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UP Flood : पहाड़ों पर बारिश से उफनाईं यूपी में नदियां, बाढ़ की चपेट में कछार; कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश और पहाड़ों पर जारी बारिश के कारण गंगा, सरयू, यमुना और घाघरा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। खासकर, गंगा और सरयू किनारे बसे गांव बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोग पलायन कर रहे हैं।

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गंगा का जलस्तर बढ़ा

लखनऊ : पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और प्रमुख बैराजों से नदियों में बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद उत्तर प्रदेश की कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे कटरी क्षेत्र का बड़ा हिस्सा बाढ़ की चपेट में है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी में बढ़ा हिस्सा डूब गया है, जिससे लोग पलायन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग, जिला प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को सतर्क कर दिया गया है। वहीं, आईएमडी ने राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी रखा है।

बिजनौर में हरिद्वार बैराज से गंगा में 1.80 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। जिला आपातकालीन नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिया गया है। आपदा प्रबंधक प्रशांत सक्सेना ने बताया कि ’सचेत’ ऐप के जरिए अग्रिम चेतावनी मिल रही है और मौसम विभाग की चेतावनी के बाद संबंधित अधिकारियों, ग्राम प्रधानों तथा आपदा मित्रों को हर दो घंटे में मौसम और जलस्तर की जानकारी दी जा रही है।

बाढ़ से निपटने का बड़ा प्लान

ग्रामीणों को चौपालों के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। बाढ़ से निपटने के उपकरण तहसील स्तर पर पहुंचा दिए गए हैं तथा नौकाओं, नाविकों और गोताखोरों की पहचान कर ली गई है। जिले में 24 संवेदनशील और पांच अति संवेदनशील स्थान चिह्नित किए गए हैं। गंगा और खो नदी के जलस्तर की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।

जलीलपुर विकासखंड के दतियाना, रायपुर खादर और मीरापुर सीकरी समेत कुछ गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भरने के बाद 10 और 25 यात्रियों की क्षमता वाली दो नौकाएं तैनात की गई हैं। चार बाढ़ राहत चौकियां और जिलेभर में 32 बाढ़ चौकियां तथा 35 आश्रय केंद्र सक्रिय किए गए हैं। 11 प्रभावित गांवों में करीब 300 राशन किट बांटी जा चुकी हैं और अतिरिक्त राहत सामग्री सुरक्षित रखी गई है।

खतरे के निशान से पार सरयू नदी

बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान से करीब 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है और उसका अधिकतम बहाव 4.35 लाख क्यूसेक से अधिक है। इसके बावजूद कई संवेदनशील गांव कटाव से सुरक्षित हैं। बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता शशिकांत सिंह ने बताया कि बाढ़ के मौसम से पहले नदी किनारे ’जियोबैग स्टड’, ’पोरपाइन’, ’स्पर’ और ’रिवेटमेंट’ जैसे सुरक्षात्मक उपाय किए गए थे। इनसे नदी की मुख्य धारा को एक किनारे से दूसरे किनारे की ओर मोड़ने में मदद मिली और कटाव सीमित रहा। प्रशासन के अनुसार, फिलहाल बाढ़ की स्थिति सामान्य और नियंत्रण में है तथा आबादी वाले इलाके सुरक्षित हैं। एहतियात के तौर पर बाढ़ राहत पीएसी कर्मियों को भी तैनात किया गया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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