Vikram Bhatt’s Tormenting Experience From Jail: बॉलीवुड इंडस्ट्री के निर्माता-निर्देशक विक्रम भट्ट (Vikram Bhatt) और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट (Shwetambri Bhatt) को 30 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में बीते साल 7 दिसंबर को मुंबई में राजस्थान पुलिस ने अरेस्ट किया था। यह शिकायत उदयपुर के रहने वाले डॉ. अजय मुर्डिया ने विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी के खिलाफ की थी। इस शिकायत में अजय ने धोखाधड़ी और जालसाजी जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। हालांकि काफी समय तक जेल में बिताने के बाद विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को फरवरी में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी। हाल ही में उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर एक पर्सनल नोट शेयर किया, जिसमें उन्होंने जेल में बिताए समय के दौरान अपनी सेहत से जुड़ी दिक्कतों को याद किया।
विक्रम भट्ट ने जेल की यातनाएं याद कीं
विक्रम भट्ट ने 14 अप्रैल को इंस्टाग्राम और फेसबुक ने एक पर्सनल पोस्ट शेयर किया है। विक्रम भट्ट ने इस पोस्ट के माध्यम से बताया कि जनवरी की ठंड में उनकी तबियत खराब हो गई थी और तेज बुखार भी था। उन्होंने लिखा, 'मुझे बैरक 10 की एक रात याद है। जेल में 3 हफ्ते बिताने के बाद एक रात उन्हें बहुत तेज ठंड लगी और शरीर कांपने लगा था। चार कंबल ओढ़ने और पैरासिटामोल लेने के बाद भी उन्हें आराम नहीं मिला था।' (इसे भी पढ़ें: Diwali 2026 Clash: रणबीर कपूर की 'रामायण: पार्ट 1' से टकराएगी हॉलीवुड की ये मॉन्स्टर मूवी, जानिए नाम)
विक्रम भट्ट ने आगे कहा, 'मेरे ब्लड में ऑक्सीजन लेवल कम जांचा गया और बताया गया कि ठीक हैं। फिर मैंने कहा कि मुझे तेज बुखार है और कांप रहा हूं और आप बोल रहे हो कि ठीक हूं। मैंने डॉक्टर को ‘एक्सियल स्पोंडाइलोआर्थराइटिस’ (Axial spondyloarthritis) नामक ऑटोइम्यून विकार के बारे में बताया, जो तेज बुखार में बिगड़ सकता है।' जेल के बाहर के अस्पताल में ले जाए जाने के बाद भी उन्हें सही इलाज नहीं मिला था। (इसे भी पढ़ें: यश स्टारर 'टॉक्सिक' की रिलीज में नहीं होगा कोई बदलाव, Tara Sutaria ने की पुष्टि)

Vikram Bhat With Wife
विक्रम भट्ट ने अकेले ही तकलीफ का सामना किया
विक्रम भट्ट को कई दिनों तक बैरक में तेज बुखार रहा था और उन्होंने इस तकलीफ का अकेले ही सामना किया। उन्होंने कहा, 'मैंने तेल और नमक खाना खाना बंद कर दिया था और खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए जितना हो सके उतना पानी पिया।' विक्रम भट्ट ने खुद अपना इलाज किया। उन्होंने बताया कि हल्की दवाएं लेने के अलावा के साथ-साथ पास में रखी देवी की प्रार्थना की। वो हमेशा अपने बेहतर होने के बारे में सोचते रहे। वो अकेले में अपनी पत्नी, बच्चों और 90 साल के पिता के बारे में सोचते थे क्योंकि वो जेल में मरना नहीं चाहते थे।
