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कश्मीर में USBRL रेल प्रोजेक्ट पूरा होने के करीब, बदल जाएगी घाटी की किस्मत, जानिए क्यों माना जा रहा गेम चेंजर

पिछले महीने नवनिर्मित विद्युतीकृत लाइन खंड पर मेमू ट्रेन का सफल परीक्षण किया गया था। ट्रायल रन 40 किमी प्रति घंटे की गति से किया गया था, और ट्रेन चिनाब रेल ब्रिज को पार कर गई, जो 359 मीटर की हैरतअंगेज ऊंचाई पर है

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कश्मीर रेल प्रोजेक्ट

USBRL Rail Project: उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना जल्द पूरी होने जा रही है। यह कश्मीर की कनेक्टिविटी के लिए एक गेम-चेंजर बनने जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि इस परियोजना का उद्घाटन जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। वैष्णव ने एक कार्यक्रम में कहा कि परियोजना लगभग अपने समापन चरण में पहुंच गई है और केवल 17 किलोमीटर का खंड - टी-1 सुरंग, यानी कटरा और रियासी के बीच सुरंग बाकी है। उस खंड पर भी काम जोरों पर है।

संगलदान से रियासी खंड पूरा

उन्होंने कहा कि चिनाब पुल और संगलदान तक पहले से ही चालू है। संगलदान से रियासी खंड तक पूरा हो चुका है, और आयुक्त रेलवे सुरक्षा (सीआरएस) प्रमाण पत्र भी प्राप्त हो गया है। वैष्णव ने कहा कि परियोजना का पूरा होना जम्मू-कश्मीर के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर का ड्रीम प्रोजेक्ट अब लगभग हकीकत बन गया है। जल्द ही हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इसके उद्घाटन के लिए अपना समय देने का अनुरोध करेंगे।

रेल मंत्री ने घोषणा की कि परियोजना को 2024-25 में 3694 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ पर्याप्त बजट मिला जो 2009-2014 के बीच औसत आवंटन से 3.5 गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि 2024-25 का आवंटन 2009-2014 के औसत से लगभग 254 प्रतिशत अधिक है।

जम्मू-कश्मीर में चल रहीं कई नई परियोजनाएं

वैष्णव ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में कई नई परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें बारामूला से उरी तक रेल लाइन का विस्तार, चार टर्मिनलों का निर्माण और चार स्टेशनों को अमृत स्टेशनों के रूप में विकसित करना शामिल है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में नई परियोजनाओं की डीपीआर से संबंधित काम भी चल रहा है। बारामूला से उरी तक रेल लाइन के विस्तार, वहां दो और लाइनें और बडगाम से बारामूला खंड के बीच चार टर्मिनलों के निर्माण से संबंधित परियोजनाएं चल रही हैं।

यूएसबीआरएल परियोजना से जुड़े अहम तथ्य

  • USBRL परियोजना के साल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है, जिससे कश्मीर की कनेक्टिविटी और अर्थव्यवस्था में बदलाव आएगा। परियोजना के पूरा होने से जम्मू और श्रीनगर के बीच यात्रा का समय 12 घंटे से घटकर केवल 6 घंटे रह जाएगा, जिससे कश्मीर के लोगों के लिए परिवहन का एक विश्वसनीय और कुशल साधन उपलब्ध होगा।
  • उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना इस साल के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है। यूएसबीआरएल परियोजना, जिसमें 48.1 किलोमीटर लंबा बनिहाल-संगलदान खंड शामिल है, का उद्घाटन 20 फरवरी, 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था।
  • चरण-I में 118 किलोमीटर काजीगुंड-बारामूला खंड शामिल है और इसका उद्घाटन अक्टूबर 2009 में किया गया था। बाद के चरणों में जून 2013 में 18 किलोमीटर लंबे बनिहाल-काजीगुंड खंड और जुलाई 2014 में 25 किलोमीटर लंबे उधमपुर-कटरा खंड का उद्घाटन शामिल था।
  • जम्मू और कश्मीर क्षेत्र में चिनाब नदी के ऊपर 359 मीटर (लगभग 109 फीट) ऊंचा चिनाब रेल ब्रिज, एफिल टॉवर से लगभग 35 मीटर ऊंचा है। 1,315 मीटर लंबा यह पुल कश्मीर घाटी को भारतीय रेलवे नेटवर्क में एकीकृत करने की बड़ी पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज पर ट्रायल रन सफल

पिछले महीने नवनिर्मित विद्युतीकृत लाइन खंड पर मेमू ट्रेन का सफल परीक्षण किया गया था। ट्रायल रन 40 किमी प्रति घंटे की गति से किया गया था, और ट्रेन चिनाब रेल ब्रिज को पार कर गई, जो 359 मीटर की हैरतअंगेज ऊंचाई पर है। यह 467 मीटर के विस्तार के साथ दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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