Chand Mera Dil Review: बॉलीवुड में एक बार फिर रोमांस और इमोशन्स से भरी फिल्म ने दस्तक दी है। अनन्या पांडे और लक्ष्य स्टारर चांद मेरा दिल आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म में प्यार, रिश्तों और संघर्ष की कहानी दिखाई गई है। अगर आप यह मूवी देखने का प्लान बना रहे हैं, तो पहले हमारा यह रिव्यू जरूर पढ़ लें।
कमजोर स्क्रीनप्ले की बली चढ़ गई अनन्या-लक्ष्य की मूवी (pic credit-movie poster)
Chand Mera Dil Review: बॉलीवुड का रोमांस और इमोशनल ड्रामा फिल्मों से हमेशा खास रिश्ता रहा है। 90 के दशक में आई आशिकी ने लव स्टोरी फिल्मों को एक नई पहचान दी थी। इसके बाद आशिकी 2 और सैयारा जैसी फिल्मों ने भी दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। अब इसी कड़ी में अनन्या पांडे (Ananya Panday) और लक्ष्य की फिल्म चांद मेरा दिल (Chand Mera Dil) सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। यह फिल्म प्यार, रिश्तों और इमोशन्स से भरी एक रोमांटिक ड्रामा कहानी लेकर आई है। क्या फिल्म में अनन्या पांडे ने अपना 100% दिया है? क्या लक्ष्य की एक्टिंग देखने लायक है? क्या यह फिल्म दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बना पाएगी? जानिए सबकुछ हमारे इस खास रिव्यू में। (ये भी पढ़ें-Chand Mera Dil के मेकर्स ने रिलीज से पहले चली बड़ी चाल!! क्या होगी मोटी कमाई?)
चांद मेरा दिल दो इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स आरव रावत और चांदनी प्रसाद की लव स्टोरी है। चांद मेरा दिल दो इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स आरव रावत और चांदनी प्रसाद की लव स्टोरी है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे दोनों पहली नजर में एक-दूसरे से प्यार कर बैठते हैं। कॉलेज में शुरू हुई यह मासूम सी प्रेम कहानी धीरे-धीरे रिश्तों, शादी, करियर, परिवार और जिंदगी की मुश्किलों तक पहुंच जाती है। फिल्म की कहानी एक खुशहाल रोमांस से शुरू होती है, लेकिन बाद में कुछ ऐसा होता है कि दोनों की जिंदगी हमेशा-हमेशा के लिए बदल जाती है।
फिल्म का पहला हिस्सा आपको परेशान कर सकता है। आपको लगेगा कि ये क्या हो रहा है सच्चाई से कोई लेना देना नहीं। पहले हिस्से में फिल्म थोड़ा जल्दी-जल्दी आगे बढ़ता है, जिससे कुछ इमोशनल मोमेंट्स को ज्यादा समय नहीं मिल पाता। हालांकि इंटरवल के बाद फिल्म की कहानी थोड़ी मजबूत हो जाती है। दूसरे हाफ में रिश्तों का असली संघर्ष देखने को मिलता है, जो दर्शकों को भावुक कर देता है। हालांकि फिल्म थोड़ी लंबी लगती है और क्लाइमैक्स का अंदाजा पहले ही हो जाता है। ये कहना गलत नहीं है कि वही सेम कहानी पर लोग नए।
बता दें कि लक्ष्य ने आरव के रोल में बेहतरीन अभिनय किया है। उन्होंने एक ऐसे इंसान की भूमिका निभाई है, जो प्यार तो करता है लेकिन जिम्मेदारियों और समाज के दबाव में गलतियां कर बैठता है। उन्होंने अपना ईमानदारी से किया है। वहीं अनन्या पांडे पर्दे पर बेहद क्यूट और खूबसूरत लग रही हैं लेकिन एक्टिंग थोड़ी फीकी है। फिल्म देखकर ऐसा लगता है कि अनन्या पांडे को अभी बहुत काम करना पड़ता है। पर्दे पर खूबसूरती के साथ-साथ एक्टिंग भी बहुत जरूरी है। फिल्म में परेश पाहुजा, मनीष चौधरी, इरावती हर्षे और चारू शंकर ने भी अच्छा काम किया है। डायरेक्टर विवेक सोनी ने फिल्म में घरेलू हिंसा, रिश्तों में दूरी, अकेलापन और शादी के बाद आने वाली परेशानियों जैसे मुद्दों को भी दिखाया है, लेकिन कहानी वही सेम लगती है आप आसानी से पता लगा लेंगे कि आगे क्या होगा।
अगर आप एक्शन और सस्पेंस वाली फिल्में देख-देखकर थक गए है तो आप अनन्या पांडे और लक्ष्य की फिल्म चांद मेरा दिल दे सकते है। इस मूवी को देखकर आपके अंदर थोड़ा इमोशन जाग सकता है। हम इस मूवी को 3 स्टार रेटिंग देते हैं।