Auron Mein Kaha Dum Tha Review: अजय देवगन और तबू की रोमांटिक फिल्म औरों में कहां दम था रिलीज हो गई है। फिल्म को लेकर दर्शक काफी एक्साइटेड हैं। अगर आप भी इस फिल्म क परिवार के साथ देखने का प्लान बना रहे हैं तो पहले जान लें कैसी है फिल्म।
Auron Mein Kaha Dum Tha (credit Pic: Instagram)
Auron Mein Kaha Dum Tha Review: अजय देवगन (Ajay Devgn), तबू (Tabu) की रोमांटिक फिल्म 'औरों में कहां दम था' सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म में अजय और तबू के यंग ऐज का रोल शांतनु माहेश्वरी और सई मांजरेकर ने किया है। औरों में कहां दम था कृष्णा और वसुधा की प्रेम कहानी है। फिल्म की कहानी में साल 2001 के प्रेम जोड़ी को दिखाया जाता है जो साथ में जीने-मरने की कसम खाते हैं। लेकिन एक भयावह रात को हुई घटना की वजह से कृष्णा और वसुधा हमेशा के लिए अलग हो जाते हैं। दोनों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल जाती है।
Auron Mein Kaha Dum Tha Review: स्टोरीलाइन
कृष्णा ( अजय देवगन) अपने गुस्से की वजह से एक जेल अपराधी है। अपनी युवावस्था में (शांतनु माहेश्वरी) आकर्षक और बुद्धिमान कंप्यूटर इंजीनियर था जो अपनी लाइफ में कुछ बड़ा करना चाहता है। वह मुंबई के एक चॉल में रहने वाला अनाथ है जिसकी मुलाकात वसु (सई मांजरेकर) से होती है। दोनों को एक-दूसरे से बेपनाह प्यार होता है लेकिन एक घटना की वजह से दोनों अलग हो जाते हैं। कृष्णा जेल चला जाता है। 23 सालों बाद उसे अच्छे व्यव्हार की वजह से कृष्णा को जेल से जमानत मिल जाती है। क्या शादीशुदा वसुधा सब कुछ छोड़कर कृष्णा के पास वापस लौट जाएगी। वहीं, कृष्णा अपने अतीत को भूलाकर नई शुरूआत करना चाहते हैं।
Auron Mein Kaha Dum Tha Review: कलाकारों की परफॉर्मेंस
ये एक म्यूजिक्ल रोमांटिक ड्रामा मूवी है जिसमें डॉयलॉग्स से ज्यादा गाने हैं। 2 घंटे 25 मिनट की फिल्म का स्क्रीनप्ले काफी स्लो लगता है। फिल्म अपने मजेदार प्लॉट को भूनाने में नाकमयाब रहती है। फिल्म के निर्देशक नीरज पांडे ने अपने कंफर्ट जोन से हटकर कुछ टाई किया है। फिल्म में अजय की डायलॉग डिलवरी काफी दमदार लगती है। फिल्म में अजय और तबू की लव स्टोरी कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई। स्क्रीन पर दोनों के बीच वो हिचकिचाहट दिखाई दे रही है। अजय ने अपने रोल को निभाने की पूरी कोशिश की है। तबू भी अपने किरदार में ठीक-ठाक लग रही है। जिमी शेरगिल का किरदार कुछ खास नहीं है। फिल्म में शांतनु माहेश्वरी ने शानदार काम किया है। एक्टर ने अपने किरदार में हर रंग को दिखाया है।
Auron Mein Kaha Dum Tha Review: कहां हो गई चूक
औरों में कहां दम था इंटरवल तक ठीक लगती है। लेकिन उसके बाद फिल्म बहुत ही बोरिंग है। फिल्म काफी स्लो है। कहीं भी आपको फिल्म देखकर आप एक्साइटेड नहीं होंगे। फिल्म की कहानी उसकी दुश्मन है।