Toxic Review: 'टॉर्चर' है यश की 'टॉक्सिक'

Toxic Review in Hindi: डायरेक्टर गीतू मोहनदास की टॉक्सिक संगमरमर के उस ताजमहल की तरह है, जो बाहर से कमाल की लगती है लेकिन अंदर जाकर पता चलता है कि इसमें रहता कोई भी नहीं है।

Rahul SharmaAuthored by: Rahul SharmaUpdated Aug 26 2026, 15:58 IST

क्रिटिक्स रेटिंग
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2.0

3D Action
Release Date

Aug 26, 2026

Duration

3 hr 14 mins

toxic movie review: yash nayanthara kiara advani and huma qureshi gangster drama have swag and style but not emotional heart

Toxic Review in Hindi: हर फैसले की एक सही कीमत होती है और टॉक्सिक का फर्स्ट डे, फर्स्ट शो देखकर मैंने वो कीमत अपनी नींद से चुकाई है। अब आप ही बताइए कि केजीएफ वाले यश को पर्दे पर कौन दोबारा नहीं देखना चाहता है, केजीएफ वाला यश हमें पसंद इसलिए आया था क्योंकि वो अपनी एक दर्दभरी कहानी स्वैग के साथ सुनाने के लिए आया था। अगर वही यश हमें सिर्फ अपना स्वैग दिखाने आ जाए तो हम भी बोलेंगे ना कि भाई क्या टॉक्सिकपना है...? फिल्म टॉक्सिक की परेशानी यही है कि इसमें वो सबकुछ है, जो केजीएफ सीरीज के बाद आने वाली यश की मूवी में होना चाहिए था लेकिन अधपका सा...।

फिल्म टॉक्सिक की कहानी राया नाम के एक लड़के की है, जिसको उसकी बहन गंगा (नयनतारा) ने पालकर बड़ा किया है। 1947 के दौरान गोवा पर पूर्तगालियों का कब्जा है और वहां पर गैरकानूनी धंधे धड़ल्ले से चल रहे हैं। गंगा का सपना है कि उसका भाई राया गोवा की गद्दी पर बैठे और इसके लिए अगर उसे खून की नदियां भी बहानी पड़ें तो बहा देगी। जैसे-जैसे राया बड़ा होता है, वैसे-वैसे गंगा का सपना आकार लेने लगता है क्योंकि गोवा का सबसे बड़ा माफिया उस पर अपना हाथ रख देता है और अपनी बेटी रेबिका (तारा सुतारिया) की शादी उससे करने को तैयार हो जाता है लेकिन तभी राया की किस्मत पलटी मारती है और उसकी जिंदगी में नाडिया (कियारा आडवाणी) आ जाती है। नाडिया, राया को उसके अंदर छुपा वो इंसान दिखाती है जो खून-खराबा करते-करते मर सा गया था। गोवा का किंग बनते-बनते राया इश्क की उस गली में चल देता है, जिसके बाद उसकी जिंदगी पूरी तरह से बदल जाती है।