7 Dogs Movie Full Review: फिल्म 7 डॉग्स इंडिया में रिलीज हो गई है। इस फिल्म को लेकर काफी बज बना हुआ है। अगर आप भी इस वीकेंड फिल्म 7 डॉग्स को देखने के प्लान बना रहे हैं, तो ये रिव्यू आपके काफी काम आने वाला है। इस रिव्यू में हम आपको फिल्म की अच्छाई के साथ-साथ कमी भी बताने वाले हैं।
फिल्म 7 डॉग्स का रिव्यू
7 Dogs Movie Full Review: '7 डॉग्स' एक सऊदी अरबियन एक्शन थ्रिलर फिल्म है जो 21 अगस्त 2026 को इंडिया में रिलीज हुई है। डायरेक्टर हैं आदिल अल अरबी और बिलाल फल्लाह। लीड रोल में हैं अहमद एज्ज और करीम अब्देल अजीज। सलमान खान और संजय दत्त स्पेशल अपीयरेंस में हैं। फिल्म इंटरपोल ऑफिसर और एक क्रिमिनल की जोड़ी की कहानी है जो ड्रग्स गैंग को रोकने निकलते हैं। अगर आप भी इस फिल्म को देखने के प्लान कर रहे हैं, तो ये रिव्यू आपके काफी काम आने वाला है। इस रिव्यू में हम आपको फिल्म में क्या अच्छा है के साथ-साथ क्या कमी है ये भी बताने वाले हैं।
फिल्म 7 डॉग्स की कहानी इंटरपोल ऑफिसर खालिद अल-अज्जी (अहमद एज्ज) से शुरू होती है। वो विमान में घाली अबू दवाऊद (करीम अब्देल अजीज) को पकड़ता है और उसे 15 साल की सजा दिलवाता है। खालिद फील्ड जॉब छोड़कर डेस्क जॉब पर आ जाता है और शादी की तैयारी करने लगता है। तभी उसे नया मिशन मिलता है '7 डॉग्स' नाम के खतरनाक गैंग की ड्रग्स शिपमेंट को रोकना। घाली को जेल से निकालकर खालिद के साथ जोड़ा जाता है। दोनों को मिलकर मिडल ईस्ट में ड्रग्स पहुंचने से रोकना है। कहानी में एक्शन, सस्पेंस और कुछ इमोशन हैं। सलमान खान जोहर और संजय दत्त रंजीत के रोल में आते हैं।
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत एक्शन सीक्वेंस हैं। हर सीन स्टाइलिश और तेज है। विमान वाला शुरूआती सीन बहुत जोरदार है। डायरेक्टर्स ने एक्शन को बहुत अच्छे से शूट किया है। अहमद एज्ज और करीम अब्देल अजीज दोनों अच्छे हैं। खालिद स्मार्ट ऑफिसर लगता है और घाली सस्पेंस बनाए रखता है। सलमान खान और संजय दत्त का स्पेशल अपीयरेंस फिल्म में देसी तड़का डालता है। सलमान खान और संजय दत्त फिल्म के लीड स्टार नहीं हैं, बल्कि दोनों खास रोल में नजर आते हैं। फिर भी दोनों की मौजूदगी फिल्म के लिए बड़ा अट्रैक्शन है। दोनों को एक इंटरनेशनल एक्शन फिल्म में साथ देखना उनके फैंस के लिए खास मौका है। फिल्म में दोनों की मौजूदगी ने रिलीज से पहले ही काफी चर्चा बटोरी थी। मोनिका बेलुची का रोल भी मजबूत है। फिल्म तेज चलती है, बोर नहीं करती। एनिमे स्टाइल ग्राफिक्स और म्यूजिक भी सीन को सपोर्ट करते हैं।
फिल्म में कुछ कमियां हैं। कहानी थोड़ी साधारण और प्रेडिक्टेबल लगती है। कई ट्विस्ट ऐसे हैं जिन्हें पहले ही समझना आसान हो जाता है। यही वजह है कि फिल्म देखने के दौरान रोमांच कुछ जगह कम हो जाता है। खालिद की मां और रबाब (हनना अल अजाद) जैसे किरदारों को कम स्कोप मिला है। दूसरे हाफ में पेस थोड़ी धीमी हो जाती है। सलमान खान और संजय दत्त का स्क्रीन टाइम बहुत कम है, जिसकी वजह से फैंस थोड़ा निराश हो सकते हैं। कुछ जगह कहानी को और मजबूत किया जा सकता था। फिल्म में अलग-अलग देशों और शहरों का माहौल दिखाने की कोशिश की गई है, लेकिन हर जगह ये कोशिश सफल नहीं होती। खासकर मुंबई वाले हिस्से में सेट और कंप्यूटर से बनाए गए विजुअल थोड़े नकली लगते हैं।
अब सवाल आता है कि फिल्म '7 डॉग्स' को देखने चाहिए या नहीं। तो अगर आपको तेज एक्शन, स्टाइलिश फाइट्स और इंटरनेशनल थ्रिलर पसंद है तो '7 डॉग्स' थिएटर में जरूर देखो। अहमद और करीम की केमिस्ट्री, जोरदार एक्शन और सलमान-संजय का तड़का फिल्म को देखने लायक बनाता है। बड़े स्क्रीन पर एक्शन का मजा दोगुना होगा। लेकिन अगर आप फिल्म में मजबूत कहानी, शानदार किरदार और लगातार नए ट्विस्ट चाहते हैं, तो ये फिल्म आपको उतना प्रभावित नहीं करेगी। कहानी काफी साधारण है और कई जगह फिल्म जरूरत से ज्यादा अपने एक्शन और विजुअल पर भरोसा करती है।