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1971 के बाद पहली बार पाकिस्तान के काफी अंदर घुसी IAF, कैसे अंजाम तक पहुंचा Operation Sindoor; 10 प्वाइंट में समझिए

Operation Sindoor Explained: भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के 15 दिनों के भीतर ही पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों के ठिकानों पर हमला किया है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत किए गए इन हमलों में लश्कर, जैश और हिजबुल मुजाहिदीन के ठिकाने ध्वस्त हो गए हैं। आइए जानते हैं कैसे ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया गया।

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पाकिस्तान में बने आतंकी ठिकानों पर भारत की एयर स्ट्राइक

Operation Sindoor Explained: भारत ने पाकिस्तान में बने आतंकियों के 9 ठिकानों पर एयर स्ट्राइक किया है। ये 1971 के बाद है कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के काफी अंदर तक घुसकर हमला किया है। भारतीय वायुसेना ने इस एयर स्ट्राइक का नेतृत्व किया और पाकिस्तान और पीओके में बने आतंकियों के 9 ठिकानों पर मिसाइलों से हमला बोला। भारतीय सेना के तीनों अंग- इंडियन आर्मी, नौसेना और इंडियन एयरफोर्स ने इस संयुक्त रूप से इस मिशन को अंजाम दिया। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला सिर्फ 15 दिनों के अंदर ले लिया। भारत ने 15 दिनों के अदंर न सिर्फ ऑपरेशन सिंदूर की तैयारी की, बल्कि इसे सफलता पूर्वक अंजाम भी दे दिया। आइए समझते हैं भारत ने किस तरह से ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया।

1. लोकेशन की पहचान

पहलागाम आतंकी हमले के बाद ही ऑपरेशन सिंदूर की तैयारी शुरू हो गई थी। पीएम मोदी ने ऐलान कर दिया कि आतंकियों और उनके आकाओं को खोज-खोज कर मारा जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर के तहत ये दिखा भी। सबसे पहले पाकिस्तान और पीओके में बने आतंकियों के इन ठिकानों की पहचान की गई, जिसमें रॉ की भूमिका अहम रही।

2. तीनों सेनाओं का संयुक्त ऑपरेशन

ऑपरेशन सिंदूर को अंजान भले ही इंडियन एयरफोर्स के जबांजों ने दिया हो, लेकिन इसमें भारतीय सेना के तीनों अंग शामिल थे। समुद्र से जहां नौसेना साथ थी, ग्राउंड का जिम्मा भारतीय आर्मी के पास था और वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर को फाइनल अंजाम तक पहुंचा और आतंकियों के ठिकाने ध्वस्त कर डाले।

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शावाई नाला कैंप (फोटो- ANI)

3. कब पाकिस्तान में घुसी भारतीय वायुसेना

रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात एक बजकर 44 मिनट पर एक बयान में कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने कुछ देर पहले पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के उन ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर के तहत अभियान शुरू किया जहां भारत के खिलाफ आतंकी हमलों की साजिश रची गई थी और जहां से इन हमलों के लिए निर्देश दिए गए थे।

4. कहां-कहां भारत ने की एयर स्ट्राइक

भारत ने पाकिस्ता और पीओके में बने 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया है। इसमें 1. मरकज़ सुभान अल्लाह बहावलपुर, 2. मरकज़ तैयबा, मुरीदके, 3. सरजाल/तेहरा कलां, 4. महमूना जोया सुविधा, सियालकोट, 5. मरकज़ अहले हदीस बरनाला, भिम्बर, 6. मरकज़ अब्बास, कोटली, 7. मस्कर राहील शाहिद, कोटली, 8.मुजफ्फराबाद में शावई नाला कैम और 9. मरकज़ सैयदना बिलाल शामिल हैं।

5. जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने तबाह

भारतीय वायुसेना के सटीक अभियान में निशाना बनाए गए ठिकानों में बहावलपुर का मरकज सुभान अल्लाह, तेहरा कलां का सरजल, कोटली का मरकज अब्बास और मुजफ्फराबाद का सैयदना बिलाल कैंप शामिल हैं। ये सभी ठिकाने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हैं।

6. लश्कर-ए-तैयबा के ठिकाने ध्वस्त

इस अभियान में लश्कर-ए-तैयबा के जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें मुरिदके का मरकज तैयबा, बरनाला का मरकज अहले-हदीस और मुजफ्फराबाद का शवावाई नाला कैंप शामिल हैं।

7. हिजबुल मुजाहिदीन के ठिकानों पर भी हमला

कोटली में मक्का राहील शाहिद और सियालकोट में मेहमूना जोया को निशाना बनाया गया। इन ठिकानों में हिजबुल मुजाहिदीन के शिविर और प्रशिक्षण केंद्र स्थित हैं।

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मरकज़ सुभान अल्लाह कैंप

8. आतंकियों को यहां दी जा रही थी ट्रेनिंग

भारत द्वारा चुने गए नौ लक्ष्यों में चार पाकिस्तान में और शेष पांच पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हैं। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना और इस देश की खुफिया एजेंसी आईएसआई अपने "स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (एसएसजी)" के जरिये इन शिविरों को आतंकवादियों के प्रशिक्षण के साथ ही लॉजिस्टिक्स (परिवहन एवं आपूर्ति का काम) के लिए इस्तेमाल कर रही थी।

9. ठीक 15 दिन बाद पहलगाम का बदला

भारत ने ठीक 15 दिन बाद पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है। हमले के लिए जिम्मेदार समूहों से जुड़े आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाकर यह ऑपरेशन सटीकता के साथ किया गया। भारत सरकार ने पुष्टि की है कि सभी नौ ठिकानों पर सफलतापूर्वक हमला किया गया, जिससे पाकिस्तान में कोई भी नागरिक या सैन्य ढांचा प्रभावित नहीं हुआ।

10. पीएम मोदी खुद करते रहे मॉनिटरिंग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रात भर ऑपरेशन की प्रगति पर बारीकी से नजर रखी। सूत्रों ने पुष्टि की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और सैन्य कमांडरों के साथ लगातार संपर्क में थे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अभियान योजना के अनुसार आगे बढ़े। प्रधानमंत्री की सक्रिय भागीदारी ने मिशन के महत्व और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को उजागर किया। भारतीय सेना के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि हमले केंद्रित, मापे गए थे।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमार author

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय ... और देखें

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