तुम्बाड़ (Tumbaad) के निर्देशक आनंद गांधी (Anand Gandhi) ऋषभ शेट्टी (Rishab Shetty) की फिल्म कांतारा (Kantara) से खुश नहीं है। आनंद गांधी ने साल 2013 में Ship Of Thesus और तुम्बाड़ जैसी फिल्म का निर्देशन किया हैं। निर्देशक ने अपनी ट्वीट से एक नई बहस को जन्म दे दिया है। तुम्बाड़ के डायरेक्टर ने ट्वीट कर लिखा, कांतारा तुम्बाड़ जैसी बिल्कुल नहीं है। तुम्बाड़ में हॉरर का इस्तेमाल करने के पीछ मेरा कारण संकीर्ण मानसिकता और टॉक्सिक मैस्क्युलेनिटी को दिखाना था और कांतारा इस चीज को सेलिब्रेट करती हैं।
आनंद गांधी के ट्वीट का कई लोग समर्थन कर रहे हैं। वहीं, कुछ लोग ट्विटर पर उनकी क्लास लगा रहे हैं। ऋषभ शेट्टी की फिल्म कांतारा दर्शकों को खूब पसंद आ रही है। इस फिल्म ने कन्नड़ इंडस्ट्री में कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस फिल्म को हिंदी, तमिल और तेलुगू फिल्म में रिलीज किया गया है। फिल्म को बनाने का बजट 70 करोड़ रुपये है और फिल्म ने वर्ल्ड वाइड 400 करोड़ से अधिक का बिजनेस किया है।
आनंद गांधी ने कांतारा को लेकर किया विवादित ट्वीट
यूजर्स ने लगाई आनंद गांधी की क्लास
कांतारा की कहानी में एक माइथोलॉजिकल एलिमेंट भी है। इस ट्वीट के बाद कई लोग इस बात की चर्चा करते दिखे कि कौन सी फिल्म ज्यादा बेहतर है। एक यूजर ने लिखा, मुझे हैरानी है कि लोग तुम्बाड़ और कांतारा का कंपेयर कर रहे हैं। इन दोनों मं कोई तुलना नहीं है। तुम्बाड़ का बेंचमार्क बहुत ऊंचा है। आनंद मुझे लगता है कि आपने फिल्म को गलत समझ लिया है। कांतारा भूत कोला को सेलिब्रेट करता है। फिल्म की कहानी में कन्नड़ के गांव की प्रर्था को दर्शाया गया है। मर्दानगी वहां की दुनिया का हिस्सा है।
आनंद के इस ट्वीट पर आम जनता ने ही नहीं कई निर्देशकों ने भी आपत्ति जताई है। वासन बाला ने ट्वीट कर लिखा तुम्बाड़ तुम्हारा नहीं राही का आइडिया था। अनुराग कश्यप ने वासन के ट्वीट का स्क्रीन शॉर्ट अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। इसके साथ मुक्के वाला इमोजी बनाया है।
