Ankit Baliyan Murder Case: सोशल मीडिया पर रातों-रात मशहूर होने और फॉलोअर्स बढ़ाने की सनक इंसान से क्या-कुछ नहीं करवा देती, इसका एक खौफनाक और हैरान करने वाला उदाहरण उत्तर प्रदेश के शामली से सामने आया है। मशहूर हरियाणवी गायक और यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या के मामले में पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जिसने सिर्फ अपने फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए हत्या की झूठी जिम्मेदारी ले ली थी।
पूरा मामला बीते महीने की 26 तारीख का है, जब शामली में जिम से बाहर निकलते वक्त अंकित बालियान की दिनदहाड़े गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक अंकित को 5 गोलियां मारी गई थीं, जिनमें से दो सीधे सिर में लगी थीं। इस सनसनीखेज वारदात के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। इस वीडियो में भूपेन्द्र ढींगरा नाम के एक हरियाणवी गायक ने अंकित बालियान की हत्या करने का दावा किया।
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मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो शुरुआत में यह वीडियो पुलिस के लिए एक बड़ा भटकाव साबित हुआ। हालांकि, जांच अधिकारियों ने समझदारी से काम लिया और इस फर्जी दावे की तह तक पहुंचे। पुलिस अधीक्षक एन पी सिंह के अनुसार, आरोपी भूपेन्द्र ढींगरा को राजस्थान के भरतपुर से हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान भूपेन्द्र ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने सिर्फ अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए फर्जी वीडियो पोस्ट किया था। इस झूठी पब्लिसिटी का असर यह हुआ कि उसके फॉलोअर्स 28 से बढ़कर सीधे 7,500 के पार पहुंच गए। फिलहाल पुलिस ने उस पर कानूनी शिकंजा कसते हुए विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है।
दूसरी तरफ, पुलिस ने फर्जी वीडियो के बहकावे में आए बिना असली गुनहगारों का पीछा जारी रखा। जांच के दौरान पुलिस ने चार मुख्य शूटरों की पहचान की। इनमें से 50-50 हजार रुपये के इनामी दो शूटरों—मोहित और सुमित को पुलिस ने 31 अगस्त को एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। इस एनकाउंटर में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। जिलाधिकारी आलोक यादव ने अब इस पुलिस मुठभेड़ की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं, जिसकी कमान शामली के उप जिलाधिकारी (सदर) को सौंपी गई है। जो भी व्यक्ति इस मामले में साक्ष्य या जानकारी देना चाहता है, वह 14 अक्टूबर को जांच अधिकारी के सामने पेश हो सकता है।
