Exclusive!! Karan Johar Interview: बॉलीवुड की आइकॉनिक फिल्म कुछ-कुछ होता है को पूरे 25 साल हो गए हैं। इस फिल्म के किरदार राहुल अंजली और टीना को लोग आज भी जानते हैं। इस फिल्म में दिखाई गई प्रेम कहानी और दोस्ती को लोग आज भी अपनी दुनिया का हो हिस्सा मानते हैं। यह फिल्म बॉलीवुड डायरेक्टर करण जौहर( Karan Johar) की पहली फिल्म थी जिससे उन्होंने करियर में पहला कदम रखा था। इस फिल्म ने करण का करियर पलट कर रख दिया था। आइए आज उनसे ही जानते हैं कि इतनी बड़ी हिट फिल्म को बनाने वाले करण ने किन किन परिस्थितियों का सामना किया और उन्हें अपनी पहली फिल्म देखकर कैसा लगा था।
Zoom के साथ खास बातचीत में करण जौहर ने कुछ कुछ होता है फिल्म के कई किस्से साझा किए। उन्होंने बताया कि पहली बार जब उनके पिता यश जौहर( Yash Johar) ने यह फिल्म देखी थी तब उनका कैसा रिएक्शन था। उन्हें खुद अपनी फिल्म कैसी लगी। आइए इन सब सवालों के बारे में जानते हैं बॉलीवुड के रोमांटिक फिल्मों के निर्माता करण जौहर से।
पहला सवाल : आपने अपनी यह फिल्म कुछ कुछ होता है कितनी बार देखी है?सिर्फ दो बार मैं अपनी फिल्में बार बार नहीं देखता , क्योंकि मेरा मानना है कि अगर मैं अपनी हो फिल्म को बार बार देखता हूं तो मैं उसने बेहिसाब कमियां नजर आएंगी और कमियां ढूंढते ढूंढते मुझे माइग्रेन हो जाएगा।
क्या इस फिल्म ने आपकी लाइफ बदल दी , क्या यह गेम चेंजर साबित हुई?
यह मेरी पहली फिल्म थी इसे गेम चेंजर तो नहीं कह सकता लेकिन इसने मेरी दुनिया बदल दी।
फिल्म को 25 साल हो गए , जब आप उन दिनों के बारे में सोचते हो कैसा महसूस होता है ?
जब मैं खुद को फिल्म कुछ कुछ होता है के सेट पर देखता हूं तो मुझे लगता है कि वह करण जौहर कोई और था। वह करण 100 किलो का भारी वजन वाला , प्लस साइज , मासूम और सभी चीजों से परे था।आपके पापा यश जौहर आपके बारे में क्या सोचते थे?
मेरे पापा ने मुझे हमेशा सपोर्ट किया है। वह मुझे हमेशा से पैंपर करते आए हैं और हर जगह मेरी तारीफ की। उन्हें हमेशा से लगता था कि मैं एक कामयाब डायरेक्टर बनूगा। मैं जब भी उनसे कहता कि आप मेरी इतनी तारीफ क्यों करते हो तब उनका जवाब होता था कि तुम मेरे बेटे हो मैं नहीं करूंगा तो और कौन करेगा।जब पहली बार फिल्म KKHH देखी तब क्या कहा?मेरी फिल्म देखकर वह रोने लगे और मुझे गले लगा लिया था।
कुछ-कुछ होता है फिल्म की पहली स्क्रीनिंग कैसी थी?फिल्म की स्क्रीनिंग पर मेरी मां, पापा, दोस्त मनीष मल्होत्रा,आदित्य चोपड़ा,काजल आनंद मौजूद थे। लेकिन शाहरुख और काजोल स्क्रीनिंग पर नहीं आ पाए थे। जब फिल्म खत्म हुई तो सबकी आंखों में आसूं थे , मैंने सोचा या तो फिल्म बहुत अच्छी या बहुत बुरी हर कोई फिल्म देखकर रो रहा था। हालांकि आदित्य चोपड़ा ने फिल्म के शुरुआत में कुछ एडिटिंग करने की सलाह भी दी थी।
तो आदित्य चोपड़ा ने इस फिल्म में आपका पूरा साथ दिया था?
हां बिल्कुल आदित्य चोपड़ा मेरे साथ थे। उस समय उन्होंने दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे जैसी लव स्टोरी बनी थी मैं तो ऐसी स्टोरी सपने में भी नहीं बना सकता था। सोचो KKHH के लिए रानी मुखर्जी का नाम किसने सजेस्ट किया?
किसने?
आदित्य चोपड़ा ने, उन्होंने रानी मुखर्जी की फिल्म राजा की आएगी बारात का ट्रेलर देखा था और मुझे भी देखने के लिए कहा था। उसके बाद ही हमने रानी को सिलेक्ट किया था। जब रानी मुखर्जी ने कोई मिल गया गाने पर पहला स्टेप दिया था मैं तभी समझ गया था कि वह बहुत बड़ी स्टार बनने के लिए तैयार हैं।
बॉलीवुड में आपको पॉप कल्चर का किंग किसने बनाया?
आपको ऐसा लगता है तो बहुत बहुत धन्यवाद, लेकिन मैं कोशिश करता हूं कि मैं आदमियों से ना घिरा रहूं।
आदमियों से न घिरा रहूं से आपका मतलब?
मैं उन नौजवान लोगों के साथ काम करना पसंद करता हूं जो गलत चीज होने पर उसे गलत कहें। मैं हमेशा से यंग लोगों के साथ काम करने को प्राथमिकता देता हूं और उनसे बहुत कुछ सीखता हूं। दूसरे डायरेक्टर को देखता हूं और उनसे प्रेरणा लेने की कोशिश करता हूं।
