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अग्निवीरों के लिए खुशखबरी! यूपी, एमपी, छत्तीसगढ़ के बाद अब राजस्थान... कहां, किन भर्तियों में मिलेगा आरक्षण; जानें सबकुछ

Agnipath Yojana: अग्निवीर पर चल रहे राजनीति के बीच उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सरकार ने बड़ा फैसला लिया, तो अब राजस्थान की भजनलाल शर्मा की सरकार ने अग्निवीरों को आरक्षण देने का ऐलान किया है। अब सूबे में अग्निवीरों को राज्य पुलिस, जेल प्रहरी और वनरक्षक भर्ती में आरक्षण मिलेगा।

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पूर्व अग्निवीरों को कहां-कहां मिलेगा आरक्षण।

Good News for Agniveer: राजस्थान सरकार सेना में अग्निवीर के रूप में सेवाएं देने वाले युवाओं को राज्य पुलिस, जेल प्रहरी और वनरक्षक भर्ती में आरक्षण देगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को यह घोषणा की। इससे पहले उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ये ऐलान किया था कि अग्निवीरों को यूपी पुलिस और पीएसी में वेटेज मिलेगा। वहीं छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए बड़ी घोषणा की। जिसके तहत इन दोनों राज्यों में अग्निवीर में चार साल की सेवा पूरी करने के बाद पुलिस भर्तियों समेत अन्य विभागों में आरक्षण दिया जाएगा।

राजस्थान सरकार ने अग्निवीरों को दी खुशखबरी

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, 'मुख्यमंत्री शर्मा ने करगिल विजय दिवस के अवसर पर सेना के अग्निवीरों के लिए बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि समर्पण और राष्ट्र भक्ति की भावना से देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले अग्निवीरों के लिए राजस्थान सरकार ने राज्य पुलिस, जेल प्रहरी और वनरक्षक भर्ती में आरक्षण का प्रावधान किया है।'

Agniveer File Photo

अग्निवीर। (सांकेतिक तस्वीर)

बयान के अनुसार, शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार के इस फैसले से अग्निवीरों को देश की सेवा के बाद राज्य में भी काम करने का अवसर मिलेगा।

छत्तीसगढ़ में कई नौकरियों में आरक्षण

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को कहा कि यह बताते हुए अत्यंत खुशी हो रही है कि अब छत्तीसगढ़ के सभी अग्निवीरों को उनकी सेवा के बाद पुलिस आरक्षक, वनरक्षक, जेल प्रहरी आदि पदों पर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्राथमिकता के आधार पर शामिल करने की सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश शीघ्र ही जारी किए जाएंगे।

मध्य प्रदेश सरकार ने की घोषणा

इसके साथ ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी पूर्व अग्निवीरों के लिए बड़ी घोषणा की है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि आज कारगिल दिवस के अवसर पर हमारी सरकार ने निर्णय किया है कि पूर्व अग्निवीर जवानों को पुलिस एवं सशस्त्र बलों की भर्ती में आरक्षण दिया जाएगा। बता दें कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलावा यूपी सरकार ने भी ऐसी घोषणाएं की है।

यूपी पुलिस और पीएसी में मिलेगा वेटेज

अग्निवीर पर चल रहे राजनीति के बीच यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अग्निवीरों को यूपी पुलिस और पीएसी में लाभ मिलेगा। अग्निवीर रूप में देश को ट्रेंड और अनुशासित युवा सैनिक मिलेंगे। सीएम योगी ने अग्निवीर मुद्दे पर विपक्ष की राजनीति को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि विरोधियों का काम हर प्रगति और रिफॉर्म वाले कार्य में अड़ंगा लगाने, टांग अड़ाने और अफवाह फैलाने का है।

Ex Agniveers Benifits

पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण, मिलेगी छूट।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। बीते 10 साल में भारत में बेहतरीन रिफॉर्म हुए हैं। सीएम योगी ने कहा कि भारतीय सेना के आधुनिकीकरण और इसके साजो-सामान के मामल में हम आत्मनिर्भरता की ओर से बढ़ रहे हैं। ऐसे में अग्निवीरों को लेकर लिया गया यह फैसला अग्निवीरों को काफी राहत देने वाला है।

अग्निवीर को लेकर युवाओं में उत्साह

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सेना को मजबूत करने के लिए यूपी और तमिलनाडु में डिफेंस इंडस्ट्रियल कारीडोर विकसित हो रहा है। यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के 6 नोड में हजारों करोड़ का निवेश आया है। उन्होंने बताया कि यहां भारत डायनेमिक्स लिमिटेड या ब्रह्मोस मिसाइल बनाने की दिशा में प्रगति हो रही है। सेना भी हमारी इस गति के साथ आगे बढ़ रही है। अग्निवीर की योजना भारतीय सेना में इसी दृष्टि से आगे बढ़ाई गई है। इसे लेकर युवाओं में उत्साह है।

सीएम योगी ने बताया कि 10 लाख अग्निवीर भारतीय सेना के अग्निपथ पर मजबूत जवान के रूप में अपनी सेवा देने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। दुर्भाग्य है कि कुछ राजनीतिक दलों के लिए स्वयं की राजनीति देश से बड़ी हो गई है। वो देश की कीमत पर राजनीति करना चाहते हैं। वह हर रिफॉर्म और प्रगति वाले कार्य में टांग अड़ाने, गुमराह करने और बयानबाजी करने जैसे कृत्य करते रहते हैं। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर लगातार युवाओं को गुमराह कर रहा है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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