Rani Mukerji on 8 hour shift: बॉलीवुड अदाकारा दीपिका पादुकोण जब से मां बनी हैं, तब से उन्होंने ये रूल बनाया है कि वो एक दिन में केवल 8 घंटे ही काम करेंगी। दीपिका पादुकोण ने ये रूल अपनी बेटी को वक्त देने के लिए बनाया है ताकि वो अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ मैनेज कर पाएं लेकिन इसकी वजह से विवादों में फंसती नजर आ रही हैं। असल में इस रूल की वजह से उनके हाथों से दो फिल्मों लगातार निकली हैं। पहली फिल्म संदीप रेड्डी वांगा की स्पिरिट है और दूसरी कल्कि 2898एडी का सीक्वल है। दीपिका पादुकोण ने इन दोनों फिल्मों के मेकर्स के सामने ये फरमाइश रखी थी कि वो सिर्फ 8 घंटे ही काम करेंगी, जिसके बाद उन्हें दोनों फिल्मों से हाथ धोना पड़ा।
कई लोग दीपिका पादुकोण का इस मामले पर सपोर्ट कर रहे हैं तो कई सारे लोग उनके खिलाफ भी बयानबाजी कर रहे हैं। जो लोग दीपिका की खिलाफत कर रहे हैं, उनका कहना है कि फिल्ममेकिंग क्रिएटिव काम है, जिस कारण टाइम देखकर काम नहीं किया जा सकता है। लोगों की ये बात काफी हद तक सही भी लगती है लेकिन अदाकारा रानी मुखर्जी ने इस मामले पर सबसे संतुलित बात रखी है। रानी मुखर्जी ने कहा है कि कोई किसी को फोर्स नहीं करता है। अगर किसी को 8 घंटे काम करने की बात सही नहीं लगती है तो वो दूसरे कलाकार के साथ काम कर सकता है, इसमें मामला बढ़ाने की क्या बात है?
एएनआई पॉडकास्ट में बात करते हुए दीपिका पादुकोण ने कहा, "मैंने भी अपनी जिंदगी में की बार ऐसे काम किया है। अगर मेरे निर्माता को कोई दिक्कत नहीं है तो मैं फिल्म साइन करती हूं। अगर मेरा निर्माता कहेगा कि ये संभव नहीं है तो मैं फिल्म का हिस्सा नहीं बनूंगी। कोई किसी को फोर्स थोड़े ही न कर सकता है। हां, कुछ फिल्मों को ज्यादा वक्त की जरूरत होती है लेकिन अगर आप सारी चीजें ठीक से प्लान करें तो कोई भी काम असंभव नहीं है।"
रानी मुखर्जी का बयान काफी हद तक ठीक नजर आता है क्योंकि ऐसा नहीं है कि फिल्म इंडस्ट्री में वर्किंग आवर्स को लेकर ही बातें होती हैं। इसके अलावा भी कई सारी चीजें हैं, जो डिस्कस होती हैं। अगर निर्माता और एक्टर उन पर सहमत नहीं होते हैं तो साथ में काम नहीं करते हैं। वैसे आपका वर्किंग आवर्स को लेकर क्या सोचना है, हमें कमेंट में जरूर बताएं।
