US President Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कब अपनी कही हुई बात से पलट जाएं इसका कोई भरोसा नहीं है वह सुबह कुछ शाम में कुछ और अगले दिन कुछ और कह देते हैं अपनी कही हुई बात पर ज्यादा देर तक वह कायम नहीं रहते यू-टर्न लेना उनकी पुरानी आदत है किसी पर एक दिन टैरिफ की घोषणा करते हैं तो अगले दिन उसे हटा लेते हैं पुतिन जेलेंस्की को कभी बुरा-भला आदमी कभी आक्रमणकारी कहते हैं तो बाद में उन्हें ग्रेट पर्सनाल्टी और महान तक बता देते हैं रूस यूक्रेन युद्ध एक दिन में खत्म कराने और इजरायल के सभी बंधकों को नहीं छोड़ने पर हमास को मिट्टी में मिला देने की उनकी धमकी सहित ऐसे तमाम उदाहरण हैं जो ट्रंप की पर्सनाल्टी में विचलन होने की तरफ इशारा करते हैं पाकिस्तान को लेकर भी उनकी राय एक जैसी नहीं रही है कभी उसे बरा भुला कहते हैं तो कभी उसे महान देश बताने में नहीं हिचकते
पाक ने हमें झूठ-धोखे के अलावा कुछ भी नहीं दिया-ट्रंप
ट्रंप जब पहली बार राष्ट्रपति बने तो पाकिस्तान उनके लिए एक बुरा देश था इस देश को वह पसंद नहीं करते थे। दो हजार अठारह में पाकिस्तान के बारे में उन्होंने जो ट्वीट किया, वह पाकिस्तान के खिलाफ उनके गुस्से और नाराजगी को बताता है। उन्होंने कहा कि बीते 15 सालों में अमेरिका ने मूर्खता दिखाते हुए पाकिस्तान को 33 अरब डॉलर से ज्यादा की आर्थिक मदद दी है और इसके बदले में उन्होंने हमें झूठ और धोखे के अलावा कुछ भी नहीं दिया है। वे सोचते हैं कि अमेरिकी नेता मूर्ख हैं। उन्होंने आतंकवादियों को अपने यहां पाला। अफगानिस्तान में आतंकियों को मारने में उन्होंने हमें थोड़ी-बहुत मदद की लेकिन इससे ज्यादा कुछ नहीं किया। 2018 के अगस्त में 300 मिलियन डॉलर की सैन्य मदद जो पाकिस्तान को मिलनी थी, उसे रोक दी। ट्रंप ने आरोप लगाया कि अफगानिस्तान से लगने वाली अपनी सीमा पर आतंकियों को खत्म करने के लिए पाकिस्तान ज्यादा कुछ नहीं कर रहा है। इसके बाद पाकिस्तान को मिलने वाली 500 मिलियन डॉलर की रकम में भी कटौती कर दी गई।
पाकिस्तान की कई बार तारीफ कर चुके हैं ट्रंप
लेकिन दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद पाकिस्तान को लेकर ट्रंप के सुर बदल गए हैं। पाकिस्तान उन्हें अच्छा लगने लगा है। कुछ दिनों पहले फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने पाकिस्तान की तारीफ की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लोग काफी प्रतिभावान हैं और वे शानदार चीजें बनाते हैं। यही नहीं, 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद ट्रंप कई बार पाकिस्तान की तारीफ कर चुके हैं। वह तो यह भी दावा कर चुके हैं कि उनकी दखल या मध्यस्थता की वजह से दोनों देशों सीजफायर के लिए तैयार हुए। हालांकि, भारत ने उनके इस दावे को खारिज कर दिया। भारत ने कहा कि उसने 'ऑपरेशन सिंदूर' खत्म नहीं बल्कि स्थगित किया है। यह ऑपरेशन जारी है।

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पाकिस्तान को महान देश बताया
भारत ने साफ-साफ यह भी कहा कि सीजफायर दोनों देशों के डीजीएमओ की बातचीत का सीधा नतीजा है, इसमें अमेरिका या किसी भी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है। सीजफायर का अनुरोध पाकिस्तान की तरफ से आया था। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने सीजफायर कराने के लिए कारोबार को हथियार बनाया। भारत ने ट्रंप के इस दावे को भी खारिज किया। अपने सोशल मीडिया ट्रूथ सोशल पर ट्रंप ने 11 मई को लिखा-'मुझे भारत और पाकिस्तान के मजबूत नेतृत्व पर अत्यंत गर्व है, जिन्होंने यह समझने और स्वीकार करने की शक्ति, बुद्धिमत्ता और साहस दिखाया कि अब समय आ गया है कि वर्तमान संघर्ष को रोका जाए, यह टकराव भारी मौत और तबाही का कारण बन सकता था। लाखों अच्छे और निर्दोष लोग मारे जा सकते थे! आपके साहसिक कदमों ने आपकी विरासत को और भी महान बना दिया है। मैं भारत और पाकिस्तान —इन दोनों महान राष्ट्रों के साथ व्यापार को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने जा रहा हूं।'
क्या पारिवारिक 'डील' है नरमी की वजह
इस ट्वीट में पाकिस्तान के लिए ट्रंप ने जिन विशेषणों का इस्तेमाल किया है जो कहीं से भी उस पर फिट नहीं बैठते। पाकिस्तान के लिए गर्वीला नेतृत्व, महान देश जैसे विशेषणों का इस्तेमाल कहीं से भी जायज नहीं है। सवाल है कि ट्रंप का यह हृदय परिवर्तन और आत्मज्ञान ऐसे ही हुआ है कि इसके पीछे वजह कुछ और है। तो इसके पीछे एक्सपर्ट की जो राय है वह कुछ दूसरी और कारोबारी है। पाकिस्तान पर नरमी दिखाने की यही वजह भी है। रिपोर्टों में कहा गया है कि पाकिस्तान की क्रिप्टो काउंसिल और अमेरिका की वर्ल्ड लिबर्टी फ्रिनान्सियल यानी डब्ल्यूएलएफ जो कि एक क्रिप्टोकरेंसी कंपनी है, इस कंपनी में ट्रंप के परिवार का स्टेक 60 प्रतिशत है, दोनों के बीच हाल ही में एक डील हुई है। डब्ल्यूएलएफ में ट्रंप के दो बेटों एरिक और डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और जीजा जेयर्ड कुश्नर की हिस्सेदारी है।

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जेंट्री बीच के दौरे से उठे कई सवाल
रिपोर्टों की मानें तो ये सभी दुनिया भर में शानदार बिजनेस डील करने में जुटे हैं। इन पर डील के लिए व्हाइट हाउस के प्रभाव का इस्तेमाल करने का भी आरोप है। एक रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के कॉलेज समय के दोस्त जेंट्री बीच बीते जनवरी में पाकिस्तान और इसके बाद बांग्लादेश और तुर्किये गए थे। इन देशों से लौटने के बाद उन्होंने पाकिस्तान को 'शानदार' जगह बताया। उन्होंने ट्रंप से यह भी कहा कि इस देश के साथ दुर्लभ खनिज तत्व, आयल, गैस और रीयल स्टेट के क्षेत्र में अच्छी डील हो सकती है। दरअसल, ट्रंप को डील बहुत पसंद है। वह 'डीलबाज' व्यक्ति हैं। टैरिफ, युद्ध, कारोबार सभी में वह एक अच्छी डील चाहते हैं। इसके आगे उनके लिए कुछ भी मायने नहीं रखता।
