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Udit Narayan को हार्ट अटैक आने की खबर से फैंस परेशान? मैनेजर ने बताई वायरल मैसेज की सच्चाई

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  • Updated Oct 6, 2022, 12:55 PM IST

बीते दिनों कई बॉलीवुड सितारों को हार्ट अटैक के चलते हमने खोया है और अब दिग्गज सिंगर उदित नारायण को हार्ट अटैक आने की खबर ने फैंस को परेशान कर दिया है। इस खबर पर उदित नारायण के मैनेजर का बयान आया है।

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Udit Narayan को हार्ट अटैक आने की खबर से फैंस परेशान? मैनेजर ने बताई वायरल मैसेज की सच्चाई

Udit Narayan Heart Attack news: बीते दिनों कई बॉलीवुड सितारों को हार्ट अटैक के चलते हमने खोया है। ऐसे में जब कोई नई खबर आती है तो फैंस की ढेंशन बढ़ जाती है। अब बॉलीवुड फ‍िल्‍मों के गानों को अपनी खूबसूरत आवाज से सजाने वाले उदित नारायण को हार्ट अटैक आने की खबर ने फैंस को परेशान कर दिया है। इस खबर पर उदित नारायण के मैनेजर का बयान आया है। फैंस लगातार पूछ रहे हैं कि उदित नारायण कैसे हैं।

उदित नारायण के मैनेजर ने बताया कि सिंगर बिल्कुल ठीक हैं और उन्हें हार्ट अटैक आने की बात सही नहीं है। यह अफवाह कैसे फैली, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं लग पाई है। मैनेजर ने आगे बताया- हमें लगता है कि नेपाल से ये अफवाह फैलाई गई है, क्योंकि जिस नंबर से यह मैसेज सर्कुलेट हो रहा है, वो नेपाल का ही कोड नंबर है। पता नहीं कहां से ये अफवाहें फैल गईं। उदित जी काफी परेशान हैं इन अफवाहों से। लोग कॉल्स कर तबीयत पूछ रहे हैं।

नेपाल से है उदित नारायण का संबंध

नेपाल और भारत के बीच बेटी और रोटी का सम्बन्ध है उसी तरह उनका ननिहाल भारत के बिहार राज्य में है। उदित नारायण के पिता नेपाली थे जबकि मां बिहार से। उदित नारायण का जन्म 1 दिसंबर 1955 को बिहार के सुपौल जिले में हुआ। उदित की मातृभाषा मैथिली हैं और वो बिहार के मिथिलांचल इलाके से आते हैं। उदित ने अपना पहला हिन्दी गाना मोहम्मद रफी के साथ गाया था और वह छा गए। संपूर्ण बॉलीवुड में उन्हें आज भी एक बेहतर गायक माना जाता है।

तमाम भाषाओं में गाए गाने

उदित नारायण उन गायकों में से हैं जिन्‍होंने हिंदी के साथ साथ अन्‍य भाषाओं में भी सुर लगाया। उदित नारायण तमिल, तेलुगू, मलयालम, ओडिया, नेपाली, भोजपुरी और बंगाली भाषा में भी गा चुके हैं। नेपाली फि‍ल्म में उन्होंने बहुत हिट गाने गाए हैं और उनके गीत अधिकतर लोगों को पसन्द है। उनको पांच बार फिल्मफेयर पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। वहीं वर्ष 2009 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया।

कुलदीप राघव
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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