Asim Riaz And Mridul Tiwari Supported Students Protest: देश की राजधानी दिल्ली में छात्रों का प्रदर्शन जारी है। 20 जुलाई को बड़े पैमाने पर छात्र नई दिल्ली में एकत्रित हुए थे, जहां उन्होंने बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। लेकिन इस प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज का मामला भी सामने आया। इससे जुड़े वीडियोज तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसे लेकर लोगों में आक्रोश देखने को मिला। छात्रों के खिलाफ हुई हिंसा पर कई बॉलीवुड और टीवी स्टार्स ने आवाज उठाई। वहीं अब एक्टर आसिम रियाज ने भी पोस्ट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने साफ कहा कि छात्रों के साथ ये व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। दूसरी ओर मृदुल तिवारी ने छात्रों के समर्थन में वीडियो पोस्ट किया है। टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें: 'एंटी-नेशनल तत्व से हाईजैक न हो'- छात्र प्रदर्शन पर प्रीति जिंटा का ट्वीट वायरल, लोग बोले- स्क्रिप्ट मिल गई...
छात्रों के समर्थन में मृदुल तिवारी (Mridul Tiwari) ने भी वीडियो साझा किया। उन्होंने कहा, "अपनी वाहवाही का झंडा खुद गाड़ लेने से अगर हम सबसे ज्यादा महान, सबसे ज्यादा सुपर बनें तो ये सबसे बड़ी भूल है हमारी। श्रीलंका में जब प्रदर्शन हुआ था, तब लोग वहां के सरकारी दफ्तर में घुस रहे थे। तब हम ही लोग उन्हें देखकर हंस रहे थे, मजाक बनाते थे और बोले थे कि देखो भ्रष्टाचार, देश में कोई व्यवस्था नहीं है। लेकिन आज ऐसे ही जब हमारे भारत देश के रील्स, वीडियोज और फोटोज दूसरे देश के पास जाते होंगे तो वो भी ऐसे ही बोलते होंगे कि भारत के क्या हालात हैं। लेकिन हम कहते हैं कि हम सबसे ऊपर हैं, किस बात में ऊपर हैं? शिक्षा की क्या व्यवस्था है, आपके सामने है, स्वास्थ्य की क्या व्यवस्था है वो आपके सामने है। फिर भी हम सबसे ऊपर? हम सबसे ऊपर हैं प्रदूषण में, जनसंख्या में। और हम ये बोलते हों कि विदेशों में हमारी इज्जत है, तो मजाक कर रहे हो आप अपने साथ। कोई भारतीय टूरिस्ट को पसंद नहीं करता है। कोई बहुत खुश नहीं होता है हमसे मिलकर।"

Abhishek Kumar ने छात्रों के समर्थन में की पोस्ट
मृदुल तिवारी (Mridul Tiwari) यहीं नहीं रुके। उन्होंने कैप्शन में आगे लिखा, "जब हमारे देश के छात्र सड़कों पर अपनी आवाज उठाने को मजबूर हों, तो यह सिर्फ उनकी लड़ाई नहीं होती। यह हम सबकी जिम्मेदारी बन जाती है। छात्र किसी भी देश का भविष्य होते हैं। उनकी बात सुनी जानी चाहिए, उन्हें सम्मान मिलना चाहिए।"
