मोहित रैना स्टारर सीरीज द फ्रीलांसर का कनक्लूजन पार्ट ओटीटी प्लेटफॉर्म हॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रहा है। इसमें आलिाय को सीरीया से निकालने की कहानी है। पढ़िए यह रिव्यू।
आजकल ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को अपनी हर सीरीज को दो पार्ट निकालने का चस्का लग गया है। इस लिस्ट में सबसे टॉप पर हॉटस्टार का नाम है। द नाइट मैनेजर की सफलता के बाद प्लेटफॉर्म यही स्टैटजी अपना रहा है। अब हाल ही में उन्होंने नीरज पाण्डेय के क्रिएशन में बनी सीरीज द फ्रीलांसर का कनक्लूजन पार्ट रिलीज किया है। इसमें कहानी आलिया को बचाने की है।
कहानी आगे की...
आलिया सीरीया में फंसी हुई है, अविनाश उसे बचाने की जुगत में लगा हुआ है। आलिया अविनाश के दोस्त इनायत की बेटी है, जिसे धोखे से सीरिया ले जाया गया है। यहां उसे बताया जा रहा है कि उसका इस धरती में आना एक मकसद है। ब्रेन वॉश का काम किया जा रहा है, लेकिन आलिया मजबूत इरादों की है। वह किसी भी धर्म के ठेकेदारों के जाल में नहीं फंसना चाहती है। किसी प्रकार से वह अपनी मां के संपर्क में आती है और फिर अविनाश तक पहुंचती है। आलिया को अविनाश समझाता है और अपना प्लान बनाता है। वह अपनी टीम को बुलाता है, जो आलिया को बचाने में उसकी मदद भी करते हैं। इधर मुंबई में बैठे डॉक्टर खान भी अविनाश को प्लान बताते रहते हैं। अविनाश इस मिशन के लिए अमेरिकी एजेंसी CIA की भी मदद लेता है, पहले उसे हां कह दिया जाता है। बाद में समय आता है कि अमेरिकी एजेंसी हांथ खड़े कर लेती है। अब अविनाश अकेला है और उसने इनायत की बीबी को वादा कर दिया है कि वह आलिया को वापस सुरक्षित लेकर आएगा। उसके पास प्लान तो हैं, लेकिन धीरे-धीरे सब फ्लॉप हो रहे हैं। अब अविनाश सीरीया से आलिया को कैसे निकालेगा? यह थ्रिल आपको सीरीज देख ही लेना होगा।
मोहित पर भारी पड़ीं कश्मीरा
सीरीज की में इस बार मोहित यानी अविनाश कामत और कश्मीरा परदेशी यानी आलिया पर फोकस रहा है। अविनाश ने काम अच्छा किया है, लेकिन कहीं कहीं ऐसा लगता है कि वह थक गए हैं। भागने वाले सीन में उनके चेहरे यह साफ तौर पर दिखता है। सीरीज के कनक्लूजन पार्ट में कश्मीरा परदेशी ने अपनी छाप छोड़ी है। डॉक्टर खान के रोल में अनुपम खेर ने संदीगी दिखाई है। आएशा रजा मिश्रा का काम इस पार्ट में कम देखने को मिलता है, इसके बाद भी उन्होंने अपनी प्रजेंस दिखाई है। जॉन कोक्केन ने अपना काम बतौर इंटेलिजेंस ऑफिसर बेहतर किया है। वहीं, साराह जेन को भी देखने सुखद रहा है। बाकी एक्टर्स ने भी अपने हिस्से का काम अच्छे तरीके से किया है।
रियल कहानी को पर्दे पर उतारा
द फ्रीलांसर सीरीज शिरीष थोटे की किताब अ टिकिट टू सीरिया पर बेस्ड है। इसे फिल्म मेकर नीरज पांडेय और रितेश ने लिखा है। नीरज ऐसे कंटेंट में काम करने के लिए जाने जाते हैं। इस बार भी उन्होंने अपने आपको साबित किया है। सीरीज में थोड़ा थ्रिल भी पैदा होता है। भव धूलिया ने इसे डायेरक्ट किया है। इस शो के क्रिएटर नीरज हैं और फ्रेम्स पर उनकी छाप भी दिखती है।
नफरती लोगों की पहचान जरूरी
सीरीज में दिखाया गया है कि कैसे एक अच्छा पढ़ा लिखा परिवार दहशतगर्दों के निशाने में आ जाता है। उनके ब्रेन वॉश से वह सब कुछ छोड़ दुनिया में दहशत फैलाने निकल जाता है। ऐसे लोग हमारे समाज में ही हैं, इन्हें पहचानना और बचना जरूरी है। जरूरी यह भी है कि आप अपने धर्म या मान्यता पर खुद की ही बात माने, किसी दूसरे की बात सुन फैसला ना लें। द फ्रीलांसर देख यह चीज आपको समझना चाहिए।