दिवंगत एक्ट्रेस श्रीदेवी (Sridevi) की चेन्नई स्थित ईस्ट कोस्ट रोड की जमीन को लेकर विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। कोर्ट ने इस मामले में श्रीदेवी के पति बोनी कपूर (Boney Kapoor) और उनकी बेटियों जाह्नवी कपूर और खुशी कपूर को नोटिस भेजा है। साथ ही अगली सुनवाई तक जमीन की मौजूदा स्थिति बनाए रखने को कहा है। आइए पूरी बात जानते है इस रिपोर्ट में...(Times Now Navbharat पर ये भी पढ़ें-61 साल की Disco Shanthi ने शेयर की ऐसी फोटो, फैंस की उड़ गई नींद)
श्रीदेवी की जमीन को लेकर विवाद
बता दें कि यह विवाद चेन्नई में ईस्ट कोस्ट रोड के पास मौजूद करीब 4.7 एकड़ जमीन से जुड़ा है। दरअसल, एमसी शिवकामी, उनके भाई एमसी नटराजन और उनकी मां चंद्रभानु ने इस जमीन पर अपना हिस्सा होने का दावा किया है। उनका कहना है कि करीब 4.7 एकड़ की यह जमीन उनके दादा की थी, इसलिए इस पर उनके परिवार का भी हक है। परिवार ने श्रीदेवी और उनकी बहन के नाम जमीन से जुड़े चार बिक्री कागजों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि ये कागज सही नहीं हैं और इन्हें रद्द किया जाना चाहिए।
श्रीदेवी ने इस साल खरीदी थी जमीन
बता दें कि यह मामला पहले मद्रास हाई कोर्ट गया था। मई में हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बदल दिया और मामला खारिज कर दिया। इसके बाद इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई।वहीं, बोनी कपूर, जाह्नवी कपूर और खुशी कपूर ने कहा कि जब जमीन से जुड़े लोग जिंदा थे, तब उन्होंने जमीन के कागजों पर कोई सवाल नहीं उठाया था। बोनी कपूर ने 2025 में कोर्ट को बताया था कि श्रीदेवी ने यह जमीन 1988 में खरीदी थी। उनके मुताबिक, पहले यह जमीन एमसी संबंदा मुदलियार की थी। उनके तीन बेटे और दो बेटियां थीं। 1960 में परिवार ने आपसी सहमति से जमीन बांट ली थी। इसके बाद श्रीदेवी ने कागजों की जांच कर जमीन खरीदी थी और खरीद के कागज भी दर्ज कराए थे। बोनी ने यह भी बताया था कि तीन लोगों ने इस जमीन में अपना हिस्सा मांगा है। इन लोगों ने खुद को जमीन के मालिक के एक बेटे की दूसरी पत्नी और उनके दो बच्चे बताया था। उन्होंने 2005 में तांबरम तहसीलदार से कानूनी वारिस का प्रमाण पत्र भी लिया था।
बोनी कपूर ने इस प्रमाण पत्र पर भी सवाल उठाया था। उनका कहना था कि जमीन के मालिक का परिवार मायलापुर में रहता था, तो फिर तांबरम के अधिकारी ने यह प्रमाण पत्र क्यों और किस आधार पर दिया? सकता।अब सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद इस प्रॉपर्टी विवाद की अगली सुनवाई का इंतजार है। कोर्ट के अगले आदेश से यह साफ होगा कि श्रीदेवी की इस चर्चित प्रॉपर्टी को लेकर कानूनी विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है।
