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रेड, ऑरेंज, येलो और ग्रीन अलर्ट का क्या है मतलब, जानें IMD कब जारी करता है ये चेतावनी

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Jul 10, 2023, 11:16 AM IST

Red,Orange, Yellow And Green Alerts : मौसम विभाग केंद्र दिल्ली के क्षेत्रीय अधिकारी चरण सिंह का कहना है कि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मब कश्मीर के लिए अलर्ट जारी किया गया है। पंजाब, हरियाणा, यूपी और पूर्वी राजस्थान के लिए ऑरेंज अलर्ट और दिल्ली में अगले 24 घंटे के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

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मौसम को लेकर आईएमडी की ओर से जारी होते हैं अलर्ट।

Photo : AP

Red,Orange, Yellow And Green Alerts : पहाड़ी इलाकों सहित उत्तर भारत में भारी बारिश हो रही है। रविवार को मूसलाधार बारिश,भूस्खलन एवं वर्षा जनित विभिन्न घटनाओं में देश भर में 19 लोगों की मौत हो गई। दिल्ली में यमुना सहित देश के उत्तरी क्षेत्र में कई नदियां उफान पर हैं। हिमाचल प्रदेश में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली सहित कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले दो दिनों में जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश होने का अनुमान है।

भारी बारिश के बाद राज्यों के लिए अलर्ट जारी

मौसम विभाग केंद्र दिल्ली के क्षेत्रीय अधिकारी चरण सिंह का कहना है कि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मब कश्मीर के लिए अलर्ट जारी किया गया है। पंजाब, हरियाणा, यूपी और पूर्वी राजस्थान के लिए ऑरेंज अलर्ट और दिल्ली में अगले 24 घंटे के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी दिल्ली में रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे की अवधि में 153 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई, जो 1982 के बाद से जुलाई में एक दिन में हुई सर्वाधिक बारिश है। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल शहर में लगातार हो रही बारिश के कारण जगह-जगह पानी भरने और यमुना नदी में बढ़ते जल स्तर के संबंध में सोमवार को बैठक करने वाले हैं। यहां हम बारिश को लेकर मौसम विभाग की ओर से जारी होने वाले येलो, आरेंज और रेड अलर्ट के बारे में बताएंगे।

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चार रंग के जारी होते हैं अलर्ट

आईएमडी का कहना है कि मौसम के बारे में चेतावनी जारी करने के लिए वह अलग-अलग रंग के कोड का इस्तेमाल करता है। आईएमडी के मुताबिक अलर्ट जारी करने का मकसद सरकारी एवं आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों को सतर्क करना होता है ताकि वे समय रहते अपनी तैयारी कर लें। मौसम के बारे में आगाह करने के लिए आईएमडी की ओर से आम तौर पर चार रंगों हरा (ग्रीन), पीला (येलो), नारंगी (ऑरेंज) और लाल (रेड) का इस्तेमाल किया जाता है।

ग्रीन अलर्ट (Green Alert)

आईएमडी की ओर से मौसम के बारे में जब ग्रीन (हरा) अलर्ट होता है तो इसका मतलब होता है कि मौसम से किसी तरह का नुकसान पहुंचने वाला नहीं है और एजेंसियों को किसी तरह की कदम उठाने के लिए पूर्व तैयारी करने की जरूरत नहीं है। मौसम अच्छा या कमोबेश खराब रह सकता है। मौसम के बदलाव का असर रोजमर्रा के जीवन एवं क्षेत्र पर नहीं पड़ने वाला है।

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येलो अलर्ट (Yellow Alert)

येलो अलर्ट का मतलब यह होता है कि मौसम पर नजर बनाए रखें। यह अलर्ट आपदा से जुड़ी एजेंसियों को अपनी तैयारी रखने के लिए कहता है। इसमें मौसम से कम नुकसान होने की आशंका जाहिर की जाती है हालांकि इस तरह का मौसम जनजीवन को प्रभावित कर सकता है। गरज के साथ तूफान, भारी बारिश, तेज हवा चलने, लू अथवा शीत लहर का अनुमान होने पर येलो अलर्ट जारी किया जाता है।

ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert)

आईएमडी का यह अलर्ट लोगों को सचेत रहने और एजेंसियों एवं लोगों को तैयार रहने के लिए कहता है। भारी बारिश होने, प्रचंड लू अथवा भारी शीत लहर की स्थिति में ऑरेंज अलर्ट जारी किया जाता है। चक्रवात के आने पर भी यह अलर्ट जारी होता है। इस कैटगरी का अलर्ट होने पर लोगों से खुद को सुरक्षित रखने के लिए कहा जाता है। बाहर निकलने से पहले काफी एहतियात बरतने की जरूरत होती है।

रेड अलर्ट (Red Alert)

यह पूरी तरह से वार्निंग होती है और एजेंसियों को तुरंत कदम उठाने के लिए कहा जाता है। अत्यधिक बारिश होने, नुकसान पहुंचाने वाली हवा, अत्यंत गर्मी अथवा शीत लहर पड़ने, भीषण चक्रवात आने की स्थिति में रेड अलर्ट जारी किया जाता है। यदि किसी इलाके के लिए रेड अलर्ट जारी है तो नागरिकों को अपने घरों से बाहर न निकलने के लिए कहा जाता है। यदि लोग बाहर आते भी हैं तो उन्हें खुद को पर्याप्त सुरक्षित उपाय करने होते हैं।

मौसम को लेकर केवल भारत का मौसम विभाग ही नहीं बल्कि दुनिया की अन्य मौसम विभाग एजेंसियां भी इन रंगों का इस्तेमाल करती हैं। ये अलर्ट बाढ़, लू, चक्रवात, बारिश, बर्फबारी और शीत लहर की स्थितियों पर जारी होते हैं।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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