बहुत से पेरेंट्स ऐसे हैं जो अपने बच्चों को किसी प्राइवेट कैब से स्कूल भेजते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं तो आपको बहुत ज्यादा जागरुक रहने की जरूरत है। ये भी आपकी सजग पेरेंटिंग का हिस्सा है। एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि बच्चों की सुरक्षा घर से निकलने के बाद और ज्यादा जरूरी हो जाती है।
तो अगर आपका बच्चा भी रोज कैब से स्कूल जाता है, तो गूगल पर सर्च की जाने वाली इन बुनियादी सुरक्षा गाइडलाइंस (School Cab Safety Rules) को आपको जरूर जानना चाहिए:
सुप्रीम कोर्ट की स्कूल वाहन गाइडलाइंस को चेक करें (Supreme Court Guidelines)
क्या आप जानते हैं कि बच्चों को ले जाने वाले हर स्कूली वाहन के लिए कुछ कानूनी नियम तय हैं? कैब बुक करने से पहले यह जरूर देखें:
कैब का रंग और बोर्ड: कैब या वैन पर स्पष्ट रूप से 'School Duty' लिखा होना चाहिए।
स्पीड गवर्नर: कैब में स्पीड कंट्रोलर होना अनिवार्य है ताकि रफ्तार तय सीमा (आमतौर पर 40 किमी/घंटा) से ऊपर न जाए।
फर्स्ट एड की सुविधा: कैब में प्राथमिक चिकित्सा किट और फायर एक्सटिंग्विशर मौजूद होना चाहिए।
ड्राइवर का पुलिस वेरिफिकेशन और नो-अल्टरनेट रूल
बच्चे को जिस कैब से भेज रहे हैं, उसके ड्राइवर का नाम, मोबाइल नंबर, आधार या ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी अपने पास रखें।
सख्त नियम बनाएं: यदि कैब किसी एजेंसी से जुड़ी है, तो उनसे ड्राइवर का पुलिस वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट मांगें।
अचानक ड्राइवर बदलना: अगर किसी दिन बिना पूर्व सूचना के कोई नया ड्राइवर आ जाए, तो जब तक कैब ऑपरेटर से पुष्टि न हो जाए, बच्चे को गाड़ी में न बैठने दें।
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टेक-सेफ्टी: GPS और लाइव लोकेशन शेयरिंग का उपयोग
आजकल तकनीक ने सुरक्षा को आसान बना दिया है। हमेशा ऐसी कैब सेवा को प्राथमिकता दें जिसमें जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगा हो। अगर ड्राइवर के फोन में लाइव लोकेशन शेयरिंग की सुविधा है, तो स्कूल आने-जाने के समय की लाइव ट्रैकिंग अपने फोन पर चालू रखें। यह आपातकालीन स्थिति में सबसे बड़ा सुरक्षा कवच बनता है।
बच्चों को सिखाएं स्मार्ट सेफ्टी कोड्स
बच्चों को केवल संभल कर रहना बोलने से काम नहीं चलेगा। उन्हें व्यावहारिक बातें सिखाएं:
सीट बेल्ट और खिड़की: बच्चे को समझाएं कि चलती गाड़ी में खिड़की से हाथ या सिर बाहर न निकालें और यदि सीट बेल्ट मौजूद है तो उसे जरूर लगाएं।
अजनबी और आपातकाल: रास्ते में किसी अनजान व्यक्ति से कोई खाने की चीज न लें। छोटे बच्चों के बैग में माता-पिता का फोन नंबर और घर का पता एक कार्ड पर लिखकर जरूर रखें।
चाइल्ड बिहेवियर पर रखें नजर और नियमित फीडबैक लें
- कई बार बच्चे ड्राइवर या साथ जाने वाले बच्चो के अनुचित व्यवहार के बारे में सीधे नहीं बोल पाते, लेकिन उनका बदला हुआ व्यवहार बहुत कुछ बयां करता है।
- हफ्ते में कम से कम एक बार बच्चे से कैब के सफर के बारे में बात करें।
- अगर बच्चा ड्राइवर की तेज ड्राइविंग या किसी बात से असहज होने की शिकायत करे, तो उसे हल्के में न लें और तुरंत एक्शन लें।
माता-पिता के लिए क्विक सुरक्षा चेकलिस्ट (Quick Safety Checklist)

बच्चों को कैब से भेजने वाले पेरेंट्स जरूर रखें ये चेकलिस्ट
FAQs
स्कूल वैन या कैब की शिकायत कहां दर्ज करें?
यदि स्कूल कैब का ड्राइवर नियमों का उल्लंघन करता है, तेज गाड़ी चलाता है या क्षमता से अधिक बच्चे बिठाता है, तो आप इसकी शिकायत सीधे स्कूल प्रशासन, संबंधित कैब एजेंसी या स्थानीय ट्रैफिक पुलिस के हेल्पलाइन नंबर पर कर सकते हैं।
