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Kishore Kumar: शब्दों को उल्टा पढ़ते और सोने से पहले सिक्के गिनते थे किशोर कुमार, जानें उनके ये अतरंगी किस्से

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  • Updated Oct 13, 2022, 07:18 AM IST

Kishore Kumar Death Anniversary: अपने सदाबहार गीतों से हर दिल पर राज करने वाले किशोर कुमार की आज पुण्यतिथि है। 13 अक्टूबर 1987 को उनका निधन हुआ था। और आज उनकी पुण्यतिथि है। किशोर कुमार अपने अतरंगी अंदाज के लिए मशहूर थे और उनके कुछ किस्से काफी प्रचलित हैं।

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Kishore Kumar: शब्दों को उल्टा पढ़ते और सोने से पहले सिक्के गिनते थे किशोर कुमार, जानें उनके ये अतरंगी किस्से

Kishore Kumar Death Anniversary: बॉलीवुड के सिंगिंग लिजेंड, नायकों को महानायक बनाने वाले किशोर कुमार की आज पुण्यतिथि है। 13 अक्टूबर 1987 को उनका निधन हुआ था। और आज उनकी पुण्यतिथि है। वह अपने जमाने के बाकी गायकों से बिल्कुल अलग थे। किशोर कुमार की आवाज में जितनी विविधता थी, उतनी शायद ही किसी गायक में थी। उनका हर अंदाज जुदा था। उनकी खनकती आवाज में ही संगीत था। उनके गीतों ने उन्हें ही नहीं बल्कि कई फिल्मी हीरो को सुपरस्टार बना दिया। उनकी जिंदगी के कई ऐसे किस्‍से हैं जो लोगों को हैरान करते हैं।

बॉलीवुड में सैकड़ों बेहतरीन गाने गाकर हर दिल पर राज करने वाले किशोर कुमार अपनी आवाज के साथ साथ अनोखे और बेबाक अंदाज के लिए फेमस थे।किशोर कुमार ने अपने करियर में सभी भाषाओं को मिलाकर 1500 से ज्यादा गाने गाए थे। किशोर कुमार उन सिंगर्स में से एक हैं जिन्होंने कभी संगीत की ट्रेनिंग नहीं ली थी। उन्होंने साल 1946 में फिल्म शिकारी से डेब्यू किया था। आभास गांगुली यान‍ि किशोर कुमार को म्यूजिक डायरेक्टर एस.डी बर्मन ने ब्रेक दिया था।

बॉलीवुड में किशोर कुमार को लोग बड़ा ही अतरंगी कहते थे। वह अपनी अजीब हरकतों के लिए भी याद किए जाते हैं। उन्होंने अपने घर के बाहर ‘किशोर कुमार से सावधान’ बोर्ड लगा था। वह शब्दों को उल्टा पढ़ना शुरू कर देते थे। कई बार वो लोगों को अपना नाम भी उल्टा पढ़कर बताते थे।

पैसों से मोहब्बत करते थे किशोर कुमार

कहते हैं कि किशोर कुमार को पैसे से बड़ी मोहब्बत थी। वो अपना एक भी पैसा किसी पर छोड़ते नहीं थे। इसलिए वो रात में सोने से पहले हमेशा सिक्के गिना करते थे। एक बार एक पत्रकार ने उनसे बॉलीवुड की पार्टी में न जाने पर सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें पार्टी में जाना अच्छा नहीं लगता। इसके बदले वो घर पर रहना चाहते हैं। घर पर अपने द्वारा लगाए पेड़-पौधों से वो बातें करते थे।

सरकार ने देश में बैन कर दिए थे गाने

25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में इमरजेंसी की घोषणा कर दी थी। सरकार चाहती थी कि किशोर कुमार इमरजेंसी के 20 सूत्रीय प्रोग्राम को अपनी आवाज दें। किशोर कुमार को बताया गया कि ये सूचना और प्रसारण मंत्री (तत्कालीन) वीसी शुक्ला का आदेश है लेकिन किशोर कुमार ने आवाज देने से मना कर दिया। बस फिर क्या था , इंदिरा सरकार ने उनके गानों पर बैन लगा दिया।

कुलदीप राघव
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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