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AAP-कांग्रेस में नई दोस्ती की शुरुआत! चंडीगढ़ के फ्लोर से कितनी बदलेगी दिल्ली-पंजाब और INDIA गठबंधन की सियासत?

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jan 15, 2024, 04:19 PM IST

India Alliance: चंडीगढ़ में मेयर चुनाव के जरिए कांग्रेस और आप INDIA गठबंधन के अन्य घटक दलों को भी बड़ा संकेत देने की कोशिश करेंगी। दरअसल, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और बिहार ऐसे राज्य हैं, जहां क्षेत्रीय पार्टियों और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर मतभेद है।

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अरविंद केजरीवाल-मल्लिकार्जुन खड़गेे

Photo : Twitter

India Alliance: लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच दोस्ती की नई शुरुआत हो गई है। इसका मजमून चंडीगढ़ में 18 जनवरी को होने जा रहे मेयर चुनाव के दौरान देखने को मिलेगा, जहां दोनों पार्टियां एक साथ मैदान में उतर रही हैं। जानकारी के मुताबिक, आप और कांग्रेस एक साथ मिलकर चंडीगढ़ का मेयर चुनाव लड़ने जा रही हैं। दिल्ली और पंजाब में लोकसभा सीट शेयरिंग से पहले इस कदम को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बता दें, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच दिल्ली और पंजाब में लोकसभा सीटों की शेयरिंग को लेकर बैठकों का दौर जारी है। अभी हाल ही में आप संयोजक अरविंद केजरीवाल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर पहुंचे थे। इस बैठक में राहुल गांधी भी मौजूद थे। हालांकि, इन बैठकों से इतर लगातार खबरें आ रही थीं कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली और पंजाब में कांग्रेस के साथ समझौता करने को तैयार नहीं हैं। अब चंडीगढ़ में पार्टियों के साथ आने से दोनों खेमों में उम्मीद बढ़ गई है।

चंडीगढ़ होगा लोकसभा का लिटमस टेस्ट

कांग्रेस नेता पवन कुमार बंसल का कहना है कि दोनों पार्टियां इस पर चर्चा कर रही थीं और यह निर्णय लिया गया कि AAP मेयर पद पर चुनाव लड़ेगी जबकि कांग्रेस शेष दो पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा, लोकसभा चुनाव बाद में आने हैं, लेकिन उससे पहले नगर निगम चुनाव आ गए हैं। हम उसी पर चर्चा कर रहे हैं और यह निर्णय लिया गया है कि आप मेयर पद के लिए चुनाव लड़ेगी और कांग्रेस वरिष्ठ उप महापौर पद के लिए चुनाव लड़ेगी।

दिल्ली और पंजाब में तय हो गया फार्मूला?

यह खबर तब सामने आई है जब दिल्ली और पंजाब में दोनों पार्टियों के बीच तकरार देखी गई थी। दरअसल, विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए अरविंद केजरीवाल यहां ज्यादा से ज्यादा लोकसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारना चाहते थे, लेकिन कांग्रेस इस पर राजी नहीं थी। इस बीच चंडीगढ़ में दोनों पार्टियों के साथ आने से संकेत मिलता है कि कांग्रेस और आप ने दिल्ली, पंजाब, गोवा और हरियाणा में सीट शेयरिंग का फार्मूला तलाश लिया है।

गठबंधन के अन्य दलों को संकेत

चंडीगढ़ में मेयर चुनाव के जरिए कांग्रेस और आप INDIA गठबंधन के अन्य घटक दलों को भी बड़ा संकेत देने की कोशिश करेंगी। दरअसल, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और बिहार ऐसे राज्य हैं, जहां क्षेत्रीय पार्टियों और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर मतभेद है। अब ऐसे में अन्य राज्यों में भी सुलह की उम्मीद जगेगी। इसके अलावा इससे यह भी संकेत जाता है कि राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन से पहले विपक्षी गठबंधन के घटक दलों को स्थानीय चुनावों में भी आपसी समझ दिखानी होगी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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