Emergency Movie Review: कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी बड़े पर्दे पर रिलीज हो गई है। इस पॉलिटिकल-बायोग्राफी में भारतीय पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जिंदगी को फिल्मी पर्दे पर उतारा गया है। कंगना की इस फिल्म को बड़े पर्दे पर देखने जाना चाहिए? यहां इस रिव्यू को पढ़कर इसका जवाब खोजते हैं।
Emergency Movie Review
Emergency Movie Review: परिवार बड़ा या सत्ता? जनता बड़ी या कुर्सी? गलती बड़ी या उसका पछतावा? फिल्म इमरजेंसी को देखकर आपको सिर्फ भारतीय पूर्व प्रधानमंत्री इंदिया गांधी की जिंदगी और इमरजेंसी के बारे में ही जानकारी नहीं मिलने वाली, बल्कि इन सभी सवालों के जवाब भी भली-भांती मिलेंगे। "बहुत सीरियस है", "इतनी पॉलिटिक्स मुझसे नहीं झेली जाएगी" अगर आप ऐसा बोलने वाले इंसानों में से हैं तो कंगना रनौत की यह फिल्म, आपके लिए नहीं है। यह एक ऐसी फिल्म है जिसे देखना शायद सब के बस की बात नहीं। क्योंकि फिल्म में बिना मतलब को रोमांस या इंटरटेन करने के लिए फालतू के गाने नहीं डाले गए हैं। मूवी को काफी हद तक रियल रखा गया है, ताकी दर्शकों तक सच्चाई परोसी जाए। यहां फिल्म के रिव्यू पर नजर डालते हैं।
फिल्म की कहानी एक बच्ची से शुरू होती है, जिसे अपनी बुआ नहीं पसंद। उनकी शिकायत लगाने वह अपने दादू के पास जाती है, जहां उसे अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी सीख मिलती है। जिसके बाद इंदिया गांधी के उनके पति फिरोज गांधी, पिता जवाहर लाल नेहरू के साथ रिश्ते पर रौशनी डाली जाती है। जिस तरह से कहानी आगे बढ़ती है, धीरे-धीरे हम एक इंसान के तौर पर इंदिया गांधी को बढ़ता हुआ भी देखते हैं। जिस तरह से उनके भीतर एक आत्मविश्वास बढ़ता रहता है। मूवी में भारत-पाकिस्तान युद्ध, दूरे देशों के साथ भारत के रिश्ते और भारतीय आपातकाल के समय को दिखाया जाता है। कहानी इंदिया गांधी की जिंदगी पर, सच्चाई की रौशनी डालने का एक प्रयास है।
कंगना रनौत, पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी के रोल में बेहतरीन दिख रही हैं, उनकी परफॉर्मेंस शब्दों से परे है। कंगना की एक्टिंग देख किसी को भी हैरानी हो सकती है। फिल्म देख एक पल के लिए आप भूल जाते हैं कि वास्तव में यह भूमिका कंगना निभा रही हैं या खुद इंदिरा गांधी। जयप्रकाश नारायण के रूप में अनुपम खेर भी अच्छे दिखे हैं। पुपुल जयकर के रूप में महिमा चौधरी, जगजीवन राम के रूप में सतीश कौशिक, और अटल बिहारी वाजपेयी के रूप में श्रेयस तलपड़े ने भी ठीक-ठाक काम किया है। हालांकि, यह हर कंगना रनौत स्टारर फिल्म में एक ट्रेंड बन गया है जहां वह बाकी एक्टर्स पर भारी पड़ती है, "आपातकाल" भी एक ऐसी ही फिल्म है।
इस फिल्म के जरिए कंगना रनौत ने अपना डायरेक्टोरियल डेब्यू भी किया है। डायरेक्टर की कुर्सी पर भी कंगना का काम बेहतरीन नजर आया है। जिस तरह के सीन और फिल्म के पेस उन्होंने एक डायरेक्टर के तौर पर जारी रखी है, वह सच में तारीफ के काबिल है। मूवी के कई सीन, भयानक लगते हैं पर फिल्म की सबसे अच्छी चीज उनका बैकग्राउंड स्कोर और इसके गाने हैं।
अगर आप इंदिया गांधी की जिंदगी और भारतीय आपातकाल के बारे में जानने के लिए इंडस्टेड हैं तो यह फिल्म आपके लिए ही है। मूवी एक्टिंग की मास्टर क्लास भी है। हमारे हिसाब से फिल्म को बड़े पर्दे पर यकीनन देखा जा सकता है।