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उमस में शरीर ज्यादा थका-थका क्यों लगता है, जानिए दिनभर एनर्जेटिक रहने के आसान उपाय

Humidity Fatigue Explained: बारिश के मौसम में उमस की वजह से बिना ज्यादा काम किए भी थकान और सुस्ती महसूस हो सकती है। जानिए इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण और तरोताजा रहने के आसान उपाय।

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उमस में थकावट क्यों होती है और बचने के उपाय

Humidity Fatigue Explained: बारिश का मौसम आते ही गर्मी तो कुछ कम हो जाती है, लेकिन उमस कई लोगों की परेशानी बढ़ा देती है। ऐसे मौसम में बिना ज्यादा काम किए भी शरीर भारी-भारी लगता है, हर समय आलस आता है और काम करने का मन नहीं करता। कई लोगों को लगता है कि शायद नींद पूरी नहीं हुई या कमजोरी है, लेकिन इसकी वजह अक्सर मौसम होता है। दरअसल, जब हवा में नमी ज्यादा होती है तो शरीर को खुद को ठंडा रखने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। यही कारण है कि दिनभर थकान महसूस हो सकती है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान आदतें अपनाकर इस परेशानी से काफी हद तक बचा जा सकता है। आइए जानते हैं कि उमस में ऐसा क्यों होता है और खुद को दिनभर एक्टिव कैसे रखें।

उमस में शरीर जल्दी क्यों थक जाता है

आयुर्वेद की विशेषज्ञ और आशा आयुर्वेद की डायरेक्टर डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं कि हमारे शरीर का एक प्राकृतिक तरीका होता है खुद को ठंडा रखने का। जब गर्मी लगती है तो पसीना निकलता है और उसके सूखने से शरीर का तापमान कम होता है। लेकिन उमस में हवा में नमी ज्यादा होने की वजह से पसीना आसानी से सूख नहीं पाता। ऐसे में शरीर को ठंडा रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। यही वजह है कि बिना ज्यादा काम किए भी थकान, सुस्ती और बेचैनी महसूस होने लगती है।

पानी की कमी भी बढ़ा देती है परेशानी

डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार, उमस वाले मौसम में कई लोगों को प्यास कम लगती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि शरीर को पानी की जरूरत नहीं है। पसीने के जरिए शरीर से लगातार पानी और जरूरी लवण निकलते रहते हैं। अगर समय-समय पर पानी नहीं पिया जाए तो शरीर में पानी की कमी होने लगती है। इसकी वजह से कमजोरी, सिर भारी लगना, चक्कर आना और हर समय थकान महसूस हो सकती है। इसलिए दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। नारियल पानी, छाछ और नींबू पानी जैसे घरेलू पेय भी शरीर को तरोताजा रखने में मदद करते हैं।

खाने-पीने की छोटी गलती भी कर सकती है असर

बता दें कि उमस के दिनों में बहुत तला-भुना, मसालेदार और भारी खाना खाने से शरीर और सुस्त महसूस कर सकता है। ऐसे भोजन को पचाने में शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। बेहतर होगा कि हल्का और ताजा घर का खाना खाएं। मौसमी फल, दही, हरी सब्जियां, दाल और सलाद जैसे खाद्य पदार्थ शरीर को जरूरी पोषण भी देते हैं और दिनभर ऊर्जा बनाए रखने में भी मदद करते हैं। एक बार में बहुत ज्यादा खाने की बजाय थोड़ा-थोड़ा करके खाना ज्यादा फायदेमंद रहता है।

दिनभर एनर्जेटिक रहने के आसान तरीके

अगर आप चाहते हैं कि उमस के बावजूद शरीर हल्का और एक्टिव महसूस करे, तो अपनी रोजमर्रा की कुछ आदतों में बदलाव करें। ढीले और सूती कपड़े पहनें ताकि शरीर को हवा मिलती रहे। तेज धूप में लंबे समय तक रहने से बचें और अगर बाहर जाना पड़े तो बीच-बीच में आराम जरूर करें। सुबह या शाम के समय हल्की सैर या व्यायाम करें। सबसे जरूरी बात, रात में अच्छी नींद लें क्योंकि नींद पूरी नहीं होने पर उमस का असर और ज्यादा महसूस होता है।

कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है

डॉ. चंचल शर्मा सलाह देती हैं कि अगर किसी व्यक्ति को आराम करने, पर्याप्त पानी पीने और सही खानपान के बाद भी कई दिनों तक लगातार बहुत ज्यादा थकान बनी रहे, बार-बार चक्कर आएं, सांस फूलने लगे या दिल की धड़कन तेज महसूस हो, तो इसे सिर्फ मौसम का असर मानकर नजरअंदाज न करें। डॉ. रोमी भाटिया के अनुसार कई बार इसके पीछे खून की कमी, थायरॉयड या दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेकर सही जांच कराना जरूरी होता है। समय पर कारण पता चल जाए तो इलाज भी आसान हो जाता है।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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