Gaurav Khanna Wife Akanksha Chamola Visits Shri Shri Ravi Shankar Ashram: टीवी के पॉपुलर एक्टर गौरव खन्ना की पत्नी आकांक्षा चमोला अक्सर सुर्खियों में बनी रहती हैं। आकांक्षा चमोला को उनके बेबाक अंदाज के लिए खूब जाना जाता है। हालांकि कई बार इसी बेबाकी के कारण आकांक्षा चमोला लोगों के निशाने पर भी आ जाती हैं। वहीं हाल ही में गौरव खन्ना की पत्नी आकांक्षा आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रवि शंकर के दरबार में पहुंचीं। जहां उन्होंने आध्यात्मिक गुरू के सामने अपनी तकलीफ बयां की। गौरव खन्ना की पत्नी और एक्ट्रेस आकांक्षा चमोला (Akanksha Chamola) ने बताया कि लोग अब उनके खुश होने पर सवाल उठाने लगे हैं। एक्ट्रेस ने ऑनलाइन ट्रोलिंग पर अपना दर्द बताया। हालांकि आध्यात्मिक गुरू ने भी उन्हें सलाह देने में कोई कमी नहीं छोड़ी। यह भी पढ़ें: Ankita Lokhande पति विक्की जैन संग पहुंचीं मस्जिद, हिजाब पहन दिये पोज; अब हो रही हैं बुरी तरह ट्रोल
आकांक्षा चमोला (Akanksha Chamola) ने श्री श्री रवि शंकर के दरबार में उन्हें जय श्री राम कहकर अभिनंदन किया। उन्होंने आध्यात्मिक गुरू से कहा, "मेरा नाम आकांक्षा चमोला है, मैं भी एक एक्ट्रेस हूं और मुंबई से हूं। इंडस्ट्री में मेरे ऐसा हो रहा है कि कुछ भी करते हैं तो लोग हमारे ऊपर बहुत जजमेंट पास कर देते हैं। मुझे लगता है कि मैं बहुत खुश रहकर, बहुत चुलबुलू होकर पछता रही हूं। आपके प्रोग्राम में आप बोलते हो कि हंसते रहो, मस्ती में रहो और खिलखिलाते रहो। लेकिन अब मैं ये करती हूं तो लोग उसपर नाराज होने लगे हैं। उन्हें लगता है कि ये इतनी खुश क्यों है? इतना नाचती क्यों रहती है? दुखी रहना ही क्या ट्रेंड हो गया है क्या जमाने में? मतलब मुझे हर जगह अपनी समझदारी दिखानी है, हर जगह गंभीर होना है जिससे लोग मुझे स्वीकार सकें?" यह भी पढ़ें: Karishma Tanna की हुई तीन शादियां, खुलासे ने उड़ाए फैंस के होश, वरुण से पहले किन दो संग लिए थे फेरे?

फोटो क्रेडिट- इंस्टाग्राम
आकांक्षा चमोला (Akanksha Chamola) की बातें सुनकर आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रवि शंकर ने कहा, "लोग स्वीकारें या नहीं, क्या फर्क पड़ता है।" उनकी बातों पर आकांक्षा चमोला ने कहा कि मुझे तो वैसे भी फर्क नहीं पड़ रहा है। वहीं श्री श्री रविशंकर ने कहा, "तो अपना मस्ती में रहो ना फिर, और क्या। गाना है ना कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। फिर भी मैं एक और बात बताऊं आपको। फिर भी कई बार लोग हमारी खुशी समझ नहीं पाते तो थोड़ा सा नियंत्रित अंदाज में उन्हें दिखाना चाहिए। पूरा नहीं दिखाना चाहिए। गंगा जी यानी ज्ञान तो जब गंगा धरती पर उतरी तो लोग उसे संभाल नहीं पाते। तो शिव जी ने अपनी जटा में बांधकर थोड़ी सी धारा छोड़ी। जहां पर जितने लोग समझते हैं उतना ही दिखाओ, बाकी अपना अपने में बांधकर रखो।"
