कोई कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'शायद शिंदे को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। ऐसा कदम इसलिए हो सकता है, क्योंकि उनके नेतृत्व वाली सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों से निपटने में विफल रही है।' भाजपा की राज्य इकाई ने यह वीडियो फडणवीस के नई दिल्ली दौरे और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के दो दिन बाद पोस्ट किया। शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना, राकांपा (अजित पवार समूह) और भाजपा राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा हैं। क्या वाकई में महाराष्ट्र में कुछ बड़ा उलटफेर होने वाला है? इस सवाल का जवाब तो आने वाला वक्त ही देगा।
