चीन के प्रभाव को कम करना चाहता है अमेरिका
ट्रंप और मुनीर की इस मुलाकात के कई संभावित कारण हो सकते हैं। अमेरिका ने हाल ही में पाकिस्तान को आतंकवाद विरोधी लड़ाई में साझेदार बताया है। पाकिस्तान की चीन के साथ गहरी साझेदारी भी अमेरिका के लिए चिंता का विषय है। ऐसे में मुनीर की यात्रा को अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को अपने पक्ष में लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, ताकि वह चीन के प्रभाव को कम कर सके।

Donald Trump-Asim Munir
वाशिंगटन में मुनीर के खिलाफ लगे नारे
अपनी यात्रा के दौरान मुनीर को सोमवार को विदेश में रह रहे पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा।वाशिंगटन डीसी में एक कार्यक्रम में मुनीर का स्वागत किए जाने के दौरान लोगों ने 'पाकिस्तान आईओ के कातिल' और 'इस्लामाबाद के कातिल' के नारे लगाए। मुनीर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। पाकिस्तान-अमेरिकियों ने फोर सीजन्स होटल के बाहर मुनीर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति पश्चिम एशिया में मौजूदा संकट से निपटने में व्यस्त हैं। मंगलवार को उन्होंने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करके ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग की। उन्होंने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से भी मुलाकात की। ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में ट्रम्प ने कहा कि हमारे पास अब ईरान के ऊपर के आसमान पर पूरा और संपूर्ण नियंत्रण है और हमें ठीक से पता है कि तथाकथित 'सर्वोच्च नेता' कहां छिपा है। उन्होंने चेतावनी दी कि हमारा धैर्य समाप्त हो रहा है। विडंबना यह है कि जनरल असीम मुनीर और पाकिस्तान ईरान के सबसे मजबूत समर्थकों में से एक के रूप में उभरे हैं। वाशिंगटन डीसी में एक भाषण में मुनीर ने कहा कि उनका देश ईरान के साथ खड़ा है और संघर्ष के जल्द खत्म होने की उम्मीद करता है। इजरायल ने ईरानी सैन्य और परमाणु ठिकानों पर हवाई हमलों की एक श्रृंखला शुरू की है, जिसके बाद तेहरान ने जवाबी हमले किए हैं। ट्रम्प इजरायल के समर्थन में मुखर रहे हैं और इस बात पर जोर दिया है कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
