Diljit Dosanjh on Satluj Ban: पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) की फिल्म 'सतलुज' (Satluj) कई सालों पर होल्ड किए जाने के बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज किया गया था। यह मूवी मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी पर बेस्ड है। इस मूवी को जी5 ने ऑनलाइन रिलीज करने के 48 घंटों बाद हटा दिया है। फिल्म के डायरेक्टर हनी त्रेहन हैं। ZEE5 ने फिल्म को हटाने की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से दी है, उन्होंने कहा कि "मौजूदा घटनाओं" की वजह से यह भारत में आगे नोटिस तक स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध नहीं रहेगी। 'सतलुज' के बैन होने पर अब दिलजीत दोसांझ ने अपना पहला पोस्ट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने फिल्म पर लगे बैन पर रिएक्शन दिया है। (टाइम्स नाउ नवभारत पर इसे भी पढ़ें: ZEE5 ने हटाई Diljit Dosanjh की 'सतलुज', OTT प्लेटफॉर्म ने जारी किया बयान)
'सतलुज' विवाद पर पहली बार बोले दिलजीत दोसांझ
दिलजीत दोसांझ ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि सतलुज फिल्म का वही हाल है, जो मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खलरा जी का हुआ था। उन्होंने लिखा, 'शहीद जसवंत सिंह खलरा जी के साथ जो हुआ था, वो ही पंजाब 95 सतलुज के साथ हुआ है।' दिलजीत दोसांझ ने इस मूवी की एक क्लिप भी शेयर की है। (टाइम्स नाउ नवभारत पर इसे भी पढ़ें: होम्बले फिल्म्स संग Hrithik Roshan की फिल्म को डायरेक्ट नहीं करेंगे Parasuram Petla !! खबरें निकलीं गलत)
क्या है जसवंत सिंह खालरा की कहानी...
जसवंत सिंह खालरा पंजाब के एक मानवाधिकार कार्यकर्ता थे। उन्हें राज्य में मिलिटेंसी के समय और उसके बाद अपने काम के लिए जाना जाता है। उस समय पंजाब में बहुत डर, हिंसा, सरकारी कार्रवाई और बेचैनी थी। खालरा ने उन लोगों की खोज शुरू की जो गायब हो गए थे या पुलिस की कस्टडी में मारे गए थे। उनके काम से पंजाब में अवैध हत्याओं और सीक्रेट तरह से अंतिम संस्कार करने के आरोप सामने आए। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने उन्हें मानवाधिकार रक्षक बताया। उन्होंने कहा कि 6 सितंबर 1995 को पुलिस ने उनके घर के बाहर से उन्हें गिरफ्तार किया था। उसके बाद उन्हें कहीं नहीं देखा गया।
